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UP Chunav 2022: कौन हैं आईपी सिंह, जिन्होंने बीजेपी दफ्तर पर लगाने के लिए स्वतंत्रदेव सिंह को भेजा ताला

बीजेपी के पूर्व नेता आईपी सिंह ने योगी सरकार पर हमला किया। उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समेत तीन नेताओं को अलीगढ़ का ताला और चाबी भेजी है। उन्होंने योगी और स्‍वतंत्र देव सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि 10 मार्च के बाद बीजेपी दफ्तर पर ताला लगाकर घर लौट जाएं।

Authored byधीरेंद्र सिंह | नवभारतटाइम्स.कॉम 12 Jan 2022, 12:29 pm

हाइलाइट्स

  • बीजेपी से निष्कासित हुए थे आईपी सिंह
  • सपा में शामिल होते ही बने प्रवक्ता
  • पार्टी में आने से पहले ही करते थे अखिलेश का समर्थन
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लखनऊ
समाजवादी पार्टी के प्रवक्‍ता और वरिष्ठ नेता आईपी सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने अलीगढ़ का एक ताला खरीदकर यूपी बीजेपी मुख्‍यालय पर लगाने के लिए भेजा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, सुनील बंसल और सीएम योगी सुविधानुसार इसका उपयोग कर सकते है। 10 मार्च को विधानसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद तीनों पार्टी मुख्यालय पर ताला डालकर घर जा सकते हैं।
पहले बीजेपी में थे आईपी सिंह
आईपी सिंह पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता थे। हालांकि वह लगातार अखिलेश यादव का समर्थन करते देखे गए। साल 2019 में चुनाव के दौरान उन्होंन अखिलेश यादव को अपना घर कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करने का भी ऑफर दिया था। इसके बाद बीजेपी ने आईपी सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। एक चर्चा यह भी थी कि वह अक्सर लखनऊ से बीजेपी एक सांसद का विरोध करते नहीं चुकते थे, वह पार्टी पर खुद को टिकट देने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे।

अखिलेश से मिला इनाम
बीजेपी से निष्कासित होने के बाद आईपी सिंह ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली। इसका अखिलेश यादव की तरफ से आईपी सिंह को इनाम भी मिला। सपा में शामिल होते ही अप्रैल 2019 में आईपी सिंह को सपा में प्रवक्ता बनाया दिया गया।
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क्यों चर्चा में है अलीगढ़ का ताला
आईपी सिंह ने बीजेपी नेताओं को ताला भेजने के बाद ट्वीट किया, 'जो लोग कह रहे हैं कि ताला अलीगढ़ का होना चाहिए, उन भाइयों को बताना था कि ताला ‘हरीसन लॉक्स’ अलीगढ़ का ही है। नफ़रत की दुकान को, मजबूती से लॉक कर देगा।'

चार हजार करोड़ का है कारोबारबता दें कि अलीगढ़ देश में ताला नगरी के नाम से भी फेमस है। अलीगढ़ में मुगलों के जमान से हैंडमेड ताले बनाए जा रहे हैं, जो कि सबसे मजबूत माने जाते हैं। हाल में यहीं से विश्व का सबसे बड़ा और भारी 400 किलो का ताला राम मंदिर के लिए भेजा गया है। बता दें कि देश का करीब 80 प्रतिशत ताला यही से बनकर सप्लाई होता है। अलीगढ़ ताला उद्योग करीब 4 हजार करोड़ रूपये का है।
लेखक के बारे में
धीरेंद्र सिंह
नवभारत टाइम्स डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर हूं। यूपी और उत्तराखंड से जुड़ी राजनीतिक समेत अन्य खबरों पर काम करने की जिम्मेदारी है। इससे पहले की बात की जाए तो दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। 2014 से करियर की शुरूआत हुई और 8 साल से अधिक का अनुभव हो चुका है। इस दौरान दिल्ली, यूपी और जम्मू कश्मीर में रिपोर्टिंग करने का भी मौका मिला। टाइम्स ग्रुप से पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका (डिजिटल), नवोदय टाइम्स, हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी समेत कुछ अन्य संस्थानों में काम किया है। अखबार और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में लिखने पढ़ने का काम जारी है।... और पढ़ें

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