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5G स्पेक्ट्रम की नीलामी पर टेलिकॉम कंपनियों में मतभेद

5G स्पेक्ट्रम की नीलामी के समय और प्राइसिंग को लेकर वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो इंफोकॉम के बीच बड़े मतभेद हैं।

इकनॉमिक टाइम्स 5 Nov 2018, 9:16 am
अनंदिता मनकोटिया, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम telecom-tower1

5G स्पेक्ट्रम की नीलामी के समय और प्राइसिंग को लेकर वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो इंफोकॉम के बीच बड़े मतभेद हैं। 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी की योजना बना रहे टेलिकॉम डिपार्टमेंट (DoT) को इससे मुश्किल हो सकती है।

जियो सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम की जल्द नीलामी चाहती है और कंपनी को टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) की ओर से सुझाए गए प्राइसेज से कोई समस्या नहीं है। भारती एयरटेल मार्च 2019 में समाप्त होने वाले फाइनैंशल ईयर में केवल 4G स्पेक्ट्रम की नीलामी चाहती है। कंपनी ने स्पेक्ट्रम के लिए प्राइसेज घटाने पर जोर दिया है और अगले फाइनैंशल ईयर में ही 5G स्पेक्ट्रम की बिक्री का पक्ष लिया है। देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया 2020 तक कोई नीलामी नहीं चाहती और इसने सरकार से तब तक टेलिकॉम सेक्टर की स्थिति को सुधारने का निवेदन किया है।

सरकार ने अभी तय नहीं की है समय सीमा
सरकार ने अभी तक स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है। टेलीकॉम सेक्रेटरी अरुणा सुंदरराजन का कहना है कि 2019 की दूसरी छमाही में ही 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी होने की उम्मीद है। DoT के सूत्रों ने कहा कि फाइनैंशयल ईयर 2019 में नीलामी होने की संभावना नहीं है, क्योंकि टेलीकॉम इंडस्ट्री पर 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। उनका कहना था कि स्पेक्ट्रम की चरणों में बिक्री की जा सकती है।

जियो जल्द चाहती है नीलामी
मुकेश अंबानी की जियो ने 2016 में सर्विसेज शुरू की थी और यह स्पेक्ट्रम की नीलामी में देरी नहीं चाहती। जियो के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओमेन ने ईटी को बताया, 'हम अधिक स्पेक्ट्रम खरीदने में दिलचस्पी रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार जल्द से जल्द उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी करेगी।' उनका कहना था कि सरकार को स्पेक्ट्रम की नियमित तौर पर नीलामी करनी चाहिए जिससे टेलिकॉम कंपनियां अपने नेटवर्क को बेहतर बना सकें और सर्विस की अच्छी क्वॉलिटी को सुनिश्चित कर सकें।

जियो को मुख्यतौर पर डेटा की बढ़ती डिमांड को पूरा करना है और इस वजह से उसे स्पेक्ट्रम बढ़ाने की जरूरत है। जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी ने सिंतबर में 1.3 करोड़ से अधिक यूजर्स जोड़े। इसके कुल यूजर्स की संख्या अब 25.2 करोड़ से अधिक हो गई है। सितंबर में जियो की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल को लगभग 90 लाख यूजर्स का नुकसान हुआ।

जियो ने ट्राई के रेट्स को स्वीकार किया
सूत्रों ने बताया कि जियो ने 5G स्पेक्ट्रम के लिए ट्राई की ओर से सुझाए गए रेट्स को स्वीकार किया है। ट्राई ने अगस्त में सात 4G बैंड के साथ 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी की सिफारिश की थी। ट्राई ने प्रीमियम 700 MHz बैंड का बेस प्राइस 43 पर्सेंट घटाकर 6,568 करोड़ रुपये प्रति यूनिट किया था और 5G स्पेक्ट्रम के लिए 492 करोड़ रुपये प्रति यूनिट का प्राइस तय किया था। भारती एयरटेल इस फाइनैंशियल ईयर में स्पेक्ट्रम खरीदना चाहती है, लेकिन कंपनी ने इसके लिए प्राइस में कटौती करने की जरूरत बताई है।

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