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धान बुवाई का रकबा छह प्रतिशत, दलहनों का 23 प्रतिशत उुंचा

नयी दिल्ली, सात जुलाई : भाषा : चालू खरीफ सत्र में अभी तक धान बुवाई का रकबा पिछले साल इसी समय की तुलना में छह प्रतिशत बढ़कर 80 लाख हेक्टेयर हो गया है जबकि दलहनों की बुवाई का रकबा 23 प्रतिशत बढ़कर 44.11 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है।

भाषा 7 Jul 2017, 8:05 pm
नयी दिल्ली, सात जुलाई : भाषा : चालू खरीफ सत्र में अभी तक धान बुवाई का रकबा पिछले साल इसी समय की तुलना में छह प्रतिशत बढ़कर 80 लाख हेक्टेयर हो गया है जबकि दलहनों की बुवाई का रकबा 23 प्रतिशत बढ़कर 44.11 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है। खरीफ की बुवाई दक्षिण पश्चिम मानसून के साथ शुरु होती है और जुलाई से गति पकड़ती है। इस सत्र में मुख्यत: धान, तुअर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, सूरजमुखी बीज और कपास की खेती हैं। एक सरकारी बयान में कहा गया है, राज्यों से प्राप्त खबरों के अनुसार सात जुलाई 2017 की स्थिति के अनुसार बुवाई का कुल रकबा 404.27 लाख हेक्टेयर था । पिछले वर्ष इसी अवधि में रकबा 371.39 लाख हेक्टेयर था। चालू खरीफ सत्र में धान की बुवाई:रोपाई अभी तक 79.81 लाख हेक्टेयर में की गई है जो पिछले वर्ष अब तक 75.28 लाख हेक्टेयर में थी। दलहनों का रकबा पिछले वर्ष इसी अवधि के 35.88 लाख हेक्टेयर के मुकाबले बढ़कर इस बार 44.11 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गयी है। मोटे अनाजों की बुवाई का रकबा बढ़कर 80.78 लाख हेक्टेयर पिछले साल 70.11 लाख हेक्टेयर है। तिलहनों की बुवाई का रकबा एक साल पहले इसी अवधि के 69.74 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 72.87 लाख हेक्टेयर तक हो गया है। गन्ने की बुवाई 47.93 लाख हेक्टेयर में की गई है जो पिछले साल की समान अवधि में 45.22 लाख हेक्टेयर में की गई थी। कपास खेती का रकबा बढ़कर 71.82 लाख हेक्टेयर हो गया है जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 67.89 लाख हेक्टेयर था । पटसन का रकबा एक साल पहले के 7.27 लाख हेक्टेयर से घटकर अबकी बार 6.95 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। चालू वर्ष में मानसून के सामान्य रहने की उम्मीदों के बीच सरकार को नये फसल वर्ष 2017..18 में खाद्यान्न और बागवानी फसलों का उत्पादन जोरदार होने की उम्मीद है। हालांकि भारी उत्पादन के परिणामस्वरूप स्थानीय बाजारों में कीमतों में गिरावट से किसानों की परेशानियां बढ़ने का अंदेशा भी रहता है। भाषा राजेश मनोहर

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