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पतंजलि के 'कोट से लंगोट' तक के प्लान को इंडस्ट्री का सपोर्ट

योग गुरु बाबा रामदेव की कपड़ों के सेक्टर में उतरने और 'खादी' कपड़ों की मैन्युफैक्चरिंग की योजना को टेक्सटाइल इंडस्ट्री के बड़े नामों से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है। इंडस्ट्री के कुछ बड़े नामों ने अपने प्रॉडक्ट्स के साथ पतंजलि से संपर्क किया है।

इकनॉमिक टाइम्स 7 Oct 2016, 8:12 am
राघव ओहरी, हरिद्वार
नवभारतटाइम्स.कॉम textile majors keen to stitch up patanjalis khadi proposal
पतंजलि के 'कोट से लंगोट' तक के प्लान को इंडस्ट्री का सपोर्ट

योग गुरु बाबा रामदेव की कपड़ों के सेक्टर में उतरने और 'खादी' कपड़ों की मैन्युफैक्चरिंग की योजना को टेक्सटाइल इंडस्ट्री के बड़े नामों से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है। इंडस्ट्री के कुछ बड़े नामों ने अपने प्रॉडक्ट्स के साथ पतंजलि से संपर्क किया है।

सूत्रों ने बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में रेमंड ग्रुप की एक टीम ने अपने प्रॉडक्ट के सैंपल पतंजलि के एग्जिक्यूटिव्स को दिखाए थे। अहमदाबाद की टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर अरविंद लिमिटेड ने भी बिजनस की संभावनाओं को तलाशने के लिए पतंजलि से बातचीत की है।

रेमंड लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, गौतम हरि सिंघानिया ने ईटी को ईमेल से दिए जवाब में कहा, 'टेक्सटाइल सेक्टर में अग्रणी होने की वजह से रेमंड ने भारत को हाइ क्वॉलिटी फैब्रिक्स और अपैरल के एक पसंदीदा सप्लायर के तौर पर प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारी डेनिम मैन्युफैक्चरिंग को अलग प्रकार के और इनोवेटिव प्रॉडक्ट के लिए जाना जाता है और हम बड़े भारतीय और इंटरनैशनल ब्रैंड्स को सप्लाइ करते हैं। हम भारतीय ग्राहकों को ग्लोबल फैशन का बेस्ट देने के लिए मौकों और पार्टनरशिप का मूल्यांकन करते रहते हैं।' हमारे सूत्रों के अनुसार पार्टनरशिप की संभावनाएं तलाशने सिंघानिया इस महीने के अंत में बाबा रामदेव से मिलने वाले हैं।

रामदेव की 'खादी' के प्रॉडक्शन में बड़े स्तर पर उतरने की योजना है। रामदेव का कहना है, 'अगर हमारे देश में फैब इंडिया जैसी विदेशी कंपनियां खादी प्रॉडक्ट्स बेच रही हैं तो यह महात्मा गांधी और उनकी राजनीतिक विचारधारा की हत्या है। पतंजलि की कपड़ा सेक्टर के लिए बड़ी योजनाएं हैं। लंगोट से लेकर कोट तक हर चीज बनाई जाएगी।'

उन्होंने कहा कि भारतीयों को पूरी तरह स्वदेशी बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि बड़े बिजनस ग्रुप से उलट उनका विज्ञापन का काम एक भारतीय विज्ञापन एजेंसी 'वरमिलन' संभालती है।
रामदेव ने नाम लेने से इनकार करते हुए बताया कि इंडस्ट्री के कुछ बड़े नामों ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने कहा, 'कुछ मीटिंग हुई हैं। हम इसमें टेक्सटाइल इंडस्ट्री को साथ लेकर चलेंगे और यह एक सामूहिक कोशिश होगी।'

पतंजलि डायबिटीज, मोटापे और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए ऑर्गेनिक क्लोदिंग मैन्युफैक्चर करने के विकल्प भी तलाश रही है। पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने ईटी को बताया, 'हम प्योर, नैचरल, ऑर्गेनिक और हर्बल कपड़ों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए नैचरल डाइज का इस्तेमाल करना चाहेंगे।'

यह पूछने पर कि क्या पतंजलि क्लोदिंग को बेचने के लिए अपने रिटेल आउटलेट्स खोलेगी, बालकृष्ण ने कहा कि इस पर अभी विचार किया जा रहा है। प्रत्येक चीज सर्वे, रिसर्च और डिवेलपमेंट प्रोसेस के बाद की जाएगी। उनका कहना था कि पतंजलि यह सुनिश्चित करेगी कि ग्राहकों के लिए क्वॉलिटी प्रॉडक्ट्स पेश किए जाएं।

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