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मोदी सरकार के तीन साल के कामकाज को मार्केट ने दिए 75% मार्क्स

शेयर बाजार पिछले तीन साल के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज से बहुत खुश है। 40 फंड मैनेजरों और ब्रोकरों के ईटी मार्केट्स पोल में अर्थव्यवस्था को संभालने के मामले में सरकार को 10 में से 7.5 नंबर मिले। फंड मैनेजरों ने कहा कि भारत में निवेश करने को लेकर लोग सहज महसूस कर रहे हैं। कई को इंटरनैशनल एजेंसियों की तरफ से देश की रेटिंग बढ़ाए जाने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो सरकार के अब तक के अच्छे कामकाज पर मुहर लग जाएगी।

इकनॉमिक टाइम्स 16 May 2017, 7:06 am
मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम pm-modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

शेयर बाजार पिछले तीन साल के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज से बहुत खुश है। 40 फंड मैनेजरों और ब्रोकरों के ईटी मार्केट्स पोल में अर्थव्यवस्था को संभालने के मामले में सरकार को 10 में से 7.5 नंबर मिले। फंड मैनेजरों ने कहा कि भारत में निवेश करने को लेकर लोग सहज महसूस कर रहे हैं। कई को इंटरनैशनल एजेंसियों की तरफ से देश की रेटिंग बढ़ाए जाने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो सरकार के अब तक के अच्छे कामकाज पर मुहर लग जाएगी।

सर्वे में शामिल होने वाले करीब 70 पर्सेंट लोगों ने कहा कि पिछले तीन साल में सरकार ने उसी रफ्तार से काम किया है, जिसकी उम्मीद थी। दो-तिहाई ने कहा कि 2017 में निफ्टी 10,000 से 10,500 अंकों के बीच रहेगा, जबकि 10 पर्सेंट ने बताया कि उन्हें इस साल के अंत तक निफ्टी के 10,500 का लेवल पार करने की उम्मीद है। निफ्टी शुक्रवार को 9,400 पर बंद हुआ। फंड मैनेजरों ने कहा कि पिछले तीन साल में सरकार का ध्यान स्टेबल पॉलिसी एनवायरमेंट पर रहा है। इसमें खासतौर पर बनाई गई नीतियों के अमल पर जोर रहा है।

बिड़ला म्यूचुअल फंड के सीईओ ए बालसुब्रमण्यन का कहना था, 'मोदी सरकार के खर्च बढ़ाने से ना सिर्फ अर्थव्यवस्था स्टेबल हुई है बल्कि इसके आउटलुक में भी काफी सुधार आया है। सरकार ने कई कदम उठाए, जिससे शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव कम, भविष्य के बारे में अनुमान लगाना आसान हुआ है। इससे डोमेस्टिक और ग्लोबल इनवेस्टर्स कंफर्टेबल महसूस कर रहे हैं।'

मई 2014 में मोदी की ऐतिहासिक जीत के बाद से सेंसेक्स 26 पर्सेंट चढ़ा है। इस साल अब तक फॉरेन इंस्टिट्यूशनल इनवेस्टर्स (एफआईआई) ने 43,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं, पिछले तीन साल में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में 1.51 लाख करोड़ रुपये लगाए हैं। डोमेस्टिक इंस्टिट्यूशंस भी पिछले तीन साल में बाजार में 1.77 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं। करीब 55 पर्सेंट पोल पार्टिसिपेंट्स ने फिस्कल डेफिसिट मैनेज करने के मामले में सरकार की कोशिशों को 'एक्सलेंट' बताया। वहीं, 33 पर्सेंट ने 'गुड' रेटिंग दी।

एंबिट के ग्रुप सीईओ अशोक वाधवा ने कहा, 'जीएसटी सहित टैक्स रिफॉर्म इस सरकार की बड़ी उपलब्धि होगी। काले धन पर सख्ती से टैक्स टु जीडीपी रेशो में सुधार होगा। इससे फिस्कल मैनेजमेंट में भी आगे चलकर आसानी होगी।' मई 2014 में मोदी की लीडरशिप में बीजेपी की जीत के बाद सेंसेक्स में अच्छी तेजी आई थी। उस समय माना गया था कि नई सरकार इकनॉमिक ग्रोथ तेज करने के लिए जरूरी रिफॉर्म्स को जल्द लागू करेगी। इनाम होल्डिंग्स के डायरेक्टर मनीष चोखानी ने कहा, 'भारत पर निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए हम प्रधानमंत्री को सलाम करते हैं। 1 लाख करोड़ डॉलर के गवर्नमेंट एसेट्स की री-साइक्लिंग की उम्मीद है। इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। स्किल और जॉब क्रिएशन को लेकर पहल और टैक्स कोड को सिंपल बनाए जाने के आसार भी हैं।'

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