ऐपशहर

Nawada Ground Report : आसान नहीं है JDU और RJD उम्मीदवार की राहें, तीसरे ने बढ़ा दी टेंशन

नवादा विधानसभा क्षेत्र में इस बार लड़ाई काफी रोचक हो गई है। जेडीयू और आरजेडी उम्मीदवारों की टेंशन इस बार एक निर्दलीय उम्मीदवार ने बढ़ा दी है। लेकिन शहर के लोग वर्तमान विधायक के काम से खुश नजर नहीं आ रहे हैं।

Authored byमुनेश्वर कुमार | नवभारतटाइम्स.कॉम 24 Oct 2020, 8:46 am
नवादा
नवभारतटाइम्स.कॉम 56

जिले के नवादा विधानसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। यहां से मैदान में 2 दमदार उम्मीदवार हैं। नवादा विधानसभा में शहरी क्षेत्र भी आता है। जेडीयू ने अपने सीटिंग विधायक और बाहुबली कौशल यादव पर ही फिर से दांव लगाया है। जबकि आरजेडी ने रेपिस्ट राजबल्लभ यादव की पत्नी को टिकट दिया है। वहीं, एक तीसरे उम्मीदवार ने इन दोनों की टेंशन बढ़ा दी है।


नवभारत टाइम्स.कॉम की टीम चुनावी चर्चा के लिए नवादा विधानसभा क्षेत्र में पहुंची थी। नवादा विधानसभा क्षेत्र यादव बहुल है। ऐसे में जेडीयू और आरजेडी ने यादव चेहरों पर ही दांव लगाया है। वहीं, लोकसभा सीट पर एलजेपी का कब्जा है। ऐसे में एलजेपी ने भी यहां से उम्मीदवार उतारा है। लेकिन मुकाबला आरजेडी, जेडीयू और एक निर्दलीय उम्मीदवार में ही है।

Bihar Ground Report: IIT की 'फैक्ट्री' में इंजीनियर नीतीश को लेकर क्या है ख्याल?

जेडीयू के कौशल यादव यहां से सीटिंग विधायक हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान वह शहरी क्षेत्र में कभी सुध लेने नहीं आए हैं। साथ ही ट्रैफिक जाम की स्थिति से व्यापारी वर्ग के लोग परेशान रहते हैं। इससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ता है। लेकिन इस बार किसे वोट करेंगे। इस पर चुप्पी साध लेते हैं। लेकिन इतना जरूर कहते हैं कि वोटिंग के वक्त लोग कहां विकास को देखते हैं। उस वक्त तो जातीय आधार पर वोट करने लगते हैं।

Bihar chunav 2020: राहुल गांधी की रैली में फूट फूटकर रोने लगा यह शख्स, 'ना बाप है, ना मां, एक रुपया नहीं मिला...'

पति की करतूत का साया
विभा देवी रेपिस्ट राजबल्लभ यादव की पत्नी हैं। राजबल्लभ अभी जेल में है। आरजेडी ने लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव में भी विभा पर ही दांव लगाया है। इस क्षेत्र के युवा तेजस्वी की रोजगार वाली बात से प्रभावित नजर आ रहे हैं। लेकिन उम्मीदवार को लेकर थोड़ा संशय में पड़ जाते हैं। युवाओं का कहना है कि जो हमें रोजगार देगा। हम वोट उसी को करेंगे। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि साफ छवि वाले उम्मीदवार को ही चुनेंगे। ऐसे में विभा देवी के पति की छवि उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।

तीसरे ने बढ़ाई टेंशन
विभा देवी और कौशल यादव में नवादा में जबरदस्त लड़ाई है। लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार श्रवण कुशवाहा ने दोनों की टेंशन बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रवण ने लॉकडाउन के दौरान काफी मेहनत की है। साथ ही गरीबों की सुध ली है। 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी और जेडीयू एक साथ थी। तब श्रवण ने कड़ी टक्कर दिया था। सिर्फ 5 हजार वोटों से श्रवण कुशवाहा की हार हुई थी। इस बार भी वह मजबूत स्थिति है। ऐसे में नवादा का खेल वह बिगाड़ सकता है।

Bihar chunav 2020: पहले बोले मोदी, फिर राहुल, देखिए बिहार के चुनावी रण में दोनों में कैसे हुआ वार-पलटवार
क्या है मुद्दा
स्थानीय लोगों ने बातचीत में बताया कि स्थानीय लेवल पर रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। ज्यादातर लोग खेती पर निर्भर हैं। लेकिन सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था भी काफी खराब है।
लेखक के बारे में
मुनेश्वर कुमार
नवभारत टाइम्स डिजिटल में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं। पत्रकारिता में महुआ टीवी, कशिश न्यूज, इंडिया न्यूज, ईनाडु इंडिया, ईटीवी भारत और राजस्थान पत्रिका से होते हुए टाइम्स इंटरनेट तक 11 साल का सफर। बिहार की राजधानी पटना से शुरुआत के बाद अब भोपाल कर्मस्थल। राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों में गहरी रुचि। पिछले सात सालों से डिजिटल मीडिया में...... और पढ़ें

अगला लेख

Electionsकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग