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Indian Navy और Merchant Navy में क्या है अंतर? जानें कौनसा है बेहतर

Indian Navy: थल सेना का काम, जहां थल में रहकर देश की रक्षा करना है, वहीं वायु सेना का काम आसमान से देश की सुरक्षा और निगरानी करना है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 21 Jan 2022, 11:27 am

हाइलाइट्स

  • इंडियन नेवी देश की रक्षा और मर्चेंट नेवी व्‍यापार के लिए करती है कार्य
  • दोनों में है कई तरह की समानताएं।
  • सम्‍मान के मामले में इंडियन नेवी, सैलरी में मर्चेंट नेवी है बेहतर।
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Indian Navy: भारतीय नौसेना सेना के तीन प्रमुख अंगों में से एक है।
आपने इंडियन नेवी के साथ मर्चेंट नेवी का नाम जरूर सुना होगा। यह दोनों नाम एक-दूसरे से काफी मिलते-जुलते हैं, इसलिए कई लोग इन दोनों को एक ही मान लेते हैं। हालांकि दोनों के बीच काफी अंतर है। भारतीय नौसेना (Indian Navy) जहां देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए कार्य करती है। वही व्यापारिक नौसेना (Merchant Navy) का कार्य एक देश से दूसरे देश तक समुद्र के रास्ते से यात्रियों और सामानों को लाने-ले जाने का होता है। इस आर्टिकल के माध्‍यम से यहां पर हम इन दोनों के बारे में पूरी जानकारी देंगे।
जानें, भारतीय नौसेना के बारे में

यह भारतीय सेना के तीन प्रमुख अंगों में से एक है। थल सेना का काम, जहां थल में रहकर देश की रक्षा करना है, वहीं वायु सेना का काम आसमान से देश की सुरक्षा और निगरानी करना है। इसी तरह नौसेना का काम समुद्र के रास्‍ते आने वाले दुश्‍मनों से देश की रक्षा करना और हमला करना है। नौसेना समुद्र की सीमाओं पर, जहां से अन्य देशों की सीमाएं जुड़ती हैं, वहां से दुश्मनों और बाहरी लोगों की निगरानी करती है। भारतीय नौसेना विश्व की चौथी सबसे मजबूत नौसेना मानी जाती है। इसकी स्थापना 1612 में हुई थी। साल 1950 में भारतीय नौसेना का दोबारा गठन हुआ था। जिसके बाद इसका नाम ‘इंडियन नेवी’ पड़ा। अभी भारतीय नौसेना के पास 290 से अधिक जहाज है। जिनकी मदद से यह देश की सुरक्षा को बनाए रखते हैं। भारतीय नौसेना का नेतृत्व कमांडर इन चीफ करते हैं जो कि भारत के राष्ट्रपति हैं। भारतीय नौसेना ने समय-समय पर देश का नाम गौरवान्वित किया है।

जानें, व्यापारिक नौसेना के बारे में

अगर हम व्यापारिक नौसेना या मर्चेंट नेवी की बात करें, तो यह भारतीय नौसेना से बिल्कुल ही अलग होती है। यह एक कमर्शियल फील्ड है, जहां जहाजों के जरिए एक जगह से दूसरी जगह तक सामान और यात्रियों को लाने ले जाने का काम किया जाता है। इस काम में सरकारी और प्राइवेट दोनों ही प्रकार की कंपनियां कार्यरत होती हैं। जो एक निश्चित समय अंतराल के कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक लोगों को हायर करती है। इस काम को करने के लिए प्रशिक्षितों की जरूरत होती है। इसलिए इस फील्ड में प्रोफेशनल लोगों को ही रखा जाता है। मर्चेंट नेवी में भारी-भरकम सैलरी पैकेज दिया जाता है।

इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में समानताएं

- भारतीय नौसेना और व्यापारिक नौसेना की वर्दी एक दूसरे से काफी मिलती-जुलती है।

- इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी दोनों में ही आपको देश-विदेश घूमने का मौका मिलता है।

- दोनों में ही शिप के जरिए कार्य होता है। वहीं इन दोनों नौसेना में तैनात कर्मचारियों को कई-कई महीने जहाज पर बिताने होते हैं।

- जिस तरह भारतीय नौसेना में उम्मीदवार को शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए। उसी तरह मर्चेंट नेवी में भी उम्मीदवार को चिकित्सकीय और शारीरिक दृष्टि से स्वस्थ होना चाहिए।

- मर्चेंट नेवी और इंडियन नेवी दोनों में ही खेल और तैराकी में कुशल उम्मीदवार को भर्ती के समय प्राथमिकता दी जाती है।

इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में अंतर

- इंडियन नेवी का काम होता है जहाजों के जरिए देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करना। जबकि मर्चेंट नेवी कार्मिशियल है, जिसमें जहाजों के जरिए सामानों और यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है।

- इंडियन नेवी के तहत आपको पेंशन, रहने की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे कई तरह की सेवाएं मुहैया करवाई जाती हैं। लेकिन मर्चेंट नेवी में इस तरह की कोई सुविधाएं नहीं मिलती।

- इंडियन नेवी देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। वहीं मर्चेंट नेवी व्यापार जगत में महत्वपूर्ण है। इंडियन नेवी समुद्र के जरिए राष्ट्र की रक्षा करती है। वहीं मर्चेंट नेवी देश के व्‍यापार में बहुत बड़ा योगदान देती है।

- इंडियन नेवी जहां एक परमानेंट नौकरी होती है। वही मर्चेंट नेवी कॉन्ट्रैक्ट के तहत की जाती है। इसके कॉन्ट्रैक्ट महीनों से लेकर सालों तक हो सकते हैं। इसमें कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक ही लोगों को हायर किया जाता है।

- सैलरी के स्‍तर पर मर्चेंट नेवी आगे है। इंडियन नेवी की सैलरी के मुकाबले मर्चेंट नेवी की सैलरी कई गुना ज्यादा होती है।

- इंडियन नेवी एक गवर्नमेंट जॉब है। वही मर्चेंट नेवी अधिकतर प्राइवेट कंपनियों द्वारा ही की जाती है। यहां पर कभी भी जॉब जा सकती है।

- इंडियन नेवी में आपको छुट्टी करने के बावजूद सैलरी दी जाती है। लेकिन मर्चेंट नेवी में ऐसा नहीं होता। आप जब तक जहाज पर होते हैं तब तक ही आपको सैलरी मिलती है।

- 60 वर्ष का होने पर इंडियन नेवी से आपको रिटायरमेंट मिल जाता है। वहीं मर्चेंट नेवी में आप जब तक स्वस्थ हैं, तब तक अपना कार्य जारी रख सकते हैं।

- मर्चेंट नेवी में अफसर जहाज में अपने परिवार को रख सकते हैं। वहीं इंडियन नेवी में जब आप थल पर होते है तब अपने परिवार को अपने साथ रख सकते हैं, जहाज पर नहीं।

- इंडियन नेवी की भर्ती के लिए आपको SSR, AA, CDS, MR, INET जैसी परीक्षाओं और शारीरिक और मानसिक बल की परीक्षा देनी होती है। वही मर्चेंट नेवी में भर्ती के लिए आपको किसी भी अच्छे विश्वविद्यालय से मरीन इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करनी होती है। ग्रेजुएशन के बाद भी आप यहां जा सकते हैं।

- इंडियन नेवी से आपको अनुशासन, सम्मान और देशभक्ति की प्रेरणा मिलती है। वही मर्चेंट नेवी से आप आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं।

- मर्चेंट नेवी की तुलना में इंडियन नेवी एक सम्मानजनक पेशा माना जाता है। मर्चेंट नेवी को भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, लेकिन यह इंडियन नेवी के मुकाबले कम है।

- मर्चेंट नेवी और इंडियन नेवी में अलग-अलग रैंक है। मर्चेंट नेवी में रैंक विशेषज्ञता के क्षेत्रों पर आधारित होती है। वही नौसेना में रैंकों को दो भागों, सूचीबद्ध कर्मियों और अधिकारियों में वर्गीकृत किया जाता है।

- युद्ध के दौरान इंडियन नेवी देश की रक्षा करती है। वही मर्चेंट नेवी युद्ध के समय सामानों और लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य करती है।

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