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फ्लिपकार्ट, ऐमजॉन के फेस्टिव डिस्काउंट्स की जांच करेगी सरकार

सीएआईटी की शिकायत के बाद केंद्र सरकार फ्लिपकार्ट, ऐमजॉन के फेस्टिव सीजन के दौरान दिए जा रहे डिस्काउंट की जांच करेगी। सरकार पता करेगी कि कहीं उन्होंने एफडीआई के नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया 16 Oct 2019, 8:58 am

हाइलाइट्स

  • ई-कॉमर्स कंपनियों ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट के फेस्टिव सेल की जांच करेगी केंद्र सरकार
  • ऑफलाइन दुकानदारों ने ई-कॉमर्स कंपनियों पर नियमों के उल्लंघन का लगाया है आरोप
  • दुकानदारों का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियों ने एफडीआई के नियमों का उल्लंघन किया
  • पिछले सप्ताह वाणिज्य मंत्रालय ने ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट के अधिकारियों के साथ की थी मुलाकात
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नवभारतटाइम्स.कॉम sale-online
नई दिल्ली
इस साल फेस्टिव सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों फ्लिपकार्ट तथा ऐमजॉन द्वारा दिए गए भारी-भरकम डिस्काउंट की सरकार जांच करेगी कि उन्होंने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को यह जानकारी दी है। केंद्र सरकार ने ऑफलाइन कारोबार करने वाले 13 करोड़ कारोबारियों को बड़े ऑनलाइन डिस्काउंट से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए फरवरी में FDI के नियमों में बदलाव किया था। नियमों में बदलाव की वजह से ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने बिजनस स्ट्रक्चर में बदलाव करना पड़ा था। सरकार के कदम की अमेरिका ने कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद भारत तथा अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में खटास आ गई थी।
सेल्स कमिशन कम करने की पेशकश
ऐमजॉन तथा फ्लिपकार्ट का कहना है कि उन्होंने नियमों का पालन किया है, जबकि स्थानीय कारोबारी संगठनों ने कहा है कि फेस्टिव सीजन को लेकर चल रहे ऑनलाइन सेल में भारी-भरकम डिस्काउंट दिया जा रहा है और किसी-किसी मामले में यह 50% से भी अधिक है। रॉयटर्स ने फ्लिपकार्ट द्वारा सेलर्स को भेजे गए ई-मेल तथा ट्रेनिंग मटीरियल्स को देखा है, जिसमें उसने डिस्काउंट पर सामान बेचने वाले सेलर्स से मिलने वाले सेल्स कमिशन को कम करने की पेशकश की है।


फ्लिपकार्ट, ऐमजॉन के खिलाफ सबूत दिए
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि 70 लाख ऑफलाइन रिटेलरों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ शिकायतें की हैं और उनके खिलाफ सबूत भी दिया है। सीएआईटी ने आरोप लगाया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।

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कंपनियों ने कियान इनकार

अधिकारी ने ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ सरकार द्वारा संभावित कार्रवाई पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, हालांकि मामले पर चर्चा करने के लिए ऐमजॉन तथा फ्लिपकार्ट के अधिकारियों को पिछले सप्ताह वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों से मिलने के लिए बुलाया गया था।फ्लिपकार्ट ने एक बयान जारी कर कहा है कि अधिकारियों के साथ उनकी 'बैठक अच्छी' रही और वह भारत में 'कानूनी तरीके से कारोबार करने को लेकर प्रतिबद्ध है।' वहीं, ऐमजॉन ने कहा कि अधिकारियों के साथ उसकी बैठक खुली और पारदर्शी रही और वह नियमों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


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ऑफलाइन बिक्री में 40% की गिरावट
सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'ग्राहक खरीदारी के लिए ई-कॉमर्स का रुख कर रहे हैं, क्योंकि इस महीने ऑफलाइन बिजनस में 30-40% की गिरावट आई है।'

फ्लिपकार्ट इंसेंटिव
फेस्टिव सीजन की सेल शुरू होने से पहले सितंबर में फ्लिपकार्ट की तरफ से ई-कॉमर्स कंपनियों को दो ई-मेल मिले थे, जिसमें डिस्काउंट के बदले कमिशन कम करने की बात कही गई थी। एक ई-मेल के मुताबिक, कंपनी ने कहा था कि अगर सेलर्स प्रॉडक्ट की कीमत को 15% कम करता है तो कंपनी कमिशन में 3% की कटौती करेगी और अगर कीमत को 30% कम किया जाता है तो कमिशन में 9% की कमी की जाएगी।

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