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मॉनसून 4-5 दिनों में भारतीय तट पर पहुंचेगा: IMD

[ ईटी ब्यूरो | नई दिल्ली ]मौसम विभाग ने मॉनसून पर अपने दूसरे फोरकास्ट में कहा है कि यह उसके अप्रैल के अनुमान से कहीं ज्यादा मजबूत होगा और बारिश की ...

नवभारतटाइम्स.कॉम 3 Jun 2016, 9:00 am

[ ईटी ब्यूरो | नई दिल्ली ]

मौसम विभाग ने मॉनसून पर अपने दूसरे फोरकास्ट में कहा है कि यह उसके अप्रैल के अनुमान से कहीं ज्यादा मजबूत होगा और बारिश की कमी की आशंका बिल्कुल भी नहीं है। मौसम विभाग ने अप्रैल में कहा था कि बारिश की कमी एक फीसदी हो सकती है। विभाग ने सामान्य से कमजोर मॉनसून की आशंका को भी अप्रैल के 5 से घटाकर 4 फीसदी कर दिया है। कुल मिलाकर विभाग ने अप्रैल के फोरकास्ट को बनाए रखा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि लगातार दो साल सूखा पड़ने के बाद इस साल देश में सामान्य मॉनसून से कहीं अधिक बारिश होगी। यह लॉन्ग एवरेज पीरियड की 106 फीसदी होगी।

IMD ने कहा कि मॉनसून के पहुंचने के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। यह अगले 4-5 दिन में भारतीय तट पर पहुंच जाएगा। IMD के डायरेक्टर जनरल एल एस राठौड़ ने कहा कि रीजन के आधार पर नॉर्थवेस्ट में मॉनसूनी बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का 108 फीसदी, सेंट्रल और दक्षिण भारत में 113 फीसदी और पूर्वी भारत में 94 फीसदी हो सकती है। देश में जुलाई और अगस्त के दौरान मंथली बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज का क्रमश: 107 और 104 फीसदी हो सकती है। राठौड़ ने कहा है कि शुरुआत में जून में बारिश कम होगी, लेकिन महीने के आखिरी हिस्से में इसमें तेजी आएगी।

विभाग के लॉन्ग रेंज वेदर फोरकास्टिंग के हेड डी एस पाई का कहना है, 'मॉनसून में कुछ प्रगति हुई है। यह बंगाल की खाड़ी में मजबूत हो रहा है। अगले कुछ दिनों में यह अरब सागर में मजबूत होगा।' उन्होंने कहा कि मॉनसून सीजन के बाद वाले हिस्से में ला नीना कंडीशन की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'सामान्य तौर पर ला नीना वाले साल में इंडियन साउथ वेस्ट मॉनसून सामान्य से अधिक मजबूत होता है।' 18 मई से अब तक मॉनसून बंगाल की खाड़ी के ऊपर रहा, जिससे म्यांमार में अच्छी बारिश हुई। इसे 25 मई तक श्रीलंका को कवर करने के साथ भारत में एंट्री करनी चाहिए थी। 15 मई को मौसम विभाग ने कहा था कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 7 जून को केरल पहुंच सकता है। विभाग ने इसमें चार दिन की देरी या जल्दी के मॉडल एरर की आशंका जताई थी। पिछले साल मॉनसून 6 दिन की देरी से 5 जून को केरल पहुंचा था। मौसम विभाग ने अप्रैल में कहा था कि चार महीने के मॉनसून सीजन के दौरान बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज के मुकाबले 6 फीसदी ज्यादा होगी। विभाग ने कहा था कि 30 फीसदी की अतिरिक्त बारिश की संभावना के साथ मॉनसून के नॉर्मल या सरप्लस रहने की उम्मीद 94 फीसदी है। पिछले साल मॉनसूनी बारिश सामान्य से 14 फीसदी कम थी। वहीं, 2014 में बारिश की कमी 12 फीसदी थी।

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