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पेंडिंग प्रोजेक्ट्स के लिए ARC से यूनिटेक ने 2,000 करोड़ जुटाए

[ सचिन दवे | मुंबई ]यूनिटेक ग्रुप ने अपने पेंडिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए दो एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों से 2,000 करोड़ रुपये की पूंजी ...

इकनॉमिक टाइम्स 25 Jun 2019, 5:30 am

[ सचिन दवे | मुंबई ]

यूनिटेक ग्रुप ने अपने पेंडिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए दो एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों से 2,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है। एडिशनल फंडिंग के लिए ग्रुप को और इनवेस्टर्स की तलाश है क्योंकि रकम जमा कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से तय अंतिम तारीख करीब आ रही है। ईटी को यह जानकारी मामले से वाकिफ सूत्रों ने दी है। कंपनी राज्य सरकारों से 1,000 करोड़ रुपये के पेंडिंग क्लेम क्लीयर कराने की कोशिश में भी जुटी है।

यूनिटेक को अपने प्रोजेक्ट्स के लिए सुरक्षा एआरसी और जेएम फाइनेंशियल से 2,000 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट मिले हैं। इनमें से लगभग 16 प्रोजेक्ट्स जेएम फाइनेंशियल जबकि सात प्रोजेक्ट्स सुरक्षा के पोर्टफोलियो में हैं। दोनों एआरसी से कंपनी को अपने पेंडिंग प्रोजेक्ट्स के वास्ते वर्किंग कैपिटल के तौर पर पैसा मिला है। सूत्र ने कहा, 'कंपनी के पास लगभग 52 पेंडिंग प्रोजेक्ट्स हैं लेकिन इनकी सिर्फ दो तिहाई यूनिट्स ही पूरी हुई हैं। कुछ मामलों में बेची गई यूनिट्स के पैसे ग्राहकों पर बकाया हैं लेकिन वे अगले कुछ महीनों में मिलेंगे।'

इस मामले में डिटेल के लिए संपर्क किए जाने पर यूनिटेक के प्रवक्ता ने कहा, 'मामला अदालत में विचाराधीन है इसलिए हम किसी डिवेलपमेंट पर कमेंट नहीं करेंगे।' मामले के जानकार दोनों सूत्रों ने बताया कि कंपनी और निवेशकों की तलाश कर रही है और वह अपने कुछ प्रोजेक्ट्स में एडिशनल इनवेस्टमेंट के लिए कुछ कंपनियों से बात कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने मई में सरकार से यूनिटेक को टेकओवर करके उसके अटके प्रोजेक्ट्स पूरा करने की संभावना तलाशने के लिए कहा था, जिससे ग्रुप दबाव में आ गया। यूनिटेक के एमडी संजय चंद्रा अगस्त 2017 में दिल्ली पुलिस की EOW के हाथों गिरफ्तार होने के बाद से जेल में हैं।

वर्किंग कैपिटल की दिक्कतों से अटके यूनिटेक के प्रोजेक्ट्स में लगभग 17,000 बायर्स का पैसा फंसा है। होमबायर्स फ्लैट के दाम का कुछ हिस्सा अदा कर चुके हैं, लेकिन डिलीवरी नहीं मिलने पर उन्होंने कंपनी को अदालत में घसीट लिया है। अदालत ने संजय की रिहाई के लिए होमबायर्स का पैसा जमा कराने की शर्त रखी है। उन्हें जमानत तभी मिलेगी जब कंपनी कोर्ट की रजिस्ट्री के पास 750 करोड़ रुपये जमा कराएगी। मामले के जानकार सूत्रों ने बताया कि कंपनी लगभग 500 करोड़ रुपये पहले ही जमा करा चुकी है। कंपनी पूरी रकम कब तक जमा कराएगी, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह अगले कुछ महीनों में हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 5 जुलाई तय की है। सूत्रों ने बताया कि कुछ प्रोजेक्ट्स पर पेंडिंग क्लेम को लेकर कंपनी ने भी कुछ राज्यों की सरकारों को अदालत में घसीटा है। यूनिटेक इंटरनेशनल के स्टॉक का दाम सोमवार को 5.83% उछलकर 6.35 रुपये पर बंद हुआ, जबकि यूनिटेक लिमिटेड का शेयर 0.98 रुपये पर जस का तस बना रहा।

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