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बिजली संकट से उबारने के लिए रेलवे ने कैंसिल कीं ये ट्रेनें, कहीं आप तो नहीं करने वाले थे यात्रा; चेक कर लें लिस्ट

साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे की ओर से 22 मेल/एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल 343 ट्रिप यानी फेरे कैंसिल कर दिए हैं, वहीं पैसेंजर ट्रेनों की कुल 370 ट्रिप कैंसिल की गई हैं। कोयला लदी मालगाड़ियों को रास्ता देने के लिए रेलवे (Indian Railways), यात्री ट्रेनों को रद्द कर रही है।

Curated byरीतिका सिंह | नवभारतटाइम्स.कॉम 29 Apr 2022, 9:04 pm
नई दिल्ली: भारत में एक बार फिर कोयला संकट (Coal Crisis) खड़ा होता दिख रहा है। भीषण गर्मी के चलते देश में अप्रैल माह में ही बिजली की मांग (Power Demand) बढ़ गई है, जिससे कोयले की खपत भी बढ़ गई है। देश के कई थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले की कमी (Coal Shortage) हो रही है। ऐसे में कोयले की इस बढ़ी हुई जरूरत को पूरा करने के लिए रेलवे (Indian Railways) पर इसकी ढुलाई का दबाव बढ़ गया है। कोयला लदी मालगाड़ियों को रास्ता देने के लिए रेलवे, यात्री ट्रेनों को रद्द कर रही है। साथ ही कोयला लदी मालगाड़ियों (Coal Rakes) की औसत संख्या बढ़ा दी है।
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साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे की ओर से 22 मेल/एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। वहीं उत्तर रेलवे की ओर से 4 मेल/एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल 343 ट्रिप यानी फेरे कैंसिल कर दिए हैं, वहीं पैसेंजर ट्रेनों की कुल 370 ट्रिप कैंसिल की गई हैं। उत्तर रेलवे ने मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की 20 ट्रिप और पैसेंजर ट्रेनों की 20 ट्रिप कैंसिल की हैं। साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे की ओर से यह कैंसिलेशन 24 मई तक और उत्तर रेलवे की ओर से 8 मई तक जारी रहेगा।

साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे द्वारा कैंसिल की गई ट्रेनों की लिस्ट

उत्तर रेलवे द्वारा कैंसिल की गई ट्रेनों की लिस्ट

657 मेल/एक्सप्रेस/पैसेंजर ट्रेन सर्विसेज को कैंसिल करने का सरकार का फैसला
एएनआई के एक ट्वीट के मुताबिक, सरकार ने कोयला वैगन्स के लिए प्राथमिकता रूट सुनिश्चित करने और तेज आवागमन के लिए 657 मेल/एक्सप्रेस/पैसेंजर ट्रेन सर्विसेज को कैंसिल करने का फैसला किया है। कोयले की तेज आपूर्ति के लिए कुल 533 कोयला रेक्स को लगाया गया है। पावर सेक्टर के लिए गुरुवार को 427 रेक्स लोड किए गए।


इस बीच बिजली इंजीनियरों के संगठन ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने दावा किया है कि कोयले की कमी (Coal Crisis) के कारण देश भर में बिजली कटौती की वजह कोयला मंत्रालय, रेल मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के बीच तालमेल की कमी है। हर मंत्रालय दावा कर रहा है कि वे बिजली क्षेत्र में मौजूदा गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
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रीतिका सिंह

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