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ब्याज दरें कम होने से पेंशनरों को सालाना ₹5,845 का नुकसान

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की स्टडी ने सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) को पूरी तरह टैक्स फ्री करने के विचार का समर्थन किया है।

इकनॉमिक टाइम्स 22 Nov 2019, 12:28 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम Pensioners
सांकेतिक तस्वीर।

देश में ब्याज दरों में गिरावट के ट्रेंड से पेंशन पाने वालों को तगड़ा झटका लगा है। जमा रकम पर मिलने वाले ब्याज की दरों में लगातार हो रही कटौती के कारण पेंशनरों की मुश्किल बढ़ रही है। उनकी आमदनी घट रही है जिसका असर उनके खर्च पर भी पड़ रहा है। आइए जानते हैं इस खबर से जुड़े कुछ प्रमुख सवालों के जवाब।
  1. क्या पेंशनरों पर घटते ब्याज के असर की किसी ने स्टडी की है?
    हां, देश के सबसे बड़े लेंडर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक अध्ययन कर कुछ आंकड़े जुटाए हैं।
  2. स्टडी के मुताबिक, पेंशनरों को कितना नुकसान हो रहा है?
    पेंशनरों को ब्याज दर में की गिरावट की वजह से औसतन 5,845 रुपये सालाना नुकसान हुआ है।
  3. देश में कितने पेंशनर हैं?
    स्टडी में कहा गया है कि देश में तकरीबन 4 करोड़ पेंशनर हैं।
  4. इन पेंशनरों के बैंक अकाउंट में औसतन कितनी रकम जमा है?
    इनमें से हरेक के खाते में 3.34 लाख रुपये का एवरेज टर्म डिपॉजिट है।
  5. पेंशनरों की आमदनी घटने के कारण उनके उपभोग में कितनी कमी आई है?
    इंट्रेस्ट रेट घटने से प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर पर पड़ने वाला अनुमानित असर 0.3 पर्सेंट है, जो कंजम्पशन मापने का पैमाना है।
  6. अभी कितना प्रतिशत ब्याज मिल रहा है?
    पेंशनरों की 2015 में 8.5% के रेट के आधार पर ब्याज से सालाना कमाई 28,370 रुपये थी। वहीं, मौजूद रेट 6.75% है, जिससे उन्हें ब्याज से मिलने वाली सालाना रकम घटकर 22,545 रुपये हो गई। इससे सालाना 5,845 रुपये के नुकसान का पता चला है।
  7. क्यों घटा है डिपॉजिट पर इंट्रेस्ट रेट?
    फिलहाल, कम ब्याज दर का दौर चल रहा है। रिजर्व बैंक ने ग्रोथ बढ़ाने के लिए लगातार पांच बार रीपो रेट यानी नीतिगत दर में कटौती की है। महंगाई दर भी लंबे वक्त से निचले स्तर पर बनी हुई है। इससे पेंशनरों की असल मंथली रिटर्न को झटका लग रहा है।
  8. ब्याज दर में कितने प्रतिशत की कटौती हुई है?
    रिजर्व बैंक ने इस साल फरवरी के बाद नीतिगत दर को 1.35 प्रतिशत घटाकर 5.15 प्रतिशत कर दिया है। इस दौरान अधिकांश बैंकों ने डिपॉजिट रेट में औसतन 1 प्रतिशत तक की कटौती की है।
  9. क्या सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम को टैक्स फ्री करना चाहिए?
    SBI की स्टडी ने सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) को पूरी तरह टैक्स फ्री करने के विचार का समर्थन किया है। एसबीआई में ग्रुप चीफ इकनॉमिक अडवाइजर सौम्य कांति घोष ने बताया, 'देश में कम-से-कम 4 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों के खाते में डिपॉजिट की औसतन रकम 3.34 लाख रुपये हो सकती है। इस घटते ब्याज दर के दौर में क्या डिपॉजिटर्स और बॉरोअर्स, दोनों के हितों के साथ एकसाथ जैसा व्यवहार वाजिब है।'
  10. सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम में डिपॉजिट की सीमा क्या है?
    SCSS के तहत सीनियर सिटीजन 15 लाख रुपये तक डिपॉजिट कर सकते हैं। इस पर मौजूदा ब्याज दर 8.6 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक, 'हालांकि, एससीएसएस से मिला ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल है, जो एक बड़ा झटका है।' एक लाख रुपये को पांच साल तक डिपॉजिट करने पर करीब 51 हजार रुपये मिलते हैं। इस पर टैक्स देना पड़ता है।

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