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मेरठ लोकसभाः ध्रुवीकरण के सहारे जीत की हैट्रिक लगाएगी बीजेपी!

लोकसभा सीट मेरठ पर इस बार बीजेपी ने फिर आरएसएस प्रचारक रहे राजेंद्र अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। वहीं गठबंधन की ओर से कट्टर छवि वाले याकूब कुरैशी को टिकट दिया गया है। ऐसे में चुनाव के दौरान ध्रुवीकरण तय माना जा रहा है।

नवभारत टाइम्स 22 Mar 2019, 6:09 pm
प्रेम देव शर्मा, मेरठ
नवभारतटाइम्स.कॉम feature

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से बीजेपी ने आरएसएस के प्रचारक रहे और यहां से दो बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल पर एक बार फिर से दांव खेला है। वहीं एसपी-बीएसपी और आरएलडी गठबंधन ने विवादित और कट्टरवादी छवि के माने जाने वाले बीएसपी प्रभारी याकूब कुरैशी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। चुनाव में दोनों के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावाना है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों ही पार्टियां चुनाव जीतने के लिए ध्रुवीकरण का सहारा ले सकती हैं।

बीजेपी को विकास से उम्मीद?
बता दें कि 8 मार्च को गाजियाबाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम का शिलान्यास किया था। इसे वेस्ट यूपी में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी का बड़ा दांव माना जा रहा है। इस प्रॉजेक्ट की वजह से 2024 में मेरठ से दिल्ली का सफर महज 55 मिनट में पूरा हो जाएगा। बीजेपी के प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल के मुताबिक वह संसदीय क्षेत्र में आकार ले चुकी तकरीबन 1 लाख करोड़ की योजनाओं के साथ जनता का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे। उन्होंने कहा कि मेरठ सभी प्रकार की कनेक्टिविटी में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक्सप्रेस-वे, हवाई उड़ान, मेट्रो रेल और रैपिड रेल जैसी कई योजनाएं प्रगति पर हैं। श्री अग्रवाल का दावा है कि मेरठ- हापुड़ संसदीय क्षेत्र में हुए विकास कार्य के कारण ही जनता उन्हे तीसरी बार संसद पहुंचाएगी।

बीजेपी का मजबूत गढ़ रहा है मेरठ
साल 1990 के दौर में राम मंदिर आंदोलन की वजह से मेरठ सीट बीजेपी का गढ़ बन गई। साल 1991, 1996 और फिर 1998 में यहां से लगातार बीजेपी ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2009 और 2014 में फिर यहां बीजेपी का ही परचम रहा।

ध्रुवीकरण का रथ चलेगा?
एसपी-बीएसपी-आरएलडी गठबंधन के बीएसपी प्रभारी याकूब कुरैशी को उम्मीदवार बनाए जाने से मेरठ में हिंदू मतों का ध्रुवीकरण तय माना जा रहा है। साल 2011 के आंकड़ों के अनुसार मेरठ की आबादी करीब 35 लाख है। इनमें 65 फीसदी हिंदू हैं। याकूब की छवि विवादित और कट्टरवादी मानी जाती है। मोहम्मद साहब का विवादित कार्टून बनाने पर डेनिस पत्रकार का सिर लाने वाले को पांच करोड़ के ईनाम देने की घोषणा करने पर याकूब कुरैशी को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।

समाजवादी पार्टी ने अपने नेता शाहिद मंजूर को बीएसपी प्रत्याशी को जिताने का जिम्मा सौंपा है। खुद शाहिद मंजूर बीएसपी नेता याकूब को उम्मीदवार बनाने का विरोध कर चुके हैं और बिना नाम लिए उन्हें कट्टरवादी करार दे चुके हैं। दूसरी बात, पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की सीमा में घुसकर किए गए एयर स्ट्राइक की वजह से माहौल बीजेपी के पक्ष में बताया जा रहा है जबकि याकूब कुरैशी का कहना है कि उनकी लड़ाई सांप्रदायिक और देश को बर्बाद करने वालों के खिलाफ है इसलिए मेरठ की जागरूक जनता उन्हीं का साथ देगी।

एक्टिव सांसद की छवि
-25 करोड़ (सांसद निधि) रुपये के फंड में कुल 76.95 फीसदी रकम खर्च की
-16वीं लोकसभा में राजेंद्र ने कुल 167 चर्चाओं में हिस्सा लिया
-288 सवाल पूछे, 5 बिल पेश किए, 5 प्राइवेट मेंबर बिल भी रखे

ये रहेंगी चुनौतियां
-कांग्रेस ने भी मेरठ से वैश्य उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि वोटों के बंटवारे से बीजेपी को नुकसान हो सकता है
-मेरठ में अलग हाई कोर्ट बेंच का न बन पाना राजेंद्र अग्रवाल के खिलाफ जा सकता है। वेस्ट यूपी के लिए यह एक बड़ा इशू रहा है।

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