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बिना स्टडी के RBI ने लगाया वर्चुअल करेंसी पर बैन

[ नीलेश क्रिस्टोफर | बेंगलुरु ]रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बैंकों और दूसरी रेगुलेटेड एजेंसियों को बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी में डील करने ...

Navbharat Times 13 Jun 2018, 9:00 am

[ नीलेश क्रिस्टोफर | बेंगलुरु ]

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बैंकों और दूसरी रेगुलेटेड एजेंसियों को बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी में डील करने पर जो रोक लगाई थी, उसके लिए पब्लिक कंसल्टेशन या इंडिपेंडेंट रिसर्च को आधार नहीं बनाया गया था। आरबीआई से राइट टु इंफॉर्मेशन (आरटीआई) एक्ट के जरिये पूछे गए सवाल के जवाब से यह जानकारी मिली है। एक स्टार्टअप कंसल्टेंट वरुण सेठी के 9 अप्रैल को दायर आरटीआई एप्लिकेशन के जवाब में आरबीआई ने बताया है कि उसके पास वर्चुअल करेंसी को लेकर कोई अंदरूनी कमेटी भी नहीं है। हालांकि, रिजर्व बैंक दो अलग-अलग कमेटियों से जुड़ा रहा है, जिन्हें देश में वर्चुअल करेंसी की स्टडी के लिए वित्त मंत्रालय ने बनाया था।

एप्लिकेशन में पूछा गया था कि क्या वर्चुअल करेंसी को समझने के लिए रेगुलेटर ने कोई समिति बनाई थी, इसका जवाब उसने ना में दिया है। इकनॉमिक टाइम्स ने भी आरटीआई के जवाब की कॉपी देखी है। blockchainlawyer.in के संस्थापक और वकील सेठी ने बताया, 'रिजर्व बैंक ने स्पष्ट तौर पर बताया है कि उसने अप्रैल में वर्चुअल करेंसी पर पाबंदी लगाने के लिए कोई रिसर्च या कंसल्टेशन नहीं किया था। उसने यह भी कहा है कि ब्लॉकचेन के कॉनसेप्ट की पड़ताल के लिए कोई समिति नहीं बनाई गई थी।' इस खबर के लिए रिजर्व बैंक से ईमेल से पूछे गए सवालों का जवाब भी खबर लिखे जाने तक नहीं मिला था। 15 अप्रैल को आरबीआई ने एक नोटिस के जरिये बैंकों, ई-वॉलेट और पेमेंट गेटवे प्रोवाइडर्स के वर्चुअल करेंसी में डील करने पर रोक लगाई थी। इससे भारत में काम करने वाले क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों और वर्चुअल करेंसी में डील करने वाले बिजनेस के लिए सपोर्ट खत्म हो गया था। इसके बाद बैंकों ने इन एक्सचेंजों और ट्रेडर्स पर उनके खातों से वर्चुअल करेंसी में ट्रेडिंग रोकने के लिए दबाव डाला। एक्सचेंजों ने रिजर्व बैंक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है, जिस पर 20 जुलाई को सुनवाई होनी है। याचिका में कहा गया है कि स्टेकहोल्डर्स से बातचीत किए बगैर और बिना आधार के वर्चुअल करेंसी पर बैन लगाया गया। खेतान एंड कंपनी में एसोसिएट पार्टनर रेशमी देशपांडे ने कहा, 'आरबीआई के आरटीआई के जवाब से सुप्रीम कोर्ट में हमारा पक्ष मजबूत होगा।' लॉ फर्म सुप्रीम कोर्ट में एक याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रही है।

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