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डायाजियो ने माल्या की विंटेज कारों को नीलाम किया

बैंकों का अरबों रुपये का कर्ज नहीं चुकाने की वजह से देश से फरार अरबपति विजय माल्या की विटेंज...

इकनॉमिक टाइम्स 20 Jan 2017, 12:26 pm
सतीश जॉन, मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम frenzied bidding for fleet of cars once owned by mallya
डायाजियो ने माल्या की विंटेज कारों को नीलाम किया

बैंकों का अरबों रुपये का कर्ज नहीं चुकाने की वजह से देश से फरार अरबपति विजय माल्या की विटेंज कारों की बुधवार को हुई नीलामी में बायर्स ने काफी दिलचस्पी दिखाई। इन कारों में पोर्श बॉक्सटर कन्वर्टिबल से लेकर रोल्ज रॉयस 204 फैंटम तक शामिल थी। इनका रिजर्व प्राइस कम रखा गया था। इस वजह से विंटेज कारों के शौकीनों ने आक्रामक बोली लगाई। ये कारें अब डायाजियो पीएलसी की भारतीय सब्सिडियरी यूनाइटेड स्पिरिट्स की हैं और उसी ने इनकी नीलामी की है। यूनाइटेड स्पिरिट्स को डायाजियो ने माल्या से खरीदा था।

विंटेज कारों के एक जानकार ने बताया कि माल्या के पास किसी समय अपनी कई कंपनियों के जरिए 150 से अधिक कारें थीं। यूनाइटेड स्पिरिट्स की नई मालिक माल्या जैसे महंगे शौक नहीं रखती। इसलिए कंपनी ने इन कारों को बेचने का फैसला किया है। ये कारें ई-ऑक्शन के जरिए बेची गईं और दिल्ली की ऑक्शन फर्म क्विपो ऑक्शंस ने इसे मैनेज किया। ऑक्शन में बायर्स ने रिजर्व प्राइस से कई गुना अधिक बोली लगाई। ऑक्शन में शामिल हुए एक बिडर ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि उनकी योजना कार को ठीक करवाकर और रिटायरमेंट के बाद उससे दुनियाभर की सैर करने की थी।

यूनाइटेड स्पिरिट्स के प्रवक्ता ने बताया कि कारों की नीलामी नॉन-कोर एसेट्स बेचने की कंपनी की योजना का हिस्सा है। क्विपो ऑक्शंस ने बताया कि ई-ऑक्शन को अच्छा रिस्पॉन्स मिला क्योंकि इन कारों की काफी मांग है। बुधवार को लगभग 40 कारों को बिक्री के लिए रखा गया था। नीलामी बुधवार शाम 4 बजे शुरू हुई और कारों को खरीदने के लिए बिडर्स के बीच होड़ दिखी। इस वजह से कुछ कारों के लिए बिड उनके रिजर्व प्राइस से 8-10 गुना अधिक चली गई।

रोल्ज रॉयस फैंटम 204 का रिजर्व प्राइस 12 लाख रुपये था और सफल बिडर ने कई राउंड की बिडिंग के बाद इसे 52 लाख रुपये में खरीदा। ऑक्शन प्रॉसेस को ट्रैक करने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि यह इसका संकेत है कि बैंकों को माल्या की रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज के लिए कैसे नीलामी करनी चाहिए। माल्या से कर्ज की वसूली के लिए बैंकों ने मुंबई में उनके किंगफिशर हाउस और गोवा में किंगफिशर विला की कई बार नीलामी की कोशिश की है, लेकिन बायर्स की इन दोनों प्रॉपर्टीज में दिलचस्पी नहीं दिखी।

इसका एक बड़ा कारण इन प्रॉपर्टीज का रिजर्व प्राइस अधिक होना था। कारों की नीलामी में शामिल हुए एक व्यक्ति ने बताया, 'कारों का प्राइस काफी आकर्षक रखा गया था, लेकिन बिडिंग के आगे बढ़ने के साथ ही उनकी कीमत भी बढ़ती गई।' नीलामी में शामिल होने के लिए बिडर्स को यूनाइटेड स्पिरिट्स के पक्ष में एक न्यूनतम रकम का डिमांड ड्राफ्ट क्विपो के पास जमा कराना था। हालांकि, इन कारों में से कुछ की हालत बहुत खराब थी और उन्हें चलाने चालक बनाने के लिए काफी मरम्मत कराने की जरूरत है।

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