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5 Big changes related to tax: इनकम टैक्स स्लैब नहीं बदला, लेकिन फिर भी बजट में हुए हैं टैक्स से जुड़े ये 5 बड़े बदलाव!

5 Big changes related to tax: इस बार के बजट में नौकरीपेशा को काफी निराशा हुई है। इस बार टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, इस बजट के जरिए टैक्स में 5 बड़े बदलाव हुए हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में।

नवभारतटाइम्स.कॉम 1 Feb 2021, 9:49 pm
5 Big changes related to tax: आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का बजट पेश किया है। इस बजट से नौकरीपेशा लोगों को बहुत उम्मीदें थीं। उम्मीद की जा रही थी इस बार करीब 7 साल बात टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाई जाएगी और साथ ही 80सी के तहत निवेश पर टैक्स छूट की सीमा को भी 1.5 लाख से बढ़ाया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस बजट के बाद तो ये बात भी होने लगी है कि टैक्स से जुड़ी तो कोई बड़ी घोषणा हुई ही नहीं। भले ही इस बार नौकरीपेशा को मोदी सरकार ने कुछ नहीं दिया, लेकिन टैक्स से जुड़ी 6 बड़ी घोषणाएं की हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
नवभारतटाइम्स.कॉम 5 big changes related to tax income tax slabs unchanged but budget 2021 has these 6 tax related announcements
5 Big changes related to tax: इनकम टैक्स स्लैब नहीं बदला, लेकिन फिर भी बजट में हुए हैं टैक्स से जुड़े ये 5 बड़े बदलाव!


1- वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत

इस बार के बजट में बुजुर्गों को बड़ी राहत मिली है। वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा की है कि 75 साल के अधिक की उम्र के ऐसे लोगों को आईटीआर भरने की जरूरत नहीं होगी, जो सिर्फ पेंशन या बैंक के ब्याज से होने वाली आय पर निर्भर हैं। अगर उनकी दूसरे सोर्सेस से भी कमाई हो रही है, चाहे वह रेंट हो या फिर कुछ और तो उन पर हमेशा की तरह आईटीआर भरने की बाध्यता होगी।

2- अब 6 नहीं, 3 साल में दोबारा खोले जा सकेंगे टैक्स केस

इस बजट में टैक्स असेसमेंट के केस को दोबारा खोले जाने की अवधि को 6 साल से घटाकर 3 साल करने का भी ऐलान किया गया है। इससे बड़ा फायदा ये होगा कि करदाताओं को लंबे समय तक अनिश्चितता में नहीं रहना होगा। गंभीर मामलों में भी जहां एक साल में 50 लाख रुपये या उससे अधिक की टैक्स चोरी के सबूत मिलते हैं, उन्हें भी 10 साल में दोबारा खोला जा सकेगा।

3- ITR भरना हुआ और आसान

अभी तक आईटीआर भरने के दौरान हमें पहले से ही फॉर्म में नाम, पता, सैलरी पर लगा टैक्स, टैक्स का भुगतान, टीडीएस जैसी जानकारियां पहले से ही भरी हुई आती थीं। बजट में एक घोषणा के जरिए इसे और भी आसान बना दिया गया है। अब आईटीआर के फॉर्म में लिस्टेड सिक्योरिटीज से हुए कैपिटल गेन्स की जानकारी, डिविडेंड इनकम की जानकारी और बैंक-पोस्ट ऑफिस से मिले ब्याज की जानकारी भी पहले ही भरी हुई मिलेगी।

4- फेसलेस इनकम टैक्स अपील ट्रिब्युनल की व्यवस्था

इस बजट में एक फेसलेस इनकम टैक्स अपील ट्रिब्युनल की व्यवस्था पर भी जोर डालने की बात कही जा रही है। इसके तहत एक नेशनल इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्युनल सेंटर बनाया जा रहा है। इस नई व्यवस्था में सारा कम्युनिकेशन डिजिटल तरीके से होगा। अगर किसी मामले में करदाता की उपस्थिति की जरूरत होगी, तो वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर सकेगा।

5- टैक्स ऑडिट की सीमा हुई दोगुनी

निर्मला सीतारमण ने इस बजट में टैक्स ऑडिट की सीमा को 5 करोड़ रुपये के टर्नओवर से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस पहले ही उन्होंने 1 करोड़ रुपये के टर्नओवर से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया था। ये उनके लिए है जो अपनी करीब 95 फीसदी ट्रांजेक्शन डिजिटल माध्यम से करते हैं।

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