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मध्‍य प्रदेश चुनाव: इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च हो रहा व्यापम

चुनावी राज्य में लोग इंटरनेट पर क्या सर्च करते हैं? जवाब है चुनावी मुद्दे और चुनावी वायदे लेकिन चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में लोग सबसे ज्यादा व्यापम सर्च कर रहे हैं। इतना ही नहीं व्यापम सर्च करने के अलावा लोग चुनाव ..

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 19 Oct 2018, 2:52 pm
भोपाल
नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक चित्र
सांकेतिक चित्र

चुनावी राज्य में लोग इंटरनेट पर क्या सर्च करते हैं? जवाब है चुनावी मुद्दे और चुनावी वायदे लेकिन मध्य प्रदेश में लोग सबसे ज्यादा व्यापम सर्च कर रहे हैं। इतना ही नहीं व्यापम सर्च करने के अलावा लोग चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार की पर्सनल लाइफ की डिटेल, नेताओं की जाति और शादी की विवादित तस्वीरें सर्च कर रहे हैं।

बीते एक महीने में व्यापम को एक लाख से एक करोड़ तक हिट्स मिले हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव से पहले उठा व्यापम का मुद्दा 2018 के चुनाव में एक बार फिर गर्म हो गया है। कांग्रेस लगभग रोज ही व्यापम को लेकर बीजेपी सरकार पर आरोप लगा रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को हर महीने 10,000 से 1 लाख हिट्स मिल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसके बराबर ही हिट्स कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी मिल रहे हैं।

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दिग्विजय की दूसरी शादी की तस्वीरों को हिट्स

हालांकि दिग्विजय सिंह को इंटरनेट पर कोई हिट्स नहीं मिल रहे हैं। उन्हें रोज 10,000 से एक लाख लोग रोज सर्च कर रहे हैं। हैरानी वाली बात यह है कि दिग्विजय सिंह को उनकी दूसरी शादी की तस्वीरों को लेकर सर्च किया जा रहा है।

ज्योतिरादित्य का बेटा हुआ सर्च
इंटरनेट पर लोग बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं की जाति भी सर्च कर रहे हैं। बीते एक महीने में शिवराज सिंह, उमा भारती, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य, बाबूलाल गौर और कैलाश विजयवर्गीय की जातियां भी इंटरनेट से खोजी गई हैं। नेताओं के बच्चे भी कम पॉप्युलर नहीं हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महान आर्यमन सिंधिया को एक महीने में 1,000 से 10,000 लोगों ने इंटरनेट पर सर्च किया।

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किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी को एक भी हिट नहीं
आश्चर्य की बात यह है कि प्रदेश के सबसे बड़े मुद्दे किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी है लेकिन इन्हें एक भी व्यक्ति ने इंटरनेट पर सर्च नहीं किया। इसी तरह लोगों को सरकारी योजनाओं जैसे लाडली लक्ष्मी और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में भी कोई रुचि नहीं है। इन स्कीमों को 100 से 1000 लोगों ने ही इंटरनेट पर सर्च किया। आईटी प्रफेशनल अक्षय हुंका ने बताया कि वह भी हैरान हैं कि लोगों को व्यापम, नेताओं की जाति और उनके परिवारों में सबसे ज्यादा रुचि है जबकि किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी इतना बड़ा मुद्दा होने के बाद भी लोगों को उसमें कोई रुचि नहीं है।

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राजनीश अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस हमेशा लोगों को व्यापम मुद्दे पर बरगलाती रही है। लोगों को कांग्रेस पर विश्वास नहीं है, इसलिए वे खुद व्यापम के बारे में इंटरनेट पर सर्च करते हैं। यही कारण है कि व्यापम सबसे ज्यादा प्रदेश में सर्च किया जा रहा है।

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इसके विपरीत कांग्रेस के स्टेट मीडिया कमिटी के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि व्यापम केस से लाखों छात्र प्रभावित हुए। कई को जेल जाना पड़ा जबकि व्यापम का आरोपी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच पर खड़ा नजर आया। उन्होंने कहा कि व्यापम के चलते लगभग पचास लोगों की संदिग्ध मौत हो चुकी है। लोग व्यापम के बारे में इंटरनेट पर सर्च करते हैं तो अब उन्हें घोटाले की जगह नई चीजें मिलती हैं। जिन्होंने कठिन परिश्रम करके कमाए गए रुपये गवां दिए, वे जेल में हैं और जिन्होंने रुपये कमाए वे धनवान होकर जेल के बाहर घूम रहे हैं।

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