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Bihar Election: RJD के अस्तित्व में आने के बाद पालीगंज विधानसभा सीट पर चमकी 'लालटेन', खिला 'कमल', 'हाथ' रहा है खाली

​Bihar Vidhansabha Chunav 2020: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पालीगंज सीट काफी अहम मानी जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 1996 व 2010 में इस सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। वहीं 2000 व 2015 में यह सीट राजद के खाते में गई।

Lipi 27 Sep 2020, 9:03 am
हनुमतेश्वर दयाल,पालीगंज
नवभारतटाइम्स.कॉम Lalu_Modi_sonia
फाइल फोटो

एक दशक पहले तक नक्सलियों का गढ़ रहे पालीगंज (Paliganj) में बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha Chunav 2020) का ऐलान होते ही चुनावी बयार बहने लगी है। अनुमंडल मुख्यालय सहित दुल्हीनबाजार प्रखंड क्षेत्र को अपने में समेटे पालीगंज विधानसभा सीट (Paliganj Assembly Constituency)इस बार हॉट सीट में तब्दील हो गई है। पिछले चुनाव में इस सीट पर राजद (RJD) के उम्मीदवार जयवर्द्धन यादव उर्फ बच्चा बाबू ने भाजपा (BJP) के उम्मीदवार रामजन्म शर्मा को हराकर जीती थी। लेकिन 2020 में इस विधानसभा (Bihar Assembly) की फिजा बदली बदली सी नजर आ रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ दिन पूर्व राजद विधायक जयवर्द्धन यादव, जदयू (JDU) में शामिल हो गए हैं। ऐसे में इस सीट के लिए एनडीए में तकरार होना लाजमी है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 1996 व 2010 में इस सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। वहीं 2000 व 2015 में यह सीट राजद के खाते में गई।

यहां से पहले विधायक बने थे कांग्रेस के राम लखन सिंह यादव
पालीगंज विधानसभा का गठन 1952 में हुआ था। यहां के पहले विधायक चुने गए थे कांग्रेस के राम लखन सिंह यादव। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 पालीगंज सीट के लिए इसबार जदयू व भाजपा के बीच द्वंद की स्थिति बनी है। भाजपा इस सीट पर अपना एकाधिकार मानते हुए सीट को छोड़ना नहीं चाहती, वहीं राजद से जदयू में गए जयवर्द्धन यादव पर पार्टी वर्तमान विधायक होने का हवाला देते हुए मजबूत दावेदारी पेश कर रही है।


दोनों गठबंधन के लिए हॉट सीट बन गई है पालीगंज
पालीगंज विधानसभा क्षेत्र में राजद के महारथियों की दौड़ शुरू हो गई है। यही नहीं, इस सीट के लिए कुशवाहा प्रत्याशी भी दिन रात एक किए हुए हैं। ऐसे में निश्चित तौर पर पालीगंज विधानसभा सीट दोनों गठबंधन के लिए हॉट सीट बन गई है। बता दें कि 1952 से लेकर 2015 तक कुल 18 विधानसभा चुनाव उपचुनाव में 7 बार यादव और 7 बार कुशवाहा जबकि चार बार भूमिहार जाति के उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया है। वहीं पालीगंज विधानसभा की बाबत एक बात और भी प्रचलित है कि पूर्व के तीन लोगों को छोड़ दें तो हाल के दिनों में कोई भी दोबारा नहीं जीत पाए हैं। वहीं निर्दलीय भी एक ही बार जीत पाए हैं।


कब कौन जीता
1952- राम लखन सिंह यादव, कांग्रेस।
1957 -प्रसाद वर्मा, सोशलिस्ट पार्टी।
1962-राम लखन सिंह यादव, कांग्रेस।
1967- चंद्रदेव प्रसाद वर्मा, सोशलिस्ट पार्टी।
1969 -चंद्र प्रसाद वर्मा, सोशलिस्ट पार्टी।
1972- कन्हाई सीन संगठन, कांग्रेस।
1977 कन्हाई सीन निर्दलीय।
1980- राम लखन सिंह यादव, कांग्रेस।
1985- राम लखन सिंह यादव, कांग्रेस।
1990- राम लखन सिंह यादव, कांग्रेस।
1991- चंदू प्रसाद वर्मा, जनता दल।
1995- चना देव प्रसाद वर्मा, जनता दल।
1996- जनार्दन शर्मा, भाजपा।
2000- वीराना सिंह यादव, राजद।
2005- नंद कुमार नंदा, भाकपा माले।
2010- डॉ उषा विद्यार्थी, भाजपा।
2015- जयवर्धन यादव राजद।

पालीगंज में 2 लाख से ज्यादा वोटर डालेंगे वोट
पालीगंज विधानसभा में 2020 में 2 लाख 79 हजार 397 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1 लाख 44 हजार 536 है तो वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 34 हजार 855, जबकि थर्ड जेंडर मतदाता की संख्या 6 है। पालीगंज विधानसभा में 407 बूथ बनाए गए हैं।

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