ऐपशहर

UP Election 2022: यूपी की राजनीति में किसानों पर घमासान, अखिलेश के चुनावी वादों पर योगी का 'जिन्‍ना' वार

किसान बिल वापस होने के बाद किसानों का आंदोलन भले खत्‍म हो गया हो लेकिन उत्‍तर प्रदेश की राजनीति में इसकी तपिश आज भी बरकरार है। किसानों का मुद्दा भुनाने के लिए सभी पार्टियों भरसक प्रयास कर रही हैं।

नवभारत टाइम्स 18 Jan 2022, 8:20 am
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम किसानों पर राजनीति

चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद उत्‍तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने किसान बिल भले ही वापस ले लिया हो, लेकिन विपक्षी पार्टियों किसानों पर राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि जब उनकी सरकार सत्‍ता में आएगी तो वह 15 दिन के भीतर गन्‍ना किसानों को उनका मूल्‍य दिलवाएंगे। साथ ही, लखीमपुर हिंसा मामले में किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस किए जाएंगे। वहीं, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सपा पर पलटवार करते हुए कहा है कि अखिलेश यादव किसानों के हितैषी नहीं, सिर्फ जिन्‍ना प्रेमी हैं। इस बीच, भाकियू नेता नरेश टिकैत ने पहले सपा-रालोद गठबंधन को अपना समर्थन दिया पर जब इस पर बखेड़ा खड़ा हुआ तो 24 घंटे के भीतर वह अपनी बात से मुकर गए।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को हाथ में गेहूं और चावल लेकर संकल्प लिया कि जिन लोगों ने किसानों को गाड़ी से कुचला, उन्हें सत्ता से बेदखल करेंगे। किसानों पर अत्याचार करने वालों को हराएंगे। इस मौके पर लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड में घायल किसान नेता तेजिंदर सिंह बिर्क और अन्य किसान नेता भी मौजूद थे। अखिलेश ने वादा किया कि सपा मैनिफेस्टो में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की व्यवस्था करेगी। गन्ना किसानों को 15 दिन में भुगतान किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो इसके लिए 'फार्मर्स रिवॉल्विंग फंड' बनाएंगे। 300 यूनिट बिजली फ्री देंगे और मुफ्त सिंचाई की सुविधा मिलेगी। ब्याज मुक्त लोन और बीमा की व्यवस्था भी किसानों के लिए की जाएगी। अखिलेश ने कहा कि सपा अपना मैनिफेस्टो बीजेपी के बाद लेकर आएगी।

अखिलेश का यह संकल्प सियासी ड्रामा है। सत्ता में रहे तो किसानों का करोड़ों का भुगतान फंसा दिया और अब फार्मर्स रिवाल्विंग फंड बनाने का सपना दिखा रहे हैं।
केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम, यूपी

किसानों पर दर्ज मुकदमे लेंगे वापस: अखिलेश
सपा अध्‍यक्ष ने यह भी वादा किया कि सत्ता में आने पर किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारीजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। सपा मुखिया ने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि किसानों की आय दोगुनी क्यों नहीं हुई। उन्होंने वादा किया था कि 2022 में किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी पर अब तक नहीं हुई, बल्कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए। खाद समय से नहीं मिल रही है। जिन लोगों ने किसानों को कुचलकर मार दिया, उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।

अखिलेश अन्नदाता के हितैषी नहीं, सिर्फ जिन्ना प्रेमी हैं: योगी
दूसरी ओर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव के अन्न संकल्प अभियान पर पलटवार किया। कहा कि दंगाइयों, अपराधियों और आतंकवादियों का हाथ थामने वाले लोग आज अन्न को हाथ में लेकर अन्नदाता किसान के हितचिंतक होने का स्वांग कर रहे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि घोटाले करने और चीनी मिलों को बंद कराने वाले किसानों को बरगलाने की लाख कोशिश कर लें, पर किसान अब उनके झांसे में आने वाले नहीं। योगी ने ट्वीट कर कहा कि पूरा प्रदेश जानता है कि प्रतिकूल मौसम से ज्यादा इनके शासनकाल में हुए दंगों ने किसानों को नुकसान पहुंचाया। यह किसानों के हितैषी नहीं, सिर्फ जिन्ना प्रेमी हैं।

सपा सरकार में गन्ना भुगतान के लिए धरने होते थे: गन्ना मंत्री सुरेश राणा
वहीं, गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने भी सपा मुखिया के संकल्प पर पलटवार करते हुए कहा कि वह जब सत्ता में थे, तब प्रण लेते कि किसानों के हित के काम करेंगे। सपा सरकार में दंगाइयों को लखनऊ बुलाकर बिरयानी खिलाई जाती थी। गन्ना भुगतान न होने पर किसानों के धरने होते थे। किसानों की मेहनत का पैसा गायब कर दिया गया था, चीनी मिलों को बंद कर दिया गया। हमारी सरकार आने पर हमने कर्जमाफी की।

पहले सपा-रालोद को समर्थन दिया, फिर मुकर गए नरेश टिकैत
इस बीच, मेरठ में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत सपा-रालोद गठजोड़ को समर्थन देने के ऐलान से पलट गए। टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे ने कहा है कि किसी भी दल को समर्थन नहीं देंगे। इसका उल्लंघन कोई किसान संगठन नहीं कर सकता। हमारे पास हर दल के लोग आते हैं। सभी को आशीर्वाद देते हैं। सोमवार को केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान टिकैत से मिले थे। उधर, यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रयागराज में कहा कि योगी जी को गोरखपुर से चुनाव जीतना चाहिए। यही नहीं सभी बड़े नेताओं को जीतना चाहिए। इशारों-इशारों में आगे कहा कि अगली सरकार में विपक्ष मजबूत होना चाहिए।

अगला लेख

Electionsकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग