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तेजी से बढ़ रहा है इंटरनेट पर अश्लील और आपत्तिजनक कॉन्टेंट की छानबीन का बिजनस

कॉन्टेंट में अधिकांश लाइव स्ट्रीमिंग वाला होता है। इन प्रफेशनल्स पर इंटरनेट को नग्नता, खूनखराबे, हिंसा, स्पैम, मानसिक रूप से अशांत करने वाले विडियो, घातक अफवाहों और अन्य प्रकार के खतरनाक कंटेंट को हटाने की जिम्मेदारी होती है।

इकनॉमिक टाइम्स 23 May 2018, 10:00 am
नीलेश क्रिस्टोफर, बेंगलुरु
नवभारतटाइम्स.कॉम youtube
प्रतीकात्मक तस्वीर

शहर के बाहरी इलाके में एक कॉन्टेंट मॉडरेशन कंपनी में रोजाना 300 प्रफेशनल्स की टीम इंटरनेट पर अंग्रेजी और 18 भारतीय भाषाओं में पेश किए जाने वाले कॉन्टेंट को खंगालती है। इस कॉन्टेंट में अधिकांश लाइव स्ट्रीमिंग वाला होता है। इन प्रफेशनल्स पर इंटरनेट को नग्नता, खूनखराबे, हिंसा, स्पैम, मानसिक रूप से अशांत करने वाले विडियो, घातक अफवाहों और अन्य प्रकार के खतरनाक कंटेंट को हटाने की जिम्मेदारी होती है।

फोइवे इंफो ग्लोबल सॉल्यूशंस के फाउंडर सुमन हवलदार कहते हैं, 'हमने पिछले साल जो आपत्तिजनक सामग्री इंटरनेट से हटाई, उसमें 70 पर्सेंट विडियो और बाकी इमेज और टेक्स्ट थे।' सुमन की कंपनी रोजाना 30 लाख आपत्तिजनक सामग्री को इंटरनेट से हटाती है। उन्होंने कहा, 'हम जो विडियो कॉन्टेंट हटाते हैं, उनमें दो तिहार्इ लाइव स्ट्रीमिंग वाले होते हैं। हम प्रतिदिन लगभग दो लाख लाइव स्ट्रीम बंद कराते हैं।'

भारत में तेज डेटा स्पीड के चलते रियल टाइम कॉन्टेंट प्रड्यूस करना आसान हो गया है, लेकिन इंटरनेट मॉनिटरिंग मुश्किल हो गई है। गूगल और फेसबुक सहित कई दिग्गज कंपनियां भारत में क्षेत्रीय भाषाओं के अगले 30 करोड़ यूजर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं और इससे कॉन्टेंट मॉडरेटर्स की डिमांड भी बढ़ी है। देश में करीब 50 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं और ऑनलाइन कॉन्टेंट प्रड्यूस, शेयर और खपत करने वालों की संख्या प्रत्येक वर्ष 30 पर्सेंट बढ़ रही है।

देश के 22.5 करोड़ से अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल केवल स्थानीय भाषाओं में करते हैं। गूगल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन ने पिछले महीने ईटी को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि यूट्यूब पर देखा जाने वाला 97 पर्सेंट से अधिक कंटेंट इंग्लिश में नहीं होता। हैदराबाद की कंटेंट मॉडरेशन कंपनी इंफोईसर्च के आनंद राव ने बताया, 'कंटेंट की मात्रा बढ़ने से इंटरनेट पर जंक की आशंका भी अधिक हो गई है। हम 10 भारतीय भाषाओं में सपोर्ट देते हैं और हमने मॉडरेटर्स की संख्या 75 से बढ़ाकर लगभग 100 की है।'

फेसबुक ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि उसके प्लेटफॉर्म पर देखे जाने वाले प्रत्येक 10,000 पीस के कंटेंट में से 7-9 उसकी अडल्ट न्यूडिटी और पोर्नोग्राफी गाइडलाइंस का उल्लंघन करते हैं। फेसबुक के पास भारत में 24 करोड़ से अधिक यूजर हैं।

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