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टूटी कुर्सियों के साथ हुई थी एचडीएफसी की शुरुआत: पुरी

अक्टूबर में रिटायर हो रहे एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के एमडी आदित्य पुरी ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में कहा कि अपने पहले कार्यालय में टूटी कुर्सियों के साथ हमने शुरू कर जो हासिल किया है, वह अविश्वसनीय है। दुनिया में ऐसे कम ही उदाहरण है।

भाषा 13 Aug 2020, 9:50 pm

हाइलाइट्स

  • अक्टूबर में 70 साल की उम्र पूरी होने पर सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं आदित्य पुरी
  • एचडीएफसी को इस मुकाम पर पहुंचाने का श्रेय उन्हीं को जाता है
  • कर्मचारियों को लिखा ई-मेल, कहा जगदीशन बैंक की अगुवाई के लिए सबसे उपयुक्त
  • अपने पहले कार्यालय में टूटी कुर्सियों के साथ हमने शुरू कर जो हासिल किया है वह अविश्वसनीय है
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नवभारतटाइम्स.कॉम आदित्य पुरी अक्टूबर में रिटायर हो रहे हैं।
आदित्य पुरी अक्टूबर में रिटायर हो रहे हैं।
नई दिल्ली
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के एमडी आदित्य पुरी का कहना है कि उनकी 26 साल की यात्रा के दौरान बैंक ने काफी कुछ हासिल किया है, लेकिन बैंक का सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है। पुरी जल्द सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। शशिधर जगदीशन को पुरी का उत्तराधिकारी चुना गया है। पुरी ने कहा कि जगदीशन बैंक की अगुवाई करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। एचडीएफसी बैंक ने इसी महीने जगदीशन को 27 अक्टूबर से बैंक का एमडी नियुक्त किया है। पुरी उस समय 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
पुरी ने बैंक के कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में कहा, ‘जब मैं यह लिख रहा हूं, तो मैं सबसे ज्यादा खुश हूं। मैं हमेशा कहता रहा हूं कि बैंक का सर्वश्रेष्ठ अभी बाकी है। अब शशि बैंक की अगुवाई करेंगे और मुझे इसमें संदेह नहीं है कि उनकी अगुवाई में हमारा सर्वश्रेष्ठ सामने आएगा। मैं उनकी खूबियों में नहीं जाऊंगा क्योंकि हममें से ज्यादातर यह जानते हैं। मैं यही कहूंगा कि वह आपका नेतृत्व करने के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं। और मैं यह कमान सबसे सुयोग्य व्यक्ति को सौंपने जा रहा हूं।’

टूटी कुर्सियों के साथ शुरुआत
पुरी एचडीएफसी बैंक के सबसे पहले कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा, ‘यदि आप पीछे देखें तो 26 साल पहले, तो ऐसा लगता है कि जैसे कल की ही बात है। अपने पहले कार्यालय में टूटी कुर्सियों के साथ हमने शुरू कर जो हासिल किया है वह अविश्वसनीय है। दुनिया में ऐसे कम ही उदाहरण है।’ पुरी को एचडीएफसी बैंक को काफी नीचे से उठाकर देश का निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक बनाने का श्रेय जाता है।

उन्होंने कहा, ‘हमारी उपलब्धियों के कुछ नमूने हैं, जिनपर मुझे काफी गर्व है। आज हम वास्तव में विश्वस्तरीय भारतीय बैंक हैं। पहुंच, बही-खाते, ग्राहक संख्या और बाजार पूंजीकरण के हिसाब से हम स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े बैंक में से हैं। अपनी सतत आजीविका पहल (एसएलआई) के जरिए हमने 1.11 करोड़ भारतीय परिवारों को गरीबी से निकाला है।’ पुरी ने कहा कि बैंक अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के जरिए आज 7.8 करोड़ भारतीयों की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव लाने में कामयाब रहा है।

पुरी ने कहा कि आज हमारी पहचान देश के सर्वश्रेष्ठ संपत्ति सृजनकर्ता के रूप में होती है। हम स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से हैं। 26 साल पुराने एचडीएफसी बैंक के कर्मचारियों की संख्या करीब 1.16 लाख है। देश के 2,825 शहरों और कस्बों में बैंक की 5,326 शाखाएं और 14,996 एटीएम हैं।

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