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गोल्ड जूलरी की हॉलमार्किंग की शर्त पर जूलर्स ने उठाए सवाल

उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने संकेत दिया है कि 14, 18 और 22 कैरट की गोल्ड जूलरी...

इकनॉमिक टाइम्स 23 Mar 2017, 11:10 am
सुतानुका घोषाल, कोलकाता
नवभारतटाइम्स.कॉम jewellers raised question on hallmarking condition of gold jewellery
गोल्ड जूलरी की हॉलमार्किंग की शर्त पर जूलर्स ने उठाए सवाल

कन्ज्यूमर अफेयर्स मिनिस्टर रामविलास पासवान के यह संकेत देने के साथ कि 14, 18 और 22 कैरट की गोल्ड जूलरी की हॉलमार्किंग जल्द अनिवार्य कर दी जाएगी, गोल्ड जूलरी बिजनस से जुड़े लोगों ने इस कदम पर सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि देश में 6 लाख जूलर्स को हॉलमार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अभी तक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं है। वहीं, पश्चिमी भारत के जूलर्स ने सवाल उठाया है कि 23 और 24 कैरट की जूलरी का क्या होगा, जिसका इस्तेमाल देश के इस हिस्से में बड़े पैमाने पर शादियों में किया जाता है।

इंडिया बुलियन ऐंड जूलरी असोसिएशन (IBJA) के सेक्रटरी सुरेंद्र मेहता ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, 'देश में केवल 425 हॉलमार्किंग सेंटर्स हैं और उनमें से ज्यादातर बड़े मेट्रो और शहरों में हैं। इसके अलावा, देश में केवल 13,000 BIS सर्टिफाइड जूलर्स हैं। ऐसी स्थिति में अगर सरकार केवल कुछ खास कैरट की गोल्ड जूलरी की हॉलमार्किंग जरूरी करना चाहती है तो यह मार्केट में संशय पैदा करेगा। पहले, हॉलमार्किंग ऑप्शनल थी, लेकिन अब इसे जरूरी बनाया गया है।'

मौजूदा समय में गोल्ड ट्रेड के लिए जूलरी की हॉलमार्किंग उस समय तक एक बड़ी समस्या है, जब तक कि उनकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स या रिटेल आउटलेट्स, हॉलमार्किंग सेंटर के करीब न हों। ऑल इंडिया जेम ऐंड जूलरी ट्रेड फेडरेशन के चेयरमैन नितिन खंडेलवाल ने बताया, 'मेरे ज्यादातर आउटलेट्स अकोला में हैं और सबसे करीब का हॉलमार्किंग सेंटर इन आउटलेट्स से 300 किलोमीटर दूर है। मुझे अपनी 50 फीसदी जूलरी मुंबई से हॉलमार्क करानी पड़ती है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग की कॉस्ट बढ़ जाती है। सरकार को कोई भी फैसला लेने से पहले उचित इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहिए।'

उन्होंने कहा, 'और हम जो 24 कैरट का गोल्ड कॉइन बेचते हैं, उसका क्या?' मेहता ने कहा कि वह और कैटिगरीज में हॉलमार्किंग चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'नहीं तो जूलर्स को अपना स्टॉक गलाकर केवल 14, 18 और 22 कैरट की जूलरी बनानी होगी। दूसरी कैटिगरी के लिए भी हॉलमार्किंग को जरूरी किया जाना चाहिए।' हालांकि, इंडस्ट्री एग्जिक्युटिव सरकार के इस कदम को लेकर चिंतित हैं। वहीं, बुधवार को दिन के कारोबार के दौरान गोल्ड की कीमतें 370 रुपये बढ़कर 28,995 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं थीं।

गोल्ड की घरेलू कीमतों में ग्लोबल रुझान के मुताबिक ही तेजी आई। कारोबार के आखिर में गोल्ड की कीमतें 28,950 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर बंद हुईं। मंगलवार के बंद स्तर के मुकाबले गोल्ड की कीमतों में 325 रुपये की तेजी आई है। ऋद्धिसिद्धि बुलियन के मैनेजिंग डायरेक्टर पृथ्वीराज कोठारी ने बताया, 'डोनल्ड ट्रंप के इकनॉमिक अजेंडा को लेकर बढ़ते संदेह के कारण गोल्ड की कीमतों में तेजी आई है। अगर यह जारी रहता है तो गोल्ड में और तेजी देखने को मिल सकती है।'

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