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पीएम मोदी ने 1 लाख करोड़ के ऐग्रिकल्चर इन्फ्रा फंड को लॉन्च किया, PM-KISAN की किस्त भी जारी

Agriculture Infrastructure Fund: पीएम मोदी ने ऐग्रिकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए फाइनैंसिंग फसिलटी को लॉन्च किया। एक लाख करोड़ के इस फंड का इस्तेमाल कोल्ड स्टोरेज तैयार करने, फूड प्रॉसेसिंग यूनिट लगाने जैसे कामों में किया जाएगा।

नवभारतटाइम्स.कॉम 9 Aug 2020, 12:12 pm

हाइलाइट्स

  • पीएम ने 1 लाख करोड़ का कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड जारी किया
  • इस फंड से कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रॉसेसिंग यूनिट लगाए जाएंगे
  • किसानों का फसल कम बर्बाद होगा तो उनकी इनकम बढ़ेगी
  • आज पीएम ने पीएम किसान की छठी किस्त को भी जारी किया

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नवभारतटाइम्स.कॉम PMKISAN11
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 1 लाख करोड़ के ऐग्रिकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए फाइनैंसिंग फसिलटी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किया। इसके अलावा PM-KISAN स्कीम की छठी किस्त के लिए 17000 करोड़ की राशि भी जारी की। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे।
छठी किस्त का फंड जारी
आज से पीएम किसान स्कीम की छठी और इस साल की दूसरी किस्त, देश के 8.5 करोड़ किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर होंगे। PM-KISAN के तहत साल में तीन बार 2000-2000 रुपये मिलते हैं।

आज से PM-Kisan की छठी किस्त, ऐसे रजिस्ट्रेशन

किसानों की इनकम बढ़ाने में मिलेगी मदद
एक लाख करोड़ के ऐग्रिकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट ( खेती के बाद के लिए) के लिए काम किया जाएगा। इसकी मदद से किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज, कलेक्शन सेंटर और फूड प्रॉसेसिंग यूनिट लगाई जाएगी। इन सुविधाओं के होने से फसल की बर्बादी कम होगी, किसान उचित समय पर सही कीमत मिलने पर अपनी फसल बेच पाएंगे। इसके अलावा जरूरत से ज्यादा किसी भी फसल का इस्तेमाल फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए किया जाएगा। सरकार का मकसद इसके जरिए किसानों की इनकम बढ़ाने की है।

अब तक 75 हजार बांटे जा चुके हैं
इस मौके पर बोलते हुए पीएम किसान के तहत बीते डेढ़ साल में 75 हजार करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा हो चुके हैं। इसमें से 22 हजार करोड़ रुपए तो कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान किसानों तक पहुंचाए गए हैं।

किसानों की इनकम बढ़ेगी
मोदी ने कहा कि ये हमारे किसान ही हैं, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान देश को खाने-पीने के जरूरी सामान की समस्या नहीं होने दी। देश जब लॉकडाउन में था, तब हमारा किसान खेतों में फसल की कटाई कर रहा था और बुआई के नए रिकॉर्ड बना रहा था। उन्होंने कहा कि जितने भी कदम उठाए जा रहे हैं, इनसे 21वीं सदी में देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर भी बदलेगी, कृषि से आय में भी कई गुणा वृद्धि होगी। हाल में लिए गए हर निर्णय आने वाले समय में गांव के नजदीक ही व्यापक रोजगार तैयार करने वाले हैं।

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