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विदेशियों के लिए भारत और चीन में समान मुश्किलें

विदेशी प्रफेशनल्स के वेतन और इंटरनैशनल मोबिलिटी डेटा उपलब्ध कराने वाली AIRINC के सामान और सर्विसेज की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता पर एक विश्लेषण से पता चलता है कि नई दिल्ली और मुंबई मुश्किलों के लिहाज से चीन के बिजनस सेंटर पेईचिंग और शंघाई के बराबर हैं।

इकनॉमिक टाइम्स 28 Jun 2017, 8:46 am
रीका भट्टाचार्य, मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम india-china
फाइल फोटो

भारत में रहने वाले किसी विदेशी के लिए अपने बच्चे के एेडमिशन के लिए अच्छा स्कूल खोजना उतना ही मुश्किल है, जितना चीन में रहने वाले एक विदेशी के लिए है। विदेशी प्रफेशनल्स के वेतन और इंटरनैशनल मोबिलिटी डेटा उपलब्ध कराने वाली AIRINC के सामान और सर्विसेज की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता पर एक विश्लेषण से पता चलता है कि नई दिल्ली और मुंबई मुश्किलों के लिहाज से चीन के बिजनस सेंटर पेईचिंग और शंघाई के बराबर हैं।

विश्लेषण में कहा गया है कि देश के दो अन्य प्रमुख बिजनेस सेंटर्स बेंगलुरु और चेन्नई भी तेजी से बढ़ रहे हैं और अगले कुछ वर्षों में विदेशियों के बीच लोकप्रिय हो सकते हैं। पल्यूशन के लेवल और बीमारियों जैसे कारणों में नई दिल्ली के मुकाबले बेंगलुरु की स्थिति बेहतर है। AIRINC के वाइस प्रेसिडेंट, फ्रेड स्कोलोमैन ने कहा, 'बिजनेस के उद्देश्यों की असरदार तरीके से मदद करने के लिए ग्लोबल मोबिलिटी टीमों को तीन एरिया पर ध्यान देने की जरूरत है। इनमें बिजनस की जरूरत के अनुसार सही पॉलिसीज बनाना, मोबिलिटी के लिए सही ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर को लागू करना और ग्लोबल मोबिलिटी के एजेंडा की सफलता के लिए ऑर्गनाइजेशन के अंदर सही संबंधों को बढ़ावा देना शामिल हैं।'

भारत में AIRINC और एऑन हेविट टॉप कंपनियों को ग्लोबल टैलेंट को आकर्षित करने और बरकरार रखने के लिए सॉल्यूशंस तैयार करने में मदद करती हैं। एऑन कंसल्टिंग के पार्टनर, आनंदोरूप घोष ने बताया, 'अब कंपनियां मोबिलिटी पॉलिसीज को बिजनस के उद्देश्यों के अनुरूप बनाने की जरूरत पर ध्यान दे रही हैं।' हालांकि, ग्लोबल लेवल पर भारत को अभी एक लंबा रास्ता तय करना है। फाइनेंशल और लाइफस्टाइल बेनेफिट्स के आधार पर दुनिया के बड़े शहरों के ग्लोबल 150 सिटीज इंडेक्स में नई दिल्ली का स्थान 119 और मुंबई का 125 है। इसमें शंघाई का पायदान 73 और पेइचिंग का 90 है। इंडेक्स में उन शहरों को ऊंचा स्थान मिला है, जहां अधिक सैलरी के साथ कम टैक्स और कॉस्ट और बेहतर लाइफस्टाइल का मिश्रण है। इंडेक्स में स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख और जिनेवा टॉप पर हैं। इनके बाद लग्जमबर्ग, म्यूनिख, विएना, न्यूयॉर्क, बर्लिन, टोरंटो, कैलगरी (कनाडा) और सैन फ्रांसिस्को हैं। AIRINC ने 60 से अधिक मुश्किलों के आधार पर 2,500 से अधिक शहरों की रिसर्च और मूल्यांकन किया था। इन मुश्किलों को सुरक्षा को खतरा और असुविधा जैसी 11 कैटेगरी में बांटा गया था। सर्वे में रैंकिंग तय करने के लिए प्रत्येक शहर में सैलरी का लेवल, टैक्स रेट, लिविंग कॉस्ट और रहने की स्थितियों को देखा गया।

लाइफस्टाइल बेनेफिट्स के लिहाज से नई दिल्ली का स्थान 119 और मुंबई का 120 है। फाइनेंशल बेनेफिट्स के आधार पर नई दिल्ली को 118 और मुंबई को 129 स्थान मिला है। सर्वे में कहा गया है कि एनवायरमेंट से जुड़े कारणों को लेकर कंपनियों कुछ खास नहीं कर सकती, लेकिन वे सैलरी, हाउसिंग, एजुकेशन अलाउंस को लेकर इंसेंटिव दे सकती हैं।

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