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लंबी है लिस्ट, देखिए मोदी सरकार ने इन कंपनियों में बेचा हिस्सा

मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सरकार ने विनिवेश के जरिए 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सरकार अपने लक्ष्य से अबतक काफी पीछे है। अबतक करीब 17 हजार करोड़ रुपये ही जुटा सकी है सरकार। आइए जानें मोदी सरकार ने किन कंपनियों में बेची है हिस्सेदारी।

नवभारतटाइम्स.कॉम 27 Jan 2020, 1:43 pm

हाइलाइट्स

  • 17 मार्च को एयर इंडिया में दिलचस्पी रखने वाले अपनी बोलियां जमा करा सकेंगे और उसके बाद कंपनी निजी हाथों में चली जाएगी
  • टैक्स कलेक्शन भी लक्ष्य से काफी कम रहने का अनुमान है और विनिवेश का टारगेट भी काफी कम रहा है
  • मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सरकार ने विनिवेश के जरिए 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन लक्ष्य से अबतक काफी पीछे सरकार
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नवभारतटाइम्स.कॉम divestment
नई दिल्ली
सरकार ने एयर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। 17 मार्च को कंपनी में दिलचस्पी रखने वाले अपनी बोलियां जमा करा सकेंगे और उसके बाद कंपनी निजी हाथों में चली जाएगी। इकॉनमी की सुस्त हालत के बीच टैक्स कलेक्शन भी लक्ष्य से काफी कम रहने का अनुमान है और विनिवेश का टारगेट भी काफी कम रहा है। ऐसे में संभावना है कि सरकार विनिवेश को लेकर भी बजट में कोई ऐलान कर सकती है और अपनी अन्य संपत्तियों को मॉनिटाइज करने पर विचार कर सकती है।
मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सरकार ने विनिवेश के जरिए 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सरकार अपने लक्ष्य से अबतक काफी पीछे है। सरकार अबतक करीब 17 हजार करोड़ रुपये ही जुटा सकी है। बीपीसीएल और कॉनकॉर में विनिवेश की संभावना इस साल नहीं दिख रहीं, वहीं एयर इंडिया के लिए बोलियां मंगा ली गई हैं। 20 नवंबर को सरकार ने फैसला किया था कि बीपीसीएल समेत 5 बड़ी कंपनियों में वह हिस्सा बेचेगी। ये कंपनियां हैं- BPCL, CONCOR, SIC, THDC और NEEPCO।

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विनिवेश क्यों?
विनिवेश की प्रक्रिया से सरकार दूसरी योजनाओं पर खर्च करने के लिए पैसा जुटाती है। कई बार PSU में विनिवेश प्रक्रिया का एक उद्देश्य उस कंपनी का बेहतर प्रबंधन भी होता है। सुस्ती के माहौल में भी सरकारें रेवेन्यू जुटाने के लिए विनिवेश जैसे कदमों पर भी विचार करती रही हैं। आइए जानें कि मोदी सरकार के 6 सालों में किन-किन कंपनियों का विनिवेश किया गया है।

वित्त वर्ष 2014-15
कंपनी का नामविनिवेश का प्रतिशत(कितना हिस्सा बेचा)विनिवेश के बाद बची हिस्सेदारी
नैशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड(NFL)0.29%89.71%
सेल(SAIL)5%75%
नाल्को लिमिटेड(NALCO)0.13%80.93%
एमएमटीसी(MMTC)0.073%89.9268%
कोल इंडिया लिमिटेड(CIL)10%78.65%
एनटीपीसी(NTPC)0.04%78.65%
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड(HCL)0.05164%89.95%

वित्त वर्ष 2015-16 में विनिवेश

कंपनी का नामविनिवेश का प्रतिशत(कितना हिस्सा बेचा)विनिवेश के बाद बची हिस्सेदारी
रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड(RECL)5%60.64%
एनटीपीसी लिमिडेट(NTPC)5%69.96%
पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC)5%67.80%
कन्टेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड(CONCOR)5%56.80%
इंडिन ऑइल कॉर्पोरेशन(IOC)10%58.57%
इंजिनियर्स इंडिया लिमिटेड(EIL)10%59.37%
ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमि़टेड(DCIL)5%73.56%

वित्त वर्ष 2017-18 में विनिवेश
कंपनी का नामविनिवेश का प्रतिशतविनिवेश के बाद बची शेयरहोल्डिंग
इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन(IOCL)0.5%58.28%
इंजिनियर्स इंडिया लिमिटेड(EIL)0.5%59.32%
नाल्को(NALCO)6.36%(बायबैक के जरिए )74.57%
एनएचपीसी(NHPC)11.36%74.6%
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड(HCL)7%82.95%
NTPC0.22%69.74%
NMDC5.06%(बायबैक के जरिए )74.94%
मैंगनीज ओर इंडिया लिमिटेड(MOIL)5.36%66.21%
NBCC15%75%
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड(BEL)0.61%74.41%
कोल इंडिया लिमेटेड(CIL)1.248%79.78%
NHPC0.09%74.51%
ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया(DCIL)0.09%73.47%
CONCOR0.25%56.79%
मैंगनीज ओर इंडिया लिमिटेड(MOIL)10%56.21%
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड(BEL)5%69.41%
NHPC0.01%(बायबैक के जरिए)74.50%
नइली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड(NLC)0.68%(बायबैक के जरिए)89.32%

वित्त वर्ष 2017-18 में हुआ इन कंपनियों में 10% से ज्यादा विनिवेश
कंपनी का नामविनिवेश का प्रतिशतविनिवेश के बाद बची शेयरहोल्डिंग
हुडको(HUDCO)10.193 (IPO के जरिए)82.88%
नैशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड(NFL)15%74.71%
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड(CSL)25% (IPO के जरिए)75%
HSCC इंडिया लिमिटेड25%(बायबैक)100%
BDL25%(बायबैक)100%
SPMCIL10%(बायबैक)100%
ऐन्ट्रिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड15%(बायबैक)100%
BDL12%(IPO के जरिए)88%
हिंदुस्तान ऐरॉनॉटिक्स लिमिटेड(HAL)10%(IPO के जरिए)90%
MDL10%(बायबैक)100%

वित्त वर्ष 2018-19 में हुए 10% से ज्यादा विनिवेश
कंपनी विनिवेश प्रतिशतविनिवेश के बाद बची हिस्सेदारी
मिश्रा धातु निगम लिमिटेड(MIDHANI)25%(IPO के जरिए)75%
RITES12.60(IPO)87.40%
इरकॉन इंटरनैशनल लिमिटेड(IRCON)10%89.18%
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ऐंड इंजिनियर्स लिमिटेड(GRSE)25.5%74.5%
MSTC Ltd25.10%64.75%

(आंकड़ों का सोर्सः DIPAM वेबसाइट)

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