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टेलिकॉम वॉर में रोमिंग का वजूद मिटा, कन्ज्यूमर बने बादशाह

वैसे मोबाइल फोन यूजर्स जो देशभर में घूमते रहते हैं, उनका बिल अप्रैल से कम आएगा क्योंकि भारती एयरटेल

इकनॉमिक टाइम्स 17 Apr 2017, 8:35 am
कल्याण पर्बत, कोलकाता
नवभारतटाइम्स.कॉम the custom of taking roaming charges is over thanks to relinace jio
टेलिकॉम वॉर में रोमिंग का वजूद मिटा, कन्ज्यूमर बने बादशाह

वैसे मोबाइल फोन यूजर्स जो देशभर में घूमते रहते हैं, उनका बिल अप्रैल से कम आएगा क्योंकि भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया, आइडिया सेल्युलर और एयरसेल ने रिलायंस जियो इन्फोकॉम के ऑफर का मुकाबला करने के लिए रोमिंग चार्जेज खत्म करने की दिशा में कदम उठाए हैं। 1 अप्रैल से भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया, आइडिया सेल्युलर और एयरसेल ने रोमिंग पर इनकमिंग चार्जेज खत्म कर दिए हैं। वहीं, रिलायंस जियो इन्फोकॉम लाइफटाइम वॉयस कॉल्स फ्री में ऑफर कर रहा है। इसका मतलब यह है कि रोमिंग के वक्त किसी भी नेटवर्क पर इनकमिंग या आउटगोइंग कॉल्स का चार्ज नहीं लिया जाएगा।

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मार्केट लीडर एयरटेल ने भी कहा है कि वह आउटगोइंग कॉल्स पर रोमिंग के दौरान प्रीमियम चार्ज नहीं करेगी। ऐसे में दूसरी कंपनियों के पास इसी राह पर चलने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। इसलिए अगर आप कहीं घूमने जा रहे हैं तो बेफिक्र होकर मोबाइल फोन पर बात करिए, आपको होम रेट्स पर ही भुगतान करना होगा। इससे रोमिंग के वक्त मंथली फोन बिल्स कम आएंगे।

हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे आने वाले महीनों में टेलिकॉम कंपनियों के वॉयस ऐवरेज रेवेन्यू पर यूजर (एआरपीयू) में कमी आ सकती है। उनका कहना है कि इसका असर अप्रैल महीने से ही दिखने लगेगा क्योंकि कंपनियों की आमदनी में रोमिंग बिजनस की हिस्सेदारी 3-4.5 प्रतिशत है। हालांकि, रोमिंग चार्जेज खत्म या कम होने से आमदनी में जो कमी आएगी, उसकी भरपाई बढ़ते कॉल वॉल्यूम से हो सकती है।

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रेटिंग एजेंसी फिच के डायरेक्टर नितिन सोनी ने माना कि इस कदम का सबसे अधिक फायदा कन्ज्यूमर्स को होगा। रोमिंग चार्जेज खत्म होने से ‘बिल शॉक’ का नामोनिशान मिट जाएगा, जिससे लोग ज्यादा बातचीत करेंगे। इस बारे में एंजेल ब्रोकिंग के फंड मैनेजर मयूरेश जोशी ने कहा, ‘जब जियो ने अपने यूजर्स को वॉयस कॉल्स फ्री में देने की घोषणा की, उसके बाद से डोमेस्टिक रोमिंग चार्जेज का कोई मतलब नहीं रह गया था।’

उन्होंने कहा कि जियो और एयरटेल के डोमेस्टिक रोमिंग को लेकर कदम उठाने के बाद वोडापोन और आइडिया के पास उनकी राह पर चलने के सिवा कोई चारा नहीं बचा है। एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया ने डोमेस्टिक रोमिंग चार्जेज खत्म करने से संभावित नुकसान के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए। वहीं, एक टॉप इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि सभी टेलिकॉम कंपनियां अब पूरे देश को एक मार्केट के रूप में ले रही हैं। वे इसे अलग-अलग 22 सर्किल के तौर पर नहीं देख रही हैं। इसलिए डोमेस्टिक रोमिंग चार्जेज गुजरे वक्त की बात हो सकता है।

पिच के सोनी को लगता है कि डेटा कंजम्पशन में बढ़ोतरी के चलते वैसे भी डोमेस्टिक रोमिंग का कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि कन्ज्यूमर्स वॉट्सऐप, स्काइप से लेकर फेसबुक मैसेंजर का इस्तेमाल लॉन्ग डिस्टेंस कॉल्स के लिए कर रहे हैं। ऐसे में नैशनल रोमिंग का कॉनसेप्ट अपना वजूद गंवा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम के चलते आने वाले क्वॉर्टर्स में मौजूदा कंपनियों की आमदनी घट सकती है।

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