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साइबर अटैक से बचने के लिए नैशनल फायरवॉल बनाएगी सरकार

[ सचिन दवे | मुंबई ]सरकारी बैंकों और एंटप्राइजेज को सपोर्ट करने वाले डेटा सर्वर्स को सिक्योर बनाने के लिए सरकार एक नेशनल फायरवॉल बनाने के बारे में ...

इकनॉमिक टाइम्स 28 Jul 2017, 8:20 am

[ सचिन दवे | मुंबई ]

सरकारी बैंकों और एंटप्राइजेज को सपोर्ट करने वाले डेटा सर्वर्स को सिक्योर बनाने के लिए सरकार एक नेशनल फायरवॉल बनाने के बारे में सोच रही है। सूत्रों ने बताया कि इस पर हाल ही में एक मीटिंग हुई थी। उन्होंने बताया कि फायरवॉल इंडियन सर्वर्स को हैकर्स, रैंसमवेयर अटैक और कंट्री स्पॉन्सर्ड साइबर अटैक से बचाएगा। यह पहल ऐसे समय में रफ्तार पकड़ रही है, जब भारत और चीन सीमा विवाद को कूटनीतिक माध्यमों से हल करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

एक सूत्र ने बताया कि सरकारी अधिकारियों की मीटिंग जून में पेट्या या पेटरैप अटैक के तुरंत बाद हुई थी। उन्होंने बताया, 'मीटिंग में मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के कुछ सीनियर मेंबर और साइबर सिक्योरिटी चीफ गुलशन राय शामिल हुए थे। मीटिंग में नेशनल फायरवॉल के फायदे और नुकसान पर चर्चा की गई थी।' इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए राय और मिनिस्ट्री के साइंटिस्ट ए के गर्ग को भेजे गए ईमेल का जवाब खबर लिखे जाने तक नहीं मिल पाया था।

पुराने रैंसमवेयर पेट्या के एडवांस वर्जन पेटरैप ने देश के सबसे बड़े कंटेनर पोर्ट जेएनपीटी सहित कई इंडियन कंपनियों में लगे कंप्यूटर्स की स्क्रीन लॉक कर दी थी। यह इंडिया में सैकड़ों कंप्यूटर को लॉक करने वाले वानाक्राय के बाद इंडियन कंपनियों पर दूसरा बड़ा रैंसमवेयर अटैक था। सूत्र ने बताया, 'मीटिंग में ऐसे फायरवॉल में मल्टीनेशनल कंपनियों को भरोसा नहीं होने का मुद्दा भी उठा था क्योंकि उसके जरिए सरकार उनके सेंसिटिव डेटा को देख सकती है।' कई मल्टीनेशनल बैंक उन देशों में कारोबार को लेकर सशंकित रहते हैं जहां उनके डेटा चोरी होने का खतरा हो सकता है।

दूसरे सूत्र ने कहा कि केंद्र शुरुआत में सिर्फ सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फायरवॉल बनाने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा, 'फायरवॉल से सबसे पहले सरकारी कंपनियों, बैंक और सरकारी वेबसाइट्स और सर्वर को प्रोटेक्ट किया जाएगा। सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले अटैक्स पिछले दो साल में खासे बढ़े हैं।' एक्सपर्ट्स का कहना है कि फायरवॉल अच्छा आइडिया हो सकता है क्योंकि ऑर्गनाइज्ड हाई लेवल अटैक्स से निपटने की तैयारी ज्यादातर कंपनियों में नहीं है। EY में साइबर फोरेंसिक, डेटा एनालिटिक्स पार्टनर अमित जाजू ने कहा, 'इंडिया को सिर्फ अटैक के बाद उठाए जाने कदम की जरूरत नहीं है। उनको तो कंट्री स्पॉन्सर्ड या इंडिपेंडेंट हैकर्स के हमलों के लिए वॉर्निंग और कुछ बेसिक प्रोटेक्शन की भी जरूरत है। नेशनल लेवल का फायरवॉल अच्छा तरीका हो सकता है क्योंकि यह ज्यादातर हमलों को नाकामयाब कर सकता है। कंपनियों को साइबर अटैक से पहले उसकी चेतावनी जारी करने और उससे निपटने के लिए कदम उठाने वाली रिस्पॉन्स टीम बनाने से बहुत फायदा होगा।'

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