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जीएसटी में निर्यातकों 7 दिनों के भीतर मिलेगा टैक्स रिफंड

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आश्वासन दिया कि गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तहत निर्यातकों का टैक्स रिफंड क्लेम 7 दिनों के भीतर निपटा दिया जाएगा।

पीटीआई 20 May 2017, 6:23 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आश्वासन दिया कि गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तहत निर्यातकों का टैक्स रिफंड क्लेम 7 दिनों के भीतर निपटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टैक्स रिफंड पर हम बहुत ही स्पष्ट हैं। पहले से भुगतान किए गए पैसे का 90 प्रतिशत (जीएसटी में निर्यातकों द्वारा) 6 से 10 दिनों के अंदर वापस कर दिया जाएगा। किसी भी देरी के लिए लगभग 6 प्रतिशत का ब्याज दिया जाएगा।

पिछले तीन सालों में मंत्रालय की पहल और उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए सीतारमण ने कहा , 'मंत्रालय ने जीएसटी परिषद को छोटो और मझोले निर्यातकों के टैक्स चुकाने के लिए वैकल्पिक सिस्टम तैयार करने पर विचार करने को कहा है। जीएसटी काउंसिल से हमने एसएमई के लिए अनुरोध किया था। ताकि हम उन्हें टैक्स भरने और फिर रिफंड लेने की जगह कोई विकल्प दे सकें। हम इस मुद्दे पर जीएसटी काउंसिल के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। निर्यातकों ने जीएसटी के तहत करों के भुगतान से छूट देने की मांग की है, जिसमें कहा गया है कि रिफंड में मिलने में कई महीने लगते हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जीएसटी निर्यात में सुधार लाने में मदद करेगा। निर्यातकों को अब प्रोडक्शन पर लागत कम लगेगी इससे ग्लोबल मार्केट में उत्पाद प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा।'

रुपये के उतार-चढ़ाव पर निर्यातकों की चिंता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि व्यापारियों को यह पता है। रुपये में उतार-चढ़ाव अचानक नहीं होता। यह अब एक आम बात हो गई है। लेकिन, अगर उतार-चढ़ाव ज्यादा हो, तो यह आरबीआई का काम है कि वह सिर्फ इतना ही हस्तक्षेप करे ताकि किसी भी चरम उतार-चढ़ाव का ख्याल रखा जा सके। रोजगार के बारे में मंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में जाने वाले नौकरियों के संबंध में प्रस्ताव को लेकर प्रधान मंत्री भी उत्सुक हैं और हम प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पर ध्यान देते हैं। 2016-17 में भारत का निर्यात लगभग 5 प्रतिशत से बढ़कर 276 अरब डॉलर हो गया था।

अमेरिका और कुछ अन्य देशों में वीजा शर्तों में बदलाव को लेकर बढ़ती चिंता पर उन्होंने कहा ,'वीजा मुद्दे पर घबराने की जरुरत नहीं है। मैं मानती हूं कि अमेरिका इस मामले में सुधार करना चाहते है। भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए एच-1बी वीजा कम नहीं होंगे।'

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