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इंडियन टेक्नोलॉजी कंपनियों का पेटेंट फाइलिंग पर जोर

[ प्रियंका संगानी | पुणे ]इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज में सॉल्यूशंस और प्रॉडक्ट क्रिएट करने में जुटीं भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों ने पेटेंट के लिए अप्लाई ...

इकनॉमिक टाइम्स 23 Aug 2019, 9:00 am

[ प्रियंका संगानी | पुणे ]

इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज में सॉल्यूशंस और प्रॉडक्ट क्रिएट करने में जुटीं भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों ने पेटेंट के लिए अप्लाई करने की रफ्तार तेज कर दी है। दरअसल ये अपनी बौद्धिक संपदा यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) का मौद्रिक लाभ उठाने और कारोबार को तेजी से विस्तार देने की संभावना तलाश रही हैं। टेक्नोलॉजी कंपनियों की तरफ से IP क्रिएशन पर फोकस की बढ़ने की सबसे बड़ी वजह कमोबेश हर उद्योग में हो रहा डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रसार है। विप्रो की तरफ से दी गई पेटेंट एप्लिकेशंस की संख्या फिस्कल ईयर 2019 में बढ़कर 2,200 हो गईं, जो वित्त वर्ष 2012 में सिर्फ 221 थीं। जहां तक इंडस्ट्री लीडर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की बात है तो उसके पेटेंट एप्लिकेशन की संख्या वित्त वर्ष 2019 में 4,596 रही जो फिस्कल ईयर 2014 में 1,746 थी और इसमें से एक हजार से ज्यादा पेटेंट तो कंपनी को मिल भी चुके हैं।

विप्रो के ग्लोबल हेड- कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी अजय भास्कर कहते हैं, 'तेजी ग्रोथ वाली टेक डिवेलपमेंट की दुनिया में मिलने वाले पेटेंट से विप्रो के पास कई न्यू टेक्नोलॉजी में सॉल्यूशंस मुहैया कराने की क्षमता सुनिश्चित होगी। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि विप्रो के न्यू टेक्नोलॉजी के एक्सेस की राह में अपने लिए पेटेंट राइट्स हासिल कर रही दूसरी कंपनियों की तरफ से कोई दीवार नहीं खड़ी होगी। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में पेटेंट्स हासिल होने से विप्रो को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का पक्का स्रोत विशेष रूप से उस स्थिति से मिलेगा, जिसमें कंपनी ऐसे प्रॉडक्ट्स और प्लेटफॉर्म बनाकर उनका इस्तेमाल कर रही है, जिन पर वह बड़े पैमाने पर अपने क्लाइंट्स के लिए खास तरह का सॉल्यूशंस तैयार करती है और उन्हें लागू कराती है।'

IP क्रिएशन पर TCS का फोकस काफी समय से है। कंपनी ने 1981 में एक रिसर्च फैसिलिटी तैयार की थी। ईटी को यह जानकारी TCS के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर अनंत कृष्णन ने दी। उन्होंने कहा, 'IP क्रिएशन का एक तरीका यह होता है कि स्मार्ट लोगों को खुला छोड़ दें और इनोवेशन करने दें, लेकिन हमारे यहां इसके लिए ज्यादा व्यवस्थित तरीका है। हम इनोवेशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए 3P- पेटेंट, प्रॉडक्ट और प्लेटफॉर्म वाली स्ट्रैटेजी पर काम करते हैं। इससे कंपनी को वैसे सॉल्यूशंस बनाने में मदद मिलती है, जिन्हें आगे चलकर व्यवसायिक रूप से लागू किया जा सके और उसका मौद्रिक लाभ उठाया जा सके। ये चीजें पेटेंट क्रिएशन की अहम चुनौतियां हैं।'

जेनसार जैसी छोटी कंपनियों के लिए भी IP क्रिएशन AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर फोकस वाली उनकी नई रणनीति का हिस्सा है। टेक्नोलॉजी कंपनियों को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्रिएशन के जरिए जिस तरह की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल हो सकती है उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। टेक महिंद्रा की मेकर्स लैब के हेड निखिल मल्होत्रा के मुताबिक, IP क्रिएशन से प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता हासिल होने के साथ ही लॉन्ग टर्म में रेवेन्यू हासिल करने और एंप्लॉयीज का हौसला बढ़ाने में मदद मिलती है।

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