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एनसीएलएटी ने एमटेक ऑटो के परिसमापन का दिया आदेश

नयी दिल्ली , 16 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय कपंनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने कर्ज में डूबी एमटेक ऑटो की दिवाला प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने की अर्जी ठुकराते हुए परिसमापन का शुक्रवार को आदेश दिया। कर्जदाताओं ने दिवाला समाधन प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। एमटेक ऑटो उन 12 कंपनियों की पहली

भाषा 16 Aug 2019, 10:05 pm
नयी दिल्ली , 16 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय कपंनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने कर्ज में डूबी एमटेक ऑटो की दिवाला प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने की अर्जी ठुकराते हुए परिसमापन का शुक्रवार को आदेश दिया। कर्जदाताओं ने दिवाला समाधन प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। एमटेक ऑटो उन 12 कंपनियों की पहली सूची में शामिल हैं , जिनकी पहचान 2017 में रिजर्व बैंक ने एनपीए खाते के रूप में की थी और इनके खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित बैंकों को कहा था। ब्रिटेन की लिबर्टी हाउस एमटेक आटो के लिए सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरी थी। हालांकि , बाद में उसने कुछ कारणों का हवाला देते हुए दिवाला प्रक्रिया से हाथ पीछे खींच लिए। जिसके बाद बैकों ने नया खरीदार तलाशने के लिए 90 दिन का समय और मांगा था। अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की चंडीगढ़ पीठ को कंपनी के परिसमापन का आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। दरअसल , दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत समाधान योजना को अंतिम रूप देने के लिए निर्धारित 270 दिन की समयसीमा समाप्त होने बाद एनसीएलएटी ने यह निर्देश दिया है। एनसीएलएटी ने शुक्रवार को आदेश में कहा , " चूंकि 270 दिन गुजर गए हैं , संबंधित न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) परिसमापन का उचित आदेश देगा। यह कानून के अनुरूप होगा। " आईबीसी के तहत 180 दिनों के भीतर दिवाला प्रक्रिया को पूरा करना होता है। विशेष स्थिति में 90 दिन की मोहलत और दी जा सकती है। इसके बाद भी यदि समाधान नहीं निकलता है तो लेनदार कंपनी का परिसमापन शुरू किया जाता है।

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