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टोल वसूली में 50% के करीब पहुंचा FASTag का हिस्सा

देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली टोल वसूली कुल वसूली के 50 पर्सेंट के करीब पहुंच गई है। ऐसा कैशलेस टोल वसूली की ...

Navbharat Times 24 Dec 2019, 9:00 am

ईटी: देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली टोल वसूली कुल वसूली के 50 पर्सेंट के करीब पहुंच गई है। ऐसा कैशलेस टोल वसूली की दिशा में सरकार के जोर देने से हुआ है। मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज ने इस साल जुलाई में नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को हर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक को छोड़कर बाकी सभी टोल लेन को 1 दिसंबर तक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) फैसिलिटी से लैस करने का निर्देश दिया था। बाद में इस डेडलाइन को 2 हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया था।

15 दिसंबर के बाद से सभी टोल लेन को फास्टैग लेन में बदल दिया गया है। हालांकि NHAI ने प्रत्येक टोल प्लाजा पर 25% लेन में वाहन चालकों को यह छूट दी है कि वे अगर चाहें तो कैश से भुगतान कर सकते हैं। ऐसा ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के निर्देश पर किया गया है, जिससे वाहन चालक नियमों में बदलाव को आसानी से अपना सकें। हालांकि यह छूट सिर्फ 15 जनवरी तक के लिए है। इसके बाद से प्रत्येक टोल पर सिर्फ एक लेन ऐसी होगी, जहां वाहन चालक कैश से भुगतान कर पाएंगे।

एक सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया, 'कुल टोल कलेक्शन में फास्टैग का हिस्सा 46 पर्सेंट तक पहुंच गया है और यह हर रोज बढ़ रहा है।' उन्होंने बताया, 'दिल्ली के आस-पास के टोल प्लाजा का प्रदर्शन ज्यादा अच्छा है और यहां 55 पर्सेंट टोल कलेक्शन फास्टैग के जरिए आ रहा है।' पिछले हफ्ते तक कुल टोल कलेक्शन में फास्टैग का हिस्सा 33 पर्सेंट था।

फास्टैग को पहली बार 2014 में लॉन्च किया गया था। यह एक RFID-आधारित टैग है, जिससे आपके बैंक खाते से लिंक किया जा सकता है। आप इस टैग को अपनी गाड़ी के शीशे पर चिपका सकते हैं और टोल से गुजरने पर इससे अपने आप पैसे कट जाएंगे। हालांकि जुलाई में निर्देश आने से पहले तक फास्टैग की बिक्री ने जोर नहीं पकड़ा था।

ईटी ने सबसे पहले 9 जुलाई को रिपोर्ट छापी थी कि सरकार 100 पर्सेंट इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन को अनिवार्य बनाने की योजना बना रही है। पहली छमाही तक देश के कुल टोल कलेक्शन में फास्टैग का हिस्सा करीब 20 पर्सेंट था।

अधिकारी ने बताया कि अभी तक करीब 1.1 करोड़ फास्टैग की बिक्री हो चुकी है। हालांकि अभी भी गाड़ियों की एक बड़ी संख्या फास्टैग से दूर है। उन्होंने बताया, 'हमारे मुताबिक अभी करीब 50 पर्सेंट गाड़ियों में फास्टैग नहीं लगा हुआ है।'

सरकार का अनुमान है कि 15 जनवरी तक कुल टोल कलेक्शन में फास्टैग का हिस्सा 75 से 80 पर्सेंट तक पहुंच जाएगा। 25 पर्सेंट टोल लेन में कैश भुगतान स्वीकार करने की सीमा 15 जनवरी को खत्म हो रही है। इसके बाद ये लेन सिर्फ फास्टैग यूजर के लिए ही रिजर्व होंगी। बिना फास्टैग वाली गाड़ियों को इन लेन में घुसने पर दोगुना टोल चुकाना होगा।

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