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सूक्ष्म ऋण क्षेत्र की वृद्धि तीसरी तिमाही में धीमी रही

मुंबई, 26 फरवरी (भाषा) सूक्ष्म ऋण क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में धीमी पड़कर 24.22 प्रतिशत रही। अक्टूबर-दिसंबर के दौरान इस क्षेत्र का बाजार में कुल वितरित ऋण तिमाही के अंत में 2.11 लाख करोड़ रुपये था। माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क (एमएफआईएन) की त्रैमासिक सर्वेक्षण रपट के मुताबिक 31 दिसंबर 2019 तक सूक्ष्म वित्त उद्योग ने पूरे देश में 10.11 करोड़ ऋण खातों के माध्यम से अलग अलग 5.64 करोड़ लोगों को ऋण वितरित किये थे। एमएफआईएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्ष श्रीवास्तव ने रपट में कहा, ‘‘ यह उद्योग देश में सूक्ष्म ऋण की

भाषा 26 Feb 2020, 7:40 pm
मुंबई, 26 फरवरी (भाषा) सूक्ष्म ऋण क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में धीमी पड़कर 24.22 प्रतिशत रही। अक्टूबर-दिसंबर के दौरान इस क्षेत्र का बाजार में कुल वितरित ऋण तिमाही के अंत में 2.11 लाख करोड़ रुपये था। माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क (एमएफआईएन) की त्रैमासिक सर्वेक्षण रपट के मुताबिक 31 दिसंबर 2019 तक सूक्ष्म वित्त उद्योग ने पूरे देश में 10.11 करोड़ ऋण खातों के माध्यम से अलग अलग 5.64 करोड़ लोगों को ऋण वितरित किये थे। एमएफआईएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्ष श्रीवास्तव ने रपट में कहा, ‘‘ यह उद्योग देश में सूक्ष्म ऋण की जरूरत वाले 30 प्रतिशत घरों तक पहुंच बना चुका है। इसलिए अभी भी क्षेत्र में विस्तार और वृद्धि की कई संभावनाएं हैं।’’ सूक्ष्म ऋण बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बैंकों की है। इस बाजार में बैंकों द्वारा बांटा गया कुल ऋण 83,876 करोड़ रुपये रहा। जबकि बाजार में कुल 66,159 करोड़ रुपये के ऋण वितरण के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां-सूक्ष्म वित्त संस्थान (एनबीएफसी-एमएफआई) दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार रहीं। लघु वित्त बैंकों (एसएफबी) का बाजार में कुल वितरित ऋण 37,282 करोड़ रुपये, एनबीएफसी का 21,591 करोड़ रुपये और एमएफआई का 2,395 करोड़ रुपये रहा। यह रपट 48 एनबीएफसी-एमएफआई कंपनियों के तीसरी तिमाही के आंकड़ों का आकलन कर तैयार की गयी है। इसके मुताबिक इनके कुल ऋण वितरण में 90 प्रतिशत वितरण नकदी रहित तरीके से किया गया। क्षेत्र के आधार पर कुल ऋण वितरण में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र की, 28 प्रतिशत दक्षिण की, 10 प्रति उत्तर की, 14 प्रतिशत पश्चिम की और आठ प्रतिशत मध्य क्षेत्र की रही। समीक्षावधि के दौरान एनबीएफसी-एमएफआई को 10,960 करोड़ रुपये का ऋण मिला। यह वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है।

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