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PPF या EPF! किसमें निवेश जल्दी बन जाएगा 1 करोड़ रुपया

EPF और PPF दोनों सरकार की बचत योजनाएं हैं। EPF को एक सरकारी संस्था द्वारा मैनेज किया जाता है, जिसे EPFO कहा जाता है जबकि PPF को सरकार द्वारा सीधे मैनेज किया जाता है। जानते हैं किसमें निवेश जल्दी बन जाता है 1 करोड़ रुपये..

नवभारतटाइम्स.कॉम 5 Dec 2022, 5:18 pm
क्या आपने कभी सोचा कि पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) या एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF) में निवेश के 1 करोड़ रुपये पहुंचने में कितना समय लगेगा। अगर दोनों में कंट्रीब्यूशन समान है तो पीपीएफ में आप जल्दी एक करोड़ रुपये के कॉर्पस में पहुंच जाएंगे जबकि ईपीएफ में ब्याज की दर पीपीएफ से ज्यादा है। कोई व्यक्ति पीपीएफ में हर साल 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है। इस पर ब्याज दर अभी 7.1 फीसदी है जो 40 साल में सबसे कम है। जानते हैं कि पीपीएफ के जरिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस बनने में कितना समय लगता है।
नवभारतटाइम्स.कॉम investing in ppf and epf how many years will it take to accumulate rs 1 crore
PPF या EPF! किसमें निवेश जल्दी बन जाएगा 1 करोड़ रुपया



पीपीएफ में 1 करोड़ रुपये

पीपीएफ और ईपीएफ दोनों में ब्याज की दर स्थिर नहीं है। हालिया दरों के आधार पर कैल्कुलेशन करने की कोशिश करते हैं। अगर आप इस साल पीपीएफ में 1.5 लाख रुपये निवेश करते हैं और आगे भी हर साल इतना ही निवेश जारी रखते हैं तो 7.1 फीसदी के औसत ब्याज दर से 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस बनाने में आपको करीब 25 साल लगेंगे। यानी पीपीएफ में आप लगातार 25 साल तक सालाना 1.5 लाख रुपये जमा करके करोड़पति बन सकते हैं।

ईपीएफ का मामला

जहां तक ईपीएफ का सवाल है तो इसमें मामला थोड़ा अलग नजर आता है। इस स्कीम में निवेश की कोई सीमा नहीं है। यह आपकी सैलरी पर निर्भर करता है। जैसे-जैसे आपकी मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी बढ़ती है, ईपीएफ में निवेश भी उसी हिसाब से बढ़ता जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष के लिए कर्मचारियों को ईपीएफ पर 8.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। मान लीजिए कि किसी कर्मचारी की मंथली बेसिक इनकम 50,000 रुपये है। ईपीएफ में कर्मचारी और नियोक्ता प्रत्येक सालाना योगदान 72,000 रुपये होगा। दोनों का ईपीएफ में कंट्रीब्यूशन बेसिक इनकम का 12-12 फीसदी होता है।

1 करोड़ तक पहुंचने में लगेंगे इतने साल

कर्मचारी द्वारा किया गया योगदान पूरी तरह से कर्मचारी के भविष्य निधि में जाता है जबकि कंपनी द्वारा किए गए कुल योगदान में से 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन योजना में और 3.67 फीसदी कर्मचारी भविष्य निधि में जाता है। इस तरह कर्मचारी के पूरे 72,000 रुपये ईपीएफ में जाएंगे। लेकिन कंपनी का कंट्रीब्यूशन सालाना 22,020 रुपये का होगा। अगर ब्याज दर और कंट्रीब्यूशन कर्मचारी के पूरे करियर के दौरान बराबर रहे तो उसे 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस बनाने में 28 साल लगेंगे।

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