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शिल्पा शिंदे का इंटरव्यू: 'हिम्मत जुटाने में एक साल लग गया'

छोटे पर्दे के मशहूर शो ‘भाबी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी का किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने शो छोड़ने के एक साल बाद इसके प्रड्यूसर संजय कोहली पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाकर...

उपमा सिंह | नवभारत टाइम्स 26 Mar 2017, 12:45 pm
मुंबई
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शिल्पा शिंदे का इंटरव्यू: 'हिम्मत जुटाने में एक साल लग गया'

छोटे पर्दे के मशहूर शो ‘भाबी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी का किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने शो छोड़ने के एक साल बाद इसके प्रड्यूसर संजय कोहली पर सेक्शुअल हैरसमेंट का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। शिल्पा ने मुंबई पुलिस में संजय के खिलाफ यौन उत्पीड़न की एफआईआर भी दर्ज कराई है। हालांकि, कुछ लोग शिल्पा के इतनी देरी से यह कदम उठाने पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं। हमसे एक खास बातचीत में शिल्पा ने इन सभी सवालों के खुलकर जवाब दिए :

आसान नहीं होता बोल पाना
शिल्पा ने संजय के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसमें कहा है कि वो मुझे सेक्सी और हॉट कहते हुए सेक्स की डिमांड करता था। कई बार मुझे जबर्दस्ती गले लगाकर मेरे स्तन और कमर पर हाथ लगाता था और फिर सॉरी कहकर बात को मजाक में टाल देता था। इस बाबत शिल्पा कहती हैं, ‘ऐसा नहीं है कि मैंने ये बातें किसी को नहीं बताईं। मैं पहले बहुत से लोगों को ये सब बता चुकी थी, लेकिन तब मैं खुद यह तय नहीं कर पा रही थी कि इस बारे में खुलकर बोलना है या नहीं, क्योंकि ये इतना आसान नहीं होता है। बहुत हिम्मत लगती है। ये वही समझ सकता है, जिस पर बीतती है। तब मेरी फैमिली ने बोला कि कैसे बोलोगी इस बात को। आज मैं बोल रही हूं क्योंकि मैंने एफआईआर की है। मेरे पास एक प्रूफ है, वरना पहले तो जिन्होंने ये सब देखा, उसे इन्होंने निकाल दिया।’

भरसक इग्नोर कीं ऐसी हरकतें
शिल्पा आगे कहती हैं, ‘यार, हमारी लाइन में ये चीजें बहुत कॉमन होती हैं। हर दूसरा आदमी इस तरह की चीज बोलता है। फिर पट गई तो पट गई, नहीं पटी तो सॉरी बोल देंगे। आपके कलीग ऐसे बोलते हैं, फिर कहते हैं कि अरे! मैं तो मजाक रहा था। ऐसे में आप एकदम से रिऐक्ट नहीं कर सकते हैं। मेरे साथ भी यही था कि एकदम से मैं कैसे बोलूं यार। कल काम करना पड़े उनके साथ, तो इसलिए इग्नोर किया।

फिर जब मैं शो का हिस्सा नहीं रही, तो सोचा अब क्या बोलूं? खत्म हो गई चीज। छोटी सी इंडस्ट्री है। अभी टकराएंगे हम, लेकिन इन लोगों ने अब भी मुझे टॉर्चर करना नहीं छोड़ा है। इन्होंने मेरी जिंदगी तबाह कर दी है। इन्होंने मेरा फोन रिकॉर्ड करवाया। मेरे खिलाफ ऐसा माहौल बना दिया है कि कोई मुझे काम न दे। ये सब इन्होंने इसीलिए किया ताकि मैं ये बातें न बोलूं, लेकिन मैंने अब सोचा कि वैसे ही टाइम बहुत निकल चुका है। अगर अब भी मैं नहीं बोलूंगी, तो फिर कभी नहीं बोलूंगी। अब जो होना है हो जाए।'

तंग करना नहीं छोड़ा, इसलिए बोला
लोग मुझे पूछ रहे हैं कि मैं एक साल के बाद क्यों बोल रही हूं? मैं इसलिए बोल रही हूं, क्योंकि इन्होंने मेरी जिंदगी ऐसी कर दी है, जैसे मैंने कोई खून कर दिया है। मैं इतनी डिप्रेशन में रही हूं कि मैं अपने घर में जोर-जोर से रोती थी। इन्होंने मुझ पर साढ़े 12 करोड़ का दावा कर रखा है, जबकि उनके 12 रुपए भी नहीं बनते मुझ पर। उलटे मेरे ही 32 करोड़ रुपए नहीं दिए हैं। उसके बाद लगातार परेशान कर रहे हैं। अगर उनका वकील नहीं है, तो उन्होंने डेट ले ली और जब मेरे पास वकील नहीं है, तो उन्होंने ऑर्डर वैसे पास करा लिया जैसे कि मैं डेट पर आई ही नहीं। मेरे पांच-छह वकील बीच में ही गायब हो गए। इन्होंने तोड़ दिए मेरे वकील।

एक वकील ने तो इतना बड़ा धोखा दिया कि पैसा लेने के बाद डेट वाले दिन मुझे बोल रहा है कि मैं आउट ऑफ स्टेशन हूं। मैं क्या करूं? इन लोगों ने मेरे खिलाफ ऐसा माहौल बना दिया है कि कोई मुझसे बात नहीं करता। मेरे साथ काम करने वाले आर्टिस्ट तक मेरा फोन नहीं उठाते। सिनटा, जो मेरी आर्टिस्ट एसोसिएशन है, वो भी मेरे खिलाफ है। ऐसा मैंने क्या कर दिया? इतना प्लान किया इन लोगों ने। ऐसे प्रड्यूसर सर्वाइव कर रहे हैं और मेरे जैसा आर्टिस्ट घर पर बैठा है, इसलिए मुझे लगा कि इन लोगों की असलियत सामने लाना जरूरी है। इन्होंने मुझे बैन करने को बोला था, आज मैं चाहती हूं कि ऐसे प्रड्यूसर बैन होने चाहिए।

शो छोड़ने पर मजबूर किया
इन्होंने सब तरफ ऐसी खबर फैलाई जैसे कि मैंने शो छोड़ा है, जबकि असल में उन्होंने मुझे शो छोड़ने पर मजबूर किया। आप मुझे बताओ, शो छोड़ने के बाद आपने क्या मुझे संजय लीला भंसाली की फिल्म में देखा या किसी और बड़ी फिल्म में देखा? मैं क्यों ऐसा शो छोड़ूंगी? पिछली बार भी मैं यही बोल रही थी कि मैंने शो नहीं छोड़ा, उन्होंने मुझे शो से निकाल दिया। 2 मार्च को उन्होंने मुझे छुट्टी देकर बैठा दिया और न्यूज फैलाई कि मुझे मेरे टैंट्रम्स की वजह से निकाल रहे हैं। फिर तीन-चार दिन बाद सेट पर बुलाकर मुझे धमकाया कि चुप बैठो और अपना मुंह बंद रखो, वरना आपको रिप्लेस कर देंगे।

फिर दो-तीन दिन बाद मुझे नोटिस आता है कि मैं शूटिंग पर आ ही नहीं रही हूं। अब आत्मसम्मान भी कोई चीज होती है। आप मुझे पहले कह रहे हैं कि आपको रिप्लेस किया जा रहा है। आप मुझे मेरे तीन महीने के पैसे नहीं दे रहे हैं। फिर आप कह रहे हैं कि शूटिंग करो, तो क्या मैं आपके साथ शूटिंग करूंगी? ऐसे लोगों के साथ मैं कैसे काम करूंगी? इसीलिए मैंने शो छोड़ा। मुझे समझ नहीं आता कि सैकड़ों आर्टिस्ट शो छोड़ते हैं, चले जाते हैं लेकिन मेरे बारे में ही इतना बवाल क्यों हुआ? ये सब इसीलिए था, ताकि मैं हैरेसमेंट की ये बातें न बोलूं।
लेखक के बारे में
उपमा सिंह
पत्रकारिता में 17 साल का अनुभव। अमर उजाला लखनऊ और दैनिक भास्कर लुधियाना से अनुभव बटोरते-बांटते नवभारत टाइम्स पहुंचीं। फिलहाल एनबीटी मुंबई में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। सिनेमा प्यार, पैशन और प्रफेशन तीनों है, तो सिनेमा और सिनेमाई हस्तियों से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ रखती हैं। वहीं, जेंडर इक्वॉलिटी और महिला मुद्दों पर भी धारदार कलम चलाती हैं। इसके लिए उन्हें लाडली मीडिया अवॉर्ड फॉर जेंडर सेंसिबिलिटी से भी सम्मानित किया गया है।... और पढ़ें

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