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Should you buy electric car: क्या आपको अभी खरीदनी चाहिए इलेक्ट्रिक कार, जानिए इसके फायदे-नुकसान और लीजिए फैसला!

Should you buy electric car: महंगे डीजल-पेट्रोल के दौर में लोग ये सोच रहे हैं कि क्या उन्हें डीजल-पेट्रोल की कार खरीदने के बजाय इलेक्ट्रिक कार खरीदनी चाहिए? आइए आपको बताते हैं इलेक्ट्रिक कार के फायदे और नुकसान (electric car pros and cons) । साथ में ही करते हैं डीजल-पेट्रोल कारों से इसकी तुलना (comparison between electric and diesel-petrol car)। इसके बाद आपको इलेक्ट्रिक कार खरीदने का फैसला लेने में मदद (who should buy an electric car) मिलेगी।

Authored byRiju Mehta | Edited byअनुज मौर्या | इकनॉमिक टाइम्स 6 Dec 2021, 12:41 pm
Should you buy electric car: साल 2021 खत्म होने के कगार पर है। इस मौके पर तमाम कार कंपनियां अपने ग्राहकों को बहुत सारे ऑफर दे रही हैं। वहीं दूसरी डीजल-पेट्रोल की कीमतें बहुत अधिक बढ़ जाने और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के चलते ग्राहकों के विकल्प में इलेक्ट्रिक कार भी जुड़ गई है। लोग ये सोच रहे हैं कि क्या उन्हें डीजल-पेट्रोल की कार खरीदने के बजाय इलेक्ट्रिक कार खरीदनी चाहिए? क्या लंबे वक्त में इलेक्ट्रिक कार फायदेमंद (electric car pros and cons) होगी? ईटी वेल्थ ने इसे लेकर एक तुलना (comparison between electric and diesel-petrol car) की है, जिससे आपको इलेक्ट्रिक कार खरीदने का फैसला लेने में काफी मदद (who should buy an electric car) मिलेगी। आइए जानते हैं इसके बारे में।
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Should you buy electric car: क्या आपको अभी खरीदनी चाहिए इलेक्ट्रिक कार, जानिए इसके फायदे-नुकसान और लीजिए फैसला!


तेजी से बढ़ रही है इलेक्ट्रिक कार की मांग

इलेक्ट्रिक कारों की बात करें तो अभी भारत में इनके अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, जिसे सरकार लगातर बेहतर बनाने में जुटी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि इलेट्रिक पैसेंजर कार में 2025-26 तक करीब 12 फीसदी तक की ग्रोथ देखी जा सकती है। 2019 में साल दर साल के आधार पर इलेक्ट्रिक कार की मांग 109 फीसदी बढ़ी थी, जो 2020 तक बढ़कर 361.78 फीसदी हो गई। यहां तक कि सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर एक वेबसाइट https://e-amrit.niti.gov.in/home भी बनाई हुई है।

इलेक्ट्रिक कार के हैं बहुत से फायदे-नुकसान

इलेक्ट्रिक कार खरीदते समय आपको ये जरूर लगेगा कि जितने में एक छोटी इलेक्ट्रिक कार मिल रही है, उतने में तो आप पेट्रोल-डीजल की बड़ी गाड़ी ले सकते हैं। यहां सबसे बड़ा सवाल आपको खुद से ये पूछना चाहिए कि क्या आपको बड़ी गाड़ी की जरूरत है भी? या फिर क्या आपको इलेक्ट्रिक कार पर अधिक खर्च कर के उसके भविष्य के फायदे देखने हैं। आइए जानते हैं इलेक्ट्रिक कार के फायदे-नुकसान ताकि आप ले सकें सही डिसीजन।

रनिंग कॉस्ट हो जाएगी बहुत कम

सबसे बड़ा फायदा तो ये होगा कि आपकी रनिंग कॉस्ट बहुत ही कम हो जाएगी। अगर आप दिल्ली में हैं और रोज करीब 30 किलोमीटर गाड़ी चलाते हैं तो महीने में पेट्रोल पर आपको खर्च लगभग 5,375 रुपये आ जाएगा। वहीं अगर आप 30.2 किलोवाट की बैटरी वाली कार चलाते हैं, जो 312 किलोमीटर का माइलेज देती है तो आपको घर में बैटरी चार्ज करने पर करीब 697 रुपये प्रति महीने का खर्च आएगा। वहीं अगर आप बैटरी को पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर चार्ज करते हैं तो आपको हर महीने सिर्फ 392 रुपये खर्च करने होंगे। यानी पेट्रोल पर आपकी कार करीब 17 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देगी तो आपका प्रति किलोमीटर खर्च लगभग 5.97 रुपये आएगा। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल के मामले में आपको प्रति किलोमीटर के लिए सिर्फ 0.43 रुपये चुकाने होंगे।

मेंटेनेंस पर कम खर्च

इलेक्ट्रिक कार कुछ इस तरह की होती है कि उसमें सर्विसिंग पर काफी कम खर्च होता है। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल में मूविंग पार्ट बहुत ही कम होते हैं। ऐसे में इंजन में तमाम तरह के ऑयल पर आने वाला खर्च काफी कम हो जाता है। एक अनुमान के मुताबिक टाटा की इलेक्ट्रिक कार पर 5 सालों में करीब 25 हजार रुपये तक का खर्च आता है, जबकि डीजल-पेट्रोल कार पर आपको 8-10 हजार रुपये सालाना चुकाने पड़ेंगे।

प्रदूषण रहित होती है इलेक्ट्रिक कार

इलेक्ट्रिक कार का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसके जरिए प्रदूषण बिल्कुल नहीं होता है। वहीं डीजल-पेट्रोल की गाड़ियां जितना चलती हैं, उनसे उतना ही अधिक प्रदूषण होता है। हालांकि, यहां यह भी ध्यान रखने की बात है कि बिजली बनाने में भी तमाम प्लांट में कोयला आदि का इस्तेमाल होता है, जिससे बहुत अधिक प्रदूषण होता है। हालांकि, अगर डीजल-पेट्रोल कारों से तुलना की जाए तो यह कहा जाता है कि इलेक्ट्रिक कार के चलते प्रदूषण घटेगा।

मिलता है बेहतर प्रदर्शन

अमेरिका आधारित एक वेबसाइट के अनुसार इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी से करीब 59-62 फीसदी एनर्जी का इस्तेमाल गाड़ी के मूवमेंट में होता है। वहीं पेट्रोल कारों में यह आंकड़ा सिर्फ 17-21 फीसदी होता है। इस मामले में इलेक्ट्रिक कारें काफी अच्छी हैं। वहीं इन कारों में इंजन से बहुत तेज आवाज भी नहीं निकलती है, यानी काफी शांति के साथ आप कार चला सकते हैं। वहीं इलेक्ट्रिक कारों का पिकअप भी डीजल-पेट्रोल गाड़ियों की तुलना में बेहतर होता है।

टैक्स में भी मिलेंगे फायदे

असेसमेंट ईयर 2020-21 से सेक्शन 80ईईबी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल के लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर आपको 1.5 लाख रुपये तक पर टैक्स छूट दी जा रही है। इसके लिए आपका लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच मंजूर हुआ होना चाहिए। बजट 2021 के अनुसार 15 सालों के बाद कारों पर ग्रीन टैक्स भी लगाया जाएगा, लेकिन इलेक्ट्रिक कारों को इसमें भी छूट मिलेगी। दिल्ली समेत कुछ राज्यों में इलेक्ट्रिक कार लेने पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज में भी छूट दी जा रही है। वहीं स्विच दिल्ली (Switch Delhi) कैंपेन के तहत शुरुआती 1000 कारों पर प्रति किलोवाट 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है।

इलेक्ट्रिक कार के नुकसान भी कम नहीं

अगर इलेक्ट्रिक कार के बहुत से फायदे हैं तो इसके कई नुकसान भी हैं। इस कार को लेने में ग्राहकों को सबसे बड़ा नुकसान तो यही होता है कि उन्हें इसके लिए बहुत अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। यहां तर्क दिया जा सकता है कि कम रनिंग कॉस्ट, टैक्स छूट, कम मेंटेनेंस कॉस्ट जैसे फायदे मिलते हैं, लेकिन कार खरीदने वक्त एक बड़ी कीमत चुकाना कार खरीदने के फैसले में एक डिसाइडिंग फैक्टर साबित होता है। एक छोटी इलेक्ट्रिक कार की कीमत में एक बड़ी पेट्रोल कार खरीदी जा सकती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर की भी है कमी

वैसे तो आप इलेक्ट्रिक कार को अपने घर पर भी चार्ज कर सकते हैं, लेकिन पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर आपको कार चार्ज करना बहुत ही सस्ता पड़ेगा। मौजूदा समय में भारत में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बहुत ही कम हैं। तमाम कंपनियां और सरकारें इस ओर काम तो कर रही हैं, लेकिन अभी बेहतर नेटवर्क बनने में कम से कम 5 साल लग जाएंगे। वहीं दूसरी ओर हाईराइज अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के सामने ये भी चुनौती है कि कार को घर में कैसे चार्ज करें। कार खड़ी होती है पार्किंग में और वह रहते हैं 20वें, 25वें, 40वें फ्लोर पर। पार्किंग में चार्जिंग की कोई व्यवस्था नहीं है।

चार्जिंग में लगता है बहुत समय

अगर आपको डीजल या पेट्रोल भरवाना है तो आपको इसमें बस चंद मिनट लगेंगे, लेकिन अगर आपको इलेक्ट्रिक कार चार्ज करनी है तो उसमें 6-8 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बड़ी बैटरी के साथ फास्ट चार्जिंग वाली इलेक्ट्रिक कार भी ले लेते हैं तो इसमें आपको 80 फीसदी बैटरी चार्ज करने में 30 मिनट से 1 घंटे तक का समय लग सकता है। यानी यह कार सिर्फ छोटी यात्राओं के लिए अच्छी है। ज्यादा से ज्यादा एक शहर से दूसरे शहर तक जाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपको लंबी यात्रा करनी पड़े यानी दिल्ली से मुंबई जाना हो तो ऐसी कारें बेकार साबित होंगी। वहीं रास्ते में बैटरी चार्जिंग की सुविधा ना होना मुसीबत को और बढ़ा देगा। वहीं डीजल-पेट्रोल कार में ऐसी कोई दिक्कत नहीं, फ्यूल खत्म हुआ तो बस चंद मिनट में फिर से फ्यूल भरकर चल दें।

विकल्प भी हैं बहुत कम

अगर आप डीजल-पेट्रोल कार लेने जाते हैं तो आपके सामने इतने विकल्प होंगे कि आप यह फैसला नहीं कर पाएंगे कि कौन सी कार खरीदें। वहीं अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहें तो आपको सामने चंद विकल्प हैं, जिनमें से आपको कोई एक चुनना होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर ना होने की वजह से अधिकतर कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों पर अधिक फोकस भी नहीं कर रही हैं और इसी वजह से बाजार में इनकी मांग भी बहुत कम है।

इंश्योरेंस पर भी होगा अधिक खर्च

इलेक्ट्रिक व्हीकल इंश्योरेंस भी डीजल-पेट्रोल की कारों के इंश्योरेंस से महंगा पड़ता है। इसकी वजह ये है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल काफी महंगे होते हैं, क्योंकि उनमें हाई टेक्नोलॉजी और तगड़ी क्षमता की बैटरियों का इस्तेमाल होता है। इलेक्ट्रिक कार में डीजल-पेट्रोल कारों की तुलना में कम पार्ट होते हैं, लेकिन वह बहुत अधिक महंगे होते हैं। वहीं इन कारों की बैटरियां भी बहुत महंगी होती हैं।

तो इलेक्ट्रिक कार खरीदें या नहीं?

अगर आपके दिमाग में पर्यावरण को लेकर बहुत अधिक चिंता है तो आप इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीद सकते हैं। अभी भले ही आपको इलेक्ट्रिक कार पर अधिक खर्च करना पड़े, लेकिन आने वाले कुछ सालों में कम रनिंग कॉस्ट और कम मेंटेनेंस कॉस्ट के चलते आपको काफी फायदा होगा। वहीं अगर आप ऐसे मेट्रो शहर में हैं, जहां चार्जिंग स्टेशन हैं तो भी आप बेझिझक इलेक्ट्रिक कार ले सकते हैं। वहीं अगर आप अपने घर में चार्जिंग प्वाइंट लगा सकते हैं तो भी आप इलेक्ट्रिक कार खरीद सकते हैं। हालांकि, अगर आप बेहतर चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क और बेहतर फीचर्स वाली कार लेना चाहते हैं तो इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए 2-3 साल रुकना बेहतर रहेगा।

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