ऐपशहर

नोटबंदी के बाद चमकी लो-कॉस्ट हाउसिंग प्रोजेक्ट की सेल्स

इस वर्ष जनवरी-मार्च क्वॉर्टर में होम बायर्स को भले ही नोटबंदी के बाद की मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा, लेकिन उन्होंने अपने सपनों का घर खरीदने का फैसला नहीं बदला है। देश के टॉप आठ शहरों में प्राइमरी रेजिडेंशियल सेल्स में इससे पिछले क्वॉर्टर के मुकाबले 21 पर्सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इकनॉमिक टाइम्स 12 May 2017, 8:01 am
कैलाश बाबर, मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम Home@123

इस वर्ष जनवरी-मार्च क्वॉर्टर में होम बायर्स को भले ही नोटबंदी के बाद की मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा, लेकिन इससे बावजूद उन्होंने अपने सपनों का घर खरीदने का फैसला नहीं बदला है। जनवरी-मार्च में देश के टॉप आठ शहरों में प्राइमरी रेजिडेंशियल सेल्स में इससे पिछले क्वॉर्टर के मुकाबले 21 पर्सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रियल एस्टेट डेटा एजेंसी, लाइसेंस फोरास रियल एस्टेट रेटिंग एंड रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार इस बढ़ोतरी में क्रमश: 47 पर्सेंट, 43 पर्सेंट और 30 पर्सेंट के ग्रोथ रेट के साथ अगुवाई की है।

इन आठ शहरों में जनवरी-मार्च के दौरान लगभग 61,214 यूनिट की बिक्री हुई। यह आंकड़ा अक्टूबर-दिसंबर क्वॉर्टर में 50,788 यूनिट का था। लेकिन वर्ष-दर-वर्ष आधार पर ग्रोथ 5 पर्सेंट कम रही क्योंकि चेन्नई और बेंगलुरु में मार्केट कमजोर रहा है। दिल्ली-एनसीआर ने 14,983 यूनिट के साथ सेल्स में सबसे अधिक योगदान दिया। इसके बाद मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन 14,505 यूनिट की सेल्स के साथ रही जनवरी-मार्च क्वॉर्टर में एनसीआर और मुंबई में बिक्री क्रमश: 24.5 पर्सेंट और 23.6 पर्सेंट बढ़ी है। हालांकि, चेन्नई और बेंगलुरु में हाउसिंग यूनिट सेल्स में क्रमश: 35 पर्सेंट और 44 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई।

देश की सबसे बड़ी नॉन-बैंक मॉर्टगेज लेंडर एचडीएफसी के सीईओ, केकी मिस्त्री ने कहा कि नोटबंदी के तुरंत बाद नवंबर और दिसंबर में प्रॉपर्टी सेल्स धीमी हो गई थी। हालांकि, होम लोन के लिए नई एप्लिकेशंस जनवरी से बढ़नी शुरू हो गई थी और इसमें दिसंबर के मुकाबले 21 पर्सेंट की वृद्धि रही। फरवरी में वृद्धि 16 पर्सेंट और मार्च में 44 पर्सेंट की थी।

उनका कहना था कि मार्केट अभी तक सामान्य स्थिति में नहीं पहुंचा है, लेकिन कम इंटरेस्ट रेट, कुछ शहरों में प्रॉपर्टी के गिरते दामों और सरकारी इंसेंटिव्स के कारण यह प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अच्छा समय है। पिछले एक वर्ष के दौरान होम लोन पर इंटरेस्ट रेट एक पर्सेंट से अधिक कम हुए हैं।

प्रॉपर्टीज के दाम में भी कमी आई है, लेकिन यह उतनी नहीं है जितनी नोटबंदी के बाद उम्मीद की जा रही थी। चेन्नई में एक वर्ष पहले के मुकाबले रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के प्राइस सबसे अधिक 5 पर्सेंट बढ़े हैं। हैदराबाद में कीमतों में 4 पर्सेंट की वृद्धि हुई है। पुणे, कोलकाता और एनसीआर में प्राइसेज क्रमश: 3 पर्सेंट, 2 पर्सेंट और 1 पर्सेंट नीचे आए हैं।

अफोर्डेबल हाउसिंग पर सरकार के जोर देने से भी बिक्री बढ़ी है। लाइसेस फोरास रियल एस्टेट रेटिंग एंड रिसर्च के मैनेजिंग डायरेक्टर, पंकज कपूर ने बताया, 'सेल्स और सप्लाई दोनों में अब अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट का बड़ा योगदान है।'

अगला लेख

Businessकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग