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रुपये की मजबूती के बाद RBI ने सट्टेबाजों को दिया कड़ा संदेश

[ सैकत दास | मुंबई ]रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने मजबूत होते रुपये पर लगाम लगाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। उसने बड़े बैंकों से बुधवार को ...

नवभारतटाइम्स.कॉम 16 Mar 2017, 9:00 am

[ सैकत दास | मुंबई ]

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने मजबूत होते रुपये पर लगाम लगाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। उसने बड़े बैंकों से बुधवार को अनौपचारिक तौर पर उनकी ओपन पोजिशंस के बारे में पूछताछ की। इसके जरिये आरबीआई ने यह संकेत दिया कि करेंसी मार्केट में सट्टेबाजी को लेकर उसका धैर्य जवाब दे रहा है। यह जानकारी डीलरों ने दी है। दरअसल, सट्टेबाजी के चलते ही रुपया 16 महीने में सबसे अधिक मजबूत हो गया है।

एशियाई देशों में इस महीने सिर्फ भारत की करेंसी मजबूत हुई है, जबकि दूसरी करेंसी की वैल्यू में कमी आई है। आरबीआई के मार्केट में दखल देने को महंगाई पर काबू पाने और सट्टेबाजों को सबक सिखाने की कोशिश माना जा रहा है। यूपी में बीजेपी की शानदार जीत के बाद शॉर्ट सेलर्स में अपनी पोजिशंस कवर करने की आपाधापी मच गई थी। यूपी के नतीजों के बाद माना जा रहा है कि केंद्र की मोदी सरकार इकनॉमिक रिफॉर्म्स को लेकर तेजी से कदम बढ़ाएगी। इससे विदेशी निवेश बढ़ रहा है, जिससे रुपये में मजबूती आ रही है।

इस बारे में मैकलॉय फाइनेंशियल के के कुरकुते ने बताया, 'सिर्फ रुपये में ही अभी मजबूती आ रही है।' उन्होंने बताया कि कंपनियों और ट्रेडरों को यह समझने में दिक्कत हो रही है कि किस इनफ्लो के चलते भारतीय करेंसी की ताकत बढ़ रही है। जिन ट्रेडर्स ने डॉलर में लॉन्ग पोजिशन ली थी, उनके पास लॉस पर सौदे काटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। कुरकुते ने कहा कि डॉलर को शॉर्ट करने में भी समझदारी नहीं है। रुपया इस साल एशियाई देशों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है। यह 3.28 पर्सेंट चढ़कर 65.69 पर पहुंच गया है, जो 4 नवंबर 2015 के बाद भारतीय करेंसी का हाइएस्ट लेवल है। रिजर्व बैंक के दखल देने से पहले इंट्राडे में रुपया 65.41 के लेवल तक पहुंचा था। आरबीआई ने रुपया का कोई लेवल तय नहीं किया है, लेकिन वह इसमें उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए करेंसी बाजार में दखल देता रहता है। करेंसी मार्केट में दखल के बारे में पूछे गए सवालों का आरबीआई ने जवाब नहीं दिया।

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