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Career After Graduation In Geography: जियोग्राफी में ग्रेजुएशन के बाद कहां मिलेगी अच्छी सैलरी? ये रही लिस्ट

Career Options For Geography: आज हम आपको बताएंगे कि इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए किस तरह की क्‍वालीफिकेशन और स्किल की जरूरत पड़ती है और करियर स्‍कोप क्‍या है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 24 Aug 2021, 2:15 pm
Career Options For Geography: ज्योग्राफी एक ऐसा विषय है जिसमें पृथ्वी पर पाए जाने वाले विविध तथ्यों का अध्ययन किया जाता है, इसके तहत आप धरातल के विविध तत्वों के साथ नदी, पहाड़, जंगल, ज्‍वालामुखी, मौसम, जलवायु आदि के स्वरूप तथा उत्पत्ति का अध्‍ययन करते हैं। साथ ही इसमें मानव आबादी व संसाधनों का वितरण और राजनीतिक व आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन भी शामिल है, क्योंकि ये चीजें जहां पृथ्वी और उसके वातावरण की भौतिक विशेषताओं को प्रभावित करती हैं, वहीं उनसे प्रभावित भी होती हैं। अगर आपको भी पृथ्‍वी और प्रकृति से प्‍यार है और आप ज्‍योग्राफी विषय के साथ पढ़ाई पूरी कर अपना करियर बनाना चाहते हैं तो सोचे मत, क्‍योंकि इसमें करियर की असीम संभावनाएं हैं।
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Image Credit: freepik


पहले समझे ज्‍योग्राफी
जो विषय पृथ्‍वी के उत्‍पन्‍न से लेकर उसके भविष्‍य तक का आकलन करे, जाहिर तौर पर वह व्यापक होगा। इसलिए इसमें करियर की संभावनाएं भी काफी अधिक हैं। ज्‍योग्राफी में कई कई शाखाएं हैं, जिसमें भौतिक, मानव और पर्यावरण मुख्‍य है। भौतिक ज्‍योग्राफी में जहां पृथ्वी और उसके वातावरण की भौतिक विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है। वहीं मानव ज्‍योग्राफी में मनुष्य की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में जाना-समझा जाता है। इसी तरह पर्यावरण ज्‍योग्राफी में व्यावसायिक पर्यावरण और उसका मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के साथ-साथ मौसम, जलवायु आदि के बारे में विस्तार से अध्ययन किया जाता है।

किस तरह का एजुकेशन लें
भारत में छात्रों को वैसे तो प्राइमरी स्‍कूल से ही ज्‍योग्राफी की जानकारी दी जाती है, लेकिन अगर करियर बनाना है तो कम से कम स्नातक होना जरूरी है। इसके बाद अगर आप ज्‍योग्राफी में डिप्‍लोमा, एमए और पीएचडी करना चाहें तो कर सकते हैं, यह आपके लिए फायदेमंद रहेगा। यहां तक पहुंचने के लिए विषय पर पकड़ भी मजबूत होनी चाहिए, क्योंकि कुछ संस्थानों में ज्‍योग्राफी में दाखिले मेरिट के आधार पर होते हैं तो कई प्रवेश परीक्षा के जरिये दाखिला देते हैं।
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उच्‍च कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान
  1. दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
  2. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
  3. पटना यूनिवर्सिटी, पटना
  4. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
  5. बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची
  6. जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली
  7. इंस्टीट्यूट ऑफ जिओइंफॉर्मेटिक्स एंड रिमोट सेंसिंग, कोलकाता

जरूरी स्किल
ज्‍योग्राफी कोई आसान विषय नहीं है, इसमें करियर बनाने के लिए आपके अंदर कई तरह के स्किल का होना जरूरी है। आपके अंदर विषय के प्रति गहरी रुचि और ज्ञान के साथ.साथ दूसरे लोगों के साथ तालमेल बिठाकर चलने की क्षमता भी हो। इसके अलावा कंप्यूटर का ज्ञान, आंकड़ों के संयोजन और विश्लेषण का हुनर, तर्कसंगत और विश्लेषणात्मक सोच, मैथमैटिक्स पर अच्छी पकड़ व मैप बनाना आना चाहिए।

इन जगहों पर है जॉब्‍स ऑप्‍शन
ज्‍योग्राफी में पढ़ाई पूरी करने के बाद आपको जॉब्‍स के भरपूर ऑप्‍शन मिलेंगे। इस क्षेत्र में सेटेलाइट टेक्नोलॉजी, ट्रांसपोर्टेशन, एयरलाइट रूट व शिपिंग रूट प्लानिंग, मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण विज्ञान, जनसंख्या परिषद, एजुकेशन, सिविल सर्विसेज आदि क्षेत्रों में जॉब पा सकते हैं। भूगोल में पेशेवर तौर पर प्रशिक्षित लोग रिमोट सेंसिंग, मैप, खाद्य सुरक्षा, बायोडाइवर्सिटी संरक्षण आदि से जुड़ी एजेंसियों में भी काम करके अच्छा पैसा कमा सकते हैं।
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ज्‍योग्राफी के हॉट सेक्‍टर

ज्योग्राफर
इस क्षेत्र में सबसे ज्‍यादा लोग जुड़े हैं। ज्योग्राफर्स का कार्य प्रकृति से संबंधित तथ्य तथा जानकारियां जुटाना है। इसके अलावा यह लोग मिट्टी, क्लाइमेंट, लैंड फार्म, प्लांट्स तथा एनीमल से रिलेटेड जानकारियां भी एकत्र करते हैं। इसलिए आंकडों की जरूरत के लिए ज्योग्राफर की डिमांड सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में बढ़ी है।

जीआईएस स्पेशलिस्ट
ज्योग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम के माध्यम से आप किसी भी स्थान के मौसम, तापमान और प्रदूषण की जानकारी हासिल कर सकते हैं। जीआईएस आपदा और आकस्मिक दुर्घटना के समय कुछ मिनट में ही उस जगह की सारी जानकारी एकत्र करने में सक्षम होते हैं। जीआईएस से जुड़े कई साफ्टवेयर भी आ रहे हैं जिनसे और भी कई तरह जानकारिया ली जा सकती हैं। प्रोजेक्ट शुरूआत करने के लिए तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस फील्ड के विशेषज्ञों का क्रेज बढ़ा है।

कार्टोग्राफर
इनका मुख्य काम नक्शा और उससे संबंधित डायग्राम, चार्ट, ट्रैवल गाइड आदि का निर्माण और विकास करना तथा पुराने नक्शों व दस्तावेजों का जीर्णोद्धार करना है। इन पेशेवरों को सरकारी, सर्वेक्षण, संरक्षण और प्रकाशन क्षेत्र में जॉब मिलता है।
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एनवायर्नमेंटल कंसल्टेंट्स
एनवायर्नमेंटल कंसल्टेंट्स के तौर पर मुख्य काम अपने वाणिज्यिक या सरकारी ग्राहकों से पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन कराना और विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों पर काम कराना होता है। इन्हें सरकारी और जल से संबंधित संगठनों में जॉब मिलती है।

टाउन प्लानर
टाउन प्‍लानर का कार्य सरकारी व निजी कंपनियों के साथ मिलकर विकास और प्रबंधन की योजना बनाना, उसमें विकास के स्थायित्व और प्राकृतिक वातावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना, मौजूदा बुनियादी ढांचे में सुधार करना और पर्यावरण संबंधी मुद्दों का हल निकालना है।

रीसाइकिलिंग ऑफिसर
इनका मुख्य कार्य पर्यावरण का ध्‍यान रखना है, वे पर्यावरण के अनुकूल और अपशिष्ट पदार्थों में कमी की नीतियां व योजनाएं बनाते और विकसित करते हैं। सरकारी, रीसाइक्लिंग के प्रोजेक्ट्स या पर्यावरण पर काम करने वाली गैर सरकारी संस्थाओं में काम मिलता है ।

सिविल सर्विसेजइंडियन सिविल सर्विस परीक्षा में ज्योग्राफी टॉप स्कोरिंग सब्जेक्ट है। इस परीक्षा में यह जनरल स्टडीज पेपर का हिस्सा या ऑप्शनल सब्जेक्ट होता है। यही कारण है कि कई स्टूडेंट्स पोस्ट ग्रेजुएट लेवल तक ज्योग्राफी लेना पसंद करते हैं। सिविल सर्विसेज में यदि आप प्लानिंग करके ज्योग्राफी पढ़ें तो टॉप स्थान हासिल कर सकते हैं।

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