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बजट के प्रभाव, वृहद आर्थिक आंकड़ों से इस सप्ताह तय होगी बाजार की दिशा

नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) केंद्रीय बजट का बहुत अधिक प्रभाव इस सप्ताह शेयर बाजारों पर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही इस हफ्ते जारी किये जाने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों का असर भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है। बजट में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाये जाने के प्रस्ताव के बाद बीएसई सेंसेक्स एवं एनएसई निफ्टी में चार दिन से जारी बढ़त का सिलसिला शुक्रवार को थम गया था और दोनों शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गयी थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि यह न्यूनतम सार्वजनिक

भाषा 7 Jul 2019, 3:50 pm
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) केंद्रीय बजट का बहुत अधिक प्रभाव इस सप्ताह शेयर बाजारों पर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही इस हफ्ते जारी किये जाने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों का असर भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है। बजट में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाये जाने के प्रस्ताव के बाद बीएसई सेंसेक्स एवं एनएसई निफ्टी में चार दिन से जारी बढ़त का सिलसिला शुक्रवार को थम गया था और दोनों शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गयी थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि यह न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने का सही समय है। सेंट्रम ब्रोकिंग की एक रपट में कहा गया है कि टीसीएस, विप्रो और डिमार्ट सहित 1,174 सूचीबद्ध कंपनियों को अपने प्रवर्तकों की 3.87 लाख करोड़ रुपये मूल्य की हिस्सेदारी को कम करना होगा। सैमको सिक्योरिटीज एंड स्टॉकनोट के संस्थापक एवं सीईओ जीमित मोदी ने कहा, ''सबसे प्रतीक्षित कार्यक्रम खत्म हो गया है। इसका प्रभाव इस सप्ताह जारी रहेगा क्योंकि कुछ निर्णयों का असर शेयर बाजारों पर देखने को मिलेगा।'' रेलिगेयर ब्रोकिंग के खुदरा वितरण विभाग के अध्यक्ष जयंत मांगलिक ने कहा, ''हमें सोमवार को भी केंद्रीय बजट का प्रभाव देखने को मिल सकता है। शेयर बाजारों में भारी गिरावट दिखाते हैं कि आने वाले समय में वे और टूट सकते हैं।'' विश्लेषकों के मुताबिक बहुप्रतीक्षित बजट पेश किया जा चुका है और अब मध्य जुलाई से आने वाले पहले तिमाही के बिक्री परिणामों का असर बजट पर देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा औद्योगिक उत्पादन और मुद्रास्फीति के आंकड़े, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव सहित अन्य पहलुओं से इस सप्ताह बाजार की दिशा तय होगी। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रबंध निदेशक विशाल कम्पानी के मुताबिक, ''राजग 2.0 के पहले बजट में पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का पक्का इरादा दिखता है। इस दिशा में कुछ ठोस एवं निर्णायक कदम उठाये गए हैं।'' जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ''सूचीबद्ध कंपनियों में सार्वजनिक हिस्सेदारी को बढ़ाने का प्रस्ताव आवश्यक है लेकिन कुछ बड़ी बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में इससे लागू करने में व्यवहारिक दिक्कतें आएंगी।'' पिछले सप्ताह सेंसेक्स 118.75 अंक की बढ़त के साथ शुक्रवार को 39,513.39 अंक पर बंद हुआ था।

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