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पेट्रोल पंप पर ठगे जा रहे हैं? कुछ जरूरी बातों का रखें ध्यान

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से ग्राहक परेशान हैं। देश में पेट्रोल पंपों पर कम नाप करना या मिलावट करना आम है। ऐसे में आपको सावधान रहने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए। पिछले महीने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल पंप...

इकनॉमिक टाइम्स 7 Jul 2018, 4:38 pm
देवांश शर्मा, नई दिल्ली
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से ग्राहक परेशान हैं। देश में पेट्रोल पंपों पर कम नाप करना या मिलावट करना आम है। ऐसे में आपको सावधान रहने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए। पिछले महीने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल पंप फ्रॉड की रैंकिंग साझा की थी जिसमें दिल्ली का तीसरा स्थान था। दिल्ली में अप्रैल 2014 से दिसंबर 2017 तक शॉर्ट फ्यूलिंग के 785 मामले सामने आए। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की रैंकिंग दिल्ली से ऊपर थी। ऐसे में आपको कुछ इस तरह सावधानी रखनी चाहिए-

1- अगर आप कार में फ्यूल डला रहे हैं तो कुछ बातें आपको शंका में डाल सकती हैं। इंजन में होने वाली दिक्कत और कम माइलेज पेट्रोल की क्वालिटी की ओर संकेत करता है। ऐसे में पेट्रोल का फिल्टर पेपर टेस्ट कराना चाहिए। कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट 1986 के मुताबिक पेट्रोल पंप के पास फिल्टर पेपर होना चाहिए और ग्राहक के मांगने पर उपलब्ध कराना चाहिए। पेपर पर तेल की बूंद डालकर देखना होता है कि क्या यह बिना दाग छोड़ उड़ जाता है। अगर ऐसा नहीं होता तो तेल में मिलावट है।

2- स्टार्ट-स्टॉप शॉर्ट फ्यूलिंग

ज्यादा ईंधन भराने पर शॉर्ट फ्यूलिंग की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। मान लीजिए आपने 1500 का पेट्रोल डालने को कहा। वर्कर ने 500 का भरा और रोक दिया। जब आपने दोबारा 1000 का भरने को कहा तो उसने बिना रीस्टार्ट किए 1000 का भर दिया। ऐसे में आपका 500 रुपये का नुकसान हो गया। ऐसे ही तरीके निकालकर शॉर्ट फ्यूलिंग की जाती है। जीरो मशीन पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है।

3- पांच लीटर टेस्ट
दरअसल कई बार पेट्रोल पंप पर नॉजल में छेड़छाड़ करके 100 से 150 ml तक ईंधन में हेरफेर की जाती है। ऐसे में शक होने पर पांच लीटर टेस्ट करना चाहिए। पेट्रोल पंप पर 5 लीटर का एक प्रमाणित बर्तन होता है। आप उसमें 5 लीटर पेट्रल/डीजल डलवाकर जांच सकते हैं कि नाप सही है या नहीं।

4- अन्य सावधानियां
हमेशा ईंधन का सेलिंग प्राइस जरूर चेक करें। डीलर को प्राइस डिस्प्ले करना चाहिए। डीलर ज्यादा धनराशि नहीं ले सकता है। डिस्प्ले की गई कीमत से चार्ज की कई कीमत का मिलान करना चाहिए।

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