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SBI की नई स्कीम, समय पर मकान नहीं मिला तो बैंक वापस करेगा होम लोन की रकम

एसबीआई ने एक नई स्कीम पेश की है। इस स्कीम के तहत अगर समय पर आपको आपका मकान नहीं मिल पाता है तो बैंक आपका प्रिंसिपल अमाउंट आपको लौटा देगा। रेशिडेंशल बिल्डर फाइनैंस विद बायर गारंटी स्कीम' के तहत अधिकतम 2.5 करोड़ रुपये कीमत के मकान पर लोन मिल सकता है।

इकनॉमिक टाइम्स 8 Jan 2020, 10:44 pm

हाइलाइट्स

  • भारतीय स्टेट बैंक ने होम लोन की एक अनोखी स्कीम की है पेश
  • समय पर आपको आपका मकान नहीं मिल पाता है तो बैंक आपका प्रिंसिपल अमाउंट लौटाएगा
  • इस स्कीम' के तहत मिल सकता है अधिकतम 2.5 करोड़ रुपये का होम लोन
  • इसमें बिल्डर को भी मिल सकता है 50 करोड़ रुपये से लेकर 400 करोड़ रुपये तक का लोन
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सलोनी शुक्ला, मुंबई
भारी सुस्ती से जूझ रहे रियल एस्टेट सेक्टर में जान फूंकने के लिए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने एक अनोखी स्कीम लॉन्च की है। इस स्कीम के तहत अगर होमबायर्स को निर्धारित समय पर मकान का पजेशन नहीं मिल पाता है तो बैंक ग्राहक को पूरा प्रिंसिपल अमाउंट लौटा देगा। यह रिफंड स्कीम तबतक मान्य होगी, जबतक बिल्डर को ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) नहीं मिल जाता।
2.5 करोड़ तक मिलेगा लोन
'रेशिडेंशल बिल्डर फाइनैंस विद बायर गारंटी स्कीम' नामक इस स्कीम के तहत अधिकतम 2.5 करोड़ रुपये कीमत के मकान के लिए होम लोन मिल सकता है। इसमें बैंक के शर्तों का पालन करने वाले बिल्डर को भी 50 करोड़ रुपये से लेकर 400 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया, 'जिस स्कीम को हमने लॉन्च किया है, उसका रियल एस्टेट सेक्टर के साथ-साथ उन मकान खरीदारों पर पर बड़ा असर पड़ेगा, जो मकान का पजेशन न मिलने के कारण परेशानी में फंस जाते हैं।'

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'समय पर मकान देने का बढ़िया तरीका'
उन्होंने कहा, 'रेरा, वस्तु एवं सेवा कर (GST) के नियमों में काफी बदलाव तथा नोटबंदी के बाद हमें इस बात का एहसास हुआ कि होमबायर्स को समय पर मकान देने और उनका पैसा फंसने से बचाने का यह बढ़िया तरीका है।' इस स्कीम के पहले चरण में एसबीआई ने मुंबई के सनटेक डेवलपर्स के साथ तीन प्रॉजेक्ट्स के लिए एक समझौता किया है। ये प्रॉजेक्ट मुंबई के मेट्रोपॉलिटन रीजन में बनेंगे।

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इस तरह करेगा काम
रजनीश कुमार ने समझाते हुए कहा, 'यदि किसी खरीदार ने 2 करोड़ रुपये का फ्लैट बुक कराया है और 1 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। ऐसे में यदि प्रॉजेक्ट अटक जाता है तो हम खरीदार का 1 करोड़ रुपये रिफंड करेंगे। गारंटी की अवधि ओसी से जुड़ी रहेगी। यह गारंटी रेरा पंजीकृत परियोजनाओं के लिए मिलेगी। रेरा की समय-सीमा पार होने के बाद प्रॉजेक्ट को अटका माना जाएगा।'

सरकार ने भी उठाए कई कदम
सुस्ती से जूझ रहे रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने अनफिनिश्ड प्रॉजेक्ट्स वाले डेवलपर्स को राहत देने के लिए 25,000 करोड़ रुपये के अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) बनाया है।
(भाषा से इनपुट के साथ)

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