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UPSC IFS: जानें कौन और कैसे बन सकते हैं आईएफएस ऑफिसर, क्या होता है काम

Indian Foreign Service के लिए भी उम्मीदवारों का चयन सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से होता है, लेकिन आईएफएस की मुख्य परीक्षा का सिलेबस अन्य परीक्षाओं से अलग होता है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 9 Dec 2021, 1:40 pm

हाइलाइट्स

  • ग्रेजुएट्स दे सकते हैं यूपीएससी आईएफएस एग्जाम।
  • 32 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए आयु सीमा।
  • यहां देखें आईएफएस ऑफिसर के काम।
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सांकेतिक तस्वीर।
यूपीएससी (UPSC) हर साल सिविल सेवा में परीक्षा का आयोजन करता है। इनमें आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और आईआरएस पदों के लिए सबसे ज्यादा दावेदार होते हैं। इस परीक्षा को क्रैक कर आईएएस की तरह आईएफएस अफसर बनना भी बहुत बड़ी बात होती है। क्योंकि एक आईएएस जहां देश के अंदर कार्य करता है, वहीं एक आईएफएस ऑफिसर (IFS) दूसरे देशों में देश का प्रतिनिधित्व करता है। इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम जानेंगे कि आईएफएस ऑफिसर बनने के लिए क्या एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया चाहिए और इनका क्या काम होता है।
आईएफएस स्तर का अधिकारी देश का प्रतिनिधित्व अनेकों अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर करता है। इनका दायरा एक आईएएस ऑफिसर से बड़ा होता है। क्योंकि जहां एक आईएएस जिले व देश तक सीमित होते हैं, वहीं एक आईएफएस देश स्तर पर अधिकारिक रूप में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओ और देशों के साथ काम करते हैं। इनके काम का असर सीधा देश पर पड़ता है। Indian Foreign Service के लिए भी उम्मीदवारों का चयन सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से होता है, लेकिन आईएफएस की मुख्य परीक्षा का सिलेबस अन्य परीक्षाओं से अलग होता है। आईएफएस में आपको अंग्रेजी का ज्ञान होना बहुत जरूरी है क्योंकि एक आईएफएस ऑफिसर विभिन्न देशो के राजदूत, अधिकारी व नेताओं से बात करनी होती है तो इसके लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान और बोलचाल में जरूरत होती है।

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एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया- (Eligibility Criteria)-

1 . राष्ट्रीयता-
आईएफएस ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवार की राष्ट्रीयता निम्नलिखित होनी चाहिए-
- भारत के नागरिक हो
- नेपाल/भूटान की नागरिक हो
- वे तिब्बती शरणार्थी जो 1 जनवरी, 1962 से पहले स्थायी रूप से बसने के लिए यहाँ आए, या
- भारतीय मूल के वे लोग जिन्होंने भारत में स्थायी रूप से बसने के लिए युगांडा, बर्मा, पाकिस्तान, जाम्बिया, संयुक्त गणराज्य तंजानिया, मलावी, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देशों केन्या, जायरे, इथियोपिया और वियतनाम से प्रवास किया।

शैक्षणिक योग्यता-
उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डिग्री होनी चाहिए या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।

आयु सीमा-
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आधिकारिक अधिसूचना में यूपीएससी आयु सीमा 2022 की जानकारी जारी की गई है। आयु सीमा पात्रता मानदंड के अनुसार, 1 अगस्त 2022 को 21 से 32 वर्ष के बीच की आयु के लोग UPSC एग्जाम में आवेदन पत्र भर सकते हैं। आरक्षित वर्ग के आवेदक यूपीएससी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार आयु में छूट के पात्र होते हैं।
- एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए- 5 साल
- ओबीसी उम्मीदवारों के लिए- 3 साल।
- जम्मू और कश्मीर राज्य के उम्मीदवार के लिए- 5 वर्ष
- रक्षा सेवा कर्मियों के लिए- 5 वर्ष
- पूर्व सैनिक जिनमें कमीशन अधिकारी और ईसीओ/एसएससीओ शामिल हैं, जिन्होंने कम से कम 5 साल की सैन्य सेवा प्रदान की है और उन्हें रिहा कर दिया गया- 5 वर्ष
- नेत्रहीन, मूक-बधिर और विकलांग व्यक्तियों के लिए- 10 वर्ष

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उम्मीदवार कितनी बार दे सकते हैं ये एग्जाम
सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार- 6 प्रयास
एससी / एसटी के उम्मीदवार- कोई प्रतिबंध नहीं
अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार- 9 प्रयास
सामान्य व ओबीसी दिव्यांग- 9 प्रयास

मेडिकल स्टैंडर्ड (Medical Standard)
इस परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले आवेदकों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। यूपीएससी सीएसई पर्सनालिटी टेस्ट के बाद चुने गए उम्मीदवार यूपीएससी द्वारा अधिसूचित चिकित्सा केंद्र में मेडिकल टेस्ट से गुजरते हैं। किसी भी सेवा में चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को सभी मेडिकल टेस्ट पास करना होता है।

आईएफएस के कार्य (IFS Work & Responsibilities)-
एक आईएफएस का काम उसके उसकी प्रोफाइल पर निर्भर करता है। विदेश में रह रहे भारतीयों की मदद वहां का भारतीय दूतावास करता है, जोकि एक आईएफएस का कार्य होता है। यही ऑफिसर राजदूत और राजनयिक के रूप में भी कार्य करते हैं। इनका मुख्यऑ कार्य दोनों देशो के बीच अच्छे संबंध स्थापित करना और अन्य किसी प्रकार के वाद-विवाद को भी बातचीत के जरिए हल करना है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं जैसे यूनाइटेड नेशन, UNSC व अन्य प्लेटफार्म आईएफएस अधिकारी ही विदेशी मामलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके साथ ही भारत की सुरक्षा व विदेशी नीति मामलों में भी इन्ही आईएफएस की मदद ली जाती है और ये अपने अनुभव से देश की विदेश सुरक्षा पॉलिसी में अपने विचार व ज्ञान का उपयोग करते हैं।

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