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स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें: रात का फैसला सुबह ही हो गया वापस, क्या है वजह

Small Savings Schemes: नई दरें 1 अप्रैल, 2021 यानी आज से ही लागू होने वाली थीं। लेकिन अब इस प्रस्ताव को वापस ले लिया गया है, जिसकी जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने ट्वीट के जरिए दी है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 1 Apr 2021, 12:55 pm
छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) के ब्याज पर चलाई गई कैंची के फैसले को सरकार ने वापस ले लिया है। एक दिन पहले 31 मार्च को सरकार ने नए वित्त वर्ष 2021-22 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं के ब्याज में 1.1 फीसदी तक की कटौती का ऐलान किया था। नई दरें 1 अप्रैल, 2021 यानी आज से ही लागू होने वाली थीं। लेकिन अब इस प्रस्ताव को वापस ले लिया गया है, जिसकी जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट के जरिए दी है। अब डाकघर (Post Office ) की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे पीपीएफ (PPF), आरडी (Recurring Deposit), सुकन्या समृद्धि (Sukanya Samriddhi Yojana), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम्स (Senior Citizen savings Scheme), एनएससी (NSC) आदि में जमा धन पर आपको अप्रैल-जून के दौरान भी उसी दर से ब्याज मिलेगा, जो दर जनवरी-मार्च 2021 तिमाही के लिए थी।
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स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें: रात का फैसला सुबह ही हो गया वापस, क्या है वजह


​क्या हैं फैसला वापस लेने के पीछे संभावित कारण

छोटी बचत योजनाओं के ब्याज में कटौती की घोषणा के बाद सरकार को चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। इसकी वजह है कि ये बचत योजनाएं कम आय वालों या यूं कहें कि गरीबों के लिए भविष्य के लिए सेविंग्स करने के मामले में काफी मददगार हैं। डाकघर की छोटी बचत योजनाओं में जमा के लिए बेहद कम न्यूनतम राशि और अच्छी ब्याज दर इन्हें आकर्षक बनाती है। गरीबों के अलावा मिडिल क्लास भी बचत योजनाओं का सहारा लेता है। बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए बचत करनी हो या फिर अपना या मां—पिता का बुढ़ापा संवारना हो, छोटी बचत योजनाओं की सरलता और अच्छा रिटर्न भविष्य के लिए बचत करने में मददगार है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव भी इसकी एक वजह हो सकते हैं, जहां बीजेपी की साख दांव पर है। मौजूदा स्थिति में केन्द्र की सत्ता में मौजूद बीजेपी सरकार वोटर्स को नाराज करने का रिस्क नहीं ले सकती।

​कटौती के चलते 46 साल बाद PPF पर 7% से नीचे आ गई थी ब्याज दर

31 मार्च को किए गए 1.1 फीसदी तक के कटौती के ऐलान के बाद हर स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दर घट गई। डाकघर के बचत खाते पर ब्याज दर घटकर 3.5 फीसदी रह गई थी। वहीं पीपीएफ पर ब्याज दर 46 साल बाद 7 फीसदी से नीचे आ गई थी। लेकिन अब फैसला वापस होने से छोटी बचत योजनाएं आकर्षक बनी रहेंगी, कम से कम अप्रैल-जून तिमाही के लिए।

​RBI गवर्नर ने भी छोटी बचत योजनाओं को बताया था अच्छे रिटर्न का विकल्प

मार्च माह की शुरुआत में RBI (Reserve Bank of India) गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने भी एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि गिरती ब्याज दरों के बीच बचत करने वालों के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) अच्छा जरिया हैं। स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स के तहत कई विकल्प मौजूद हैं, जिनसे वे अच्छा रिटर्न हासिल कर सकते हैं।

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