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खूंखार आतंकवादी की वेबसाइट पर गूगल ने दिए विज्ञापन, करोड़ों की कमाई

गूगल की ओर से मिले विज्ञापन से आतंकवादी की वेबसाइट की करोड़ों की कमाई का मामला सामने आया...

नवभारतटाइम्स.कॉम 18 May 2016, 4:26 pm

हाइलाइट्स

• खूंखार आतंकवादी की वेबसाइट को गूगल द्वारा मिले विज्ञापन पर हंगामा
• सिटीग्रुप, आईबीएम और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के ऐड दिए गए थे
• जकार्ता में आत्मघाती हमले करवाया था मुहम्मद जिब्रिल अब्दुल रहमान
• जिब्रिल पर अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और संयुक्त राष्ट्र का बना लगा है

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खूंखार आतंकवादी की वेबसाइट पर गूगल ने दिए विज्ञापन, करोड़ों की कमाई
लंदन
गूगल की ओर से मिले विज्ञापन से आतंकवादी की वेबसाइट की करोड़ों की कमाई का मामला सामने आया है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 2009 में आत्मघाती हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादी की साइट को गूगल की ओर से कई नामचीन कंपनियों के विज्ञापन मिले हैं, इनमें अमेरिकी बैंक सिटीग्रुप, आईटी कंपनी आईबीएम और माइक्रोसॉफ्ट भी शामिल हैं। मुहम्मद जिब्रिल अब्दुल रहमान नाम के आतंकी को प्रिंस ऑफ जिहाद के नाम से भी जाना जाता है। इस आतंकी पर अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और संयुक्त राष्ट्र ने बैन लगा रखे हैं।

फाइनैंशल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जिब्रिल अलकायदा से जुड़े दक्षिण पूर्व एशिया में सक्रिय आतंकी संगठन जेमाह इस्लामिया का प्रमुख सदस्य है। लेकिन, सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि इसकी जिहादी वेबसाइट Arrahmah.com ग्लोबल कंपनियों से गूगल के जरिए विज्ञापन हासिल कर हजारों डॉलर की कमाई कर रही है। इस वेबसाइट पर सिर्फ प्रॉपेगैंडा मटीरियल ही नहीं होता, बल्कि इसमें लोगों की हत्याएं करते हुए तस्वीरें भी प्रकाशित होती हैं। इस वेबसाइट को गूगल के ऐडसेंस के जरिए विज्ञापन मिलता है।

फाइनैंशल टाइम्स की ओर से संपर्क किए जाने के बाद गूगल ने Arrahmah.com के अकाउंट को बंद कर दिया है। इसके अलावा विज्ञापनदाता कंपनियों से भी साइट से ऐड हटाने को कहा है। लेकिन, अब भी साइट पर पश्चिमी देशों के कई चर्चित ब्रैंड्स के विज्ञापन दिख रहे हैं। हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि विज्ञापनदाताओं या गूगल ने इस खूंखार आतंकवादी की जान-बूझकर फंडिंग की है? जिब्रिल पर अमेरिका में आपराधिक मामला दर्ज है जिसके तहत 20 साल की सजा और 10 लाख डॉलर का जुर्माना होता है।

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