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Azam khan news: आजम खान ने यूं ही नहीं छोड़ी संसद की सदस्‍यता, समर्थक लगातार बना रहे थे दबाव

आजम खान के समर्थक मानते हैं कि जब से वह सांसद बने थे तब से ही उनकी मुसीबतें बढ़ने लगी थीं। आजम खान पर कुल 87 मुकदमे थे जिनमें से 86 में उन्‍हें जमानत मिली थी, एक के कारण अभी भी वह सीतापुर जेल में हैं।

Authored byशादाब रिजवी | Edited byआलोक भदौरिया | नवभारत टाइम्स 23 Mar 2022, 7:00 pm

हाइलाइट्स

  • पिछले कुछ समय में खुद आजम खान, उनकी पत्नी और बेटा जेल गए हैं
  • पत्नी और बेटा फिलहाल जमानत पर बाहर आ गए
  • लेकिन आजम दो साल से सीतापुर की जेल में बंद हैं
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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान (azam khan news) के संसद की सदस्यता छोड़ने के वजह समर्थकों की राय मानी जा रही है। दरअसल, समर्थक लगातार कहते रहे हैं कि जब से (2019) वह सांसद चुने गए हैं तब से ही वह परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उसके पूरे परिवार पर कानूनी शिकंजा कसा है। सांसद बनने के बाद अनगिनत मुकदमे लिखे गए। जेल भी जाना पड़ा। अब बड़ा सवाल यह है कि उनकी जगह उपचुनाव में कैंडिडेट कौन होगा। वैसे इतना तय है कि कैंडिडेट आजम खान (azam khan rampur) की पसंद का ही होगा।
आजम खान का सपा सरकार में दबदबा था। उनको मिनी मुख्यमंत्री कहा जाता था। उनके पास कई महत्वपूर्ण विभाग बतौर मंत्री रहते थे। वह बीजेपी को हमेशा निशाने पर रखते थे। नौ बार विधायक रहने के बाद 2019 में जब वह पहली बार सांसद बने उसके बाद उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसता चला गया।
Azam Khan Resign: आजम खान ने लोकसभा की सदस्यता से दिया इस्तीफा, रामपुर से बने रहेंगे विधायक
खुद आजम खान, उनकी पत्नी और बेटा जेल गए। पत्नी और बेटा फिलहाल जमानत पर बाहर आ गए लेकिन आजम दो साल से सीतापुर की जेल में बंद हैं। आजम खां के खिलाफ 87 मुकदमे कई अदालतों में विचाराधीन हैं। 86 में उनकी जमानत हो चुकी है। एक मुकदमे में जमानत होना बाकी है।

उनके करीबी अक्सर कहते रहे हैं कि सांसद का पद आजम और उनके परिवार को रास नहीं आया। सांसद बनते ही उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की झड़ी लग गई थी। जिससे उनको सियासी, आर्थिक और सामाजिक नुकसान हुआ। इसलिए समर्थकों ने इस बार विधायक बनने पर सांसद का पद छोड़ने की सलाह दी थी, बताते हैं कि उसे ही आजम ने माना है।

आजम दसवीं बार विधायक चुने गए
दरअसल, उन्होंने 2019 में विधायक रहते हुए सांसद का और अब 2022 में सांसद रहते हुए विधायक का चुनाव लड़ा था। इस बार का चुनाव जेल से लड़ा। इस बार बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के दौरान खूब घेराबंदी की थी लेकिन वह आजम का गढ़ भेद नहीं पाई थी और रामपुर शहर से दसवीं बार आजम विधायक चुने गए। जिसके बाद अब उन्होंने संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। 2019 में में सांसद चुने जाने पर विधायकी छोड़ दी थी।

कोई नजदीकी लड़ेगा संसद उपचुनाव
विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी राज्यसभा सदस्य डॉक्टर तजीन फातिमा को चुनाव लड़ाया था, वह जीती थीं। विधायक बनने पर पत्नी ने तब राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी। इस बार भी आजम के परिवार से या उनका किसी खास के ही फिर संसद के उपचुनाव में ताल ठोकना तय है। इसको लेकर तस्वीर जल्द साफ हो जाएगी।

आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू के मुताबिक आजम खां और पार्टी जिसे चुनाव लड़ाएगी, रामपुर से वह जीतेगा। आजम खान से विधान सभा चुनाव हारे आकाश सक्सेना का कहना है कि नैतिकता के आधार पर विधायक पद से इस्तीफा देना चाहिए था। लोकसभा उप चुनाव बीजेपी जीतेगी।

लोकसभा में समाजवादी पार्टी के पांच सांसद थे। इनमें अखिलेश यादव और आजम खान ने इस्तीफा दे दिया है। इनके अलावा मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव, मुरादाबाद से एसटी हसन और संभल से शफीकुर्रहमान बर्क अभी लोकसभा में बने हुए हैं। इस तरह लोकसभा में अब सपा के केवल तीन सांसद बचे हैं।
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शादाब रिजवी

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