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इस तरह मैंने हॉलिवुड को भी बॉलिवुड बना दिया: प्रियंका चोपड़ा

हॉलिवुड में फिल्ममेकिंग का एक्सपीरियंस मेरे लिए काफी हद तक बॉलिवुड की तरह ही रहा है, हालांकि बात अगर टीवी शो यानी कि क्वॉन्टिको की करें, तो यह इंडियन टीवी शोज के मुकाबले काफी डिफरेंट है। वहां काम करने के बाद मेरी सोच काफी बदल गई है, जबकि फिल्मों के मामले में तो मैंने वहां भी बॉलिवुड...

नवभारत टाइम्स 14 Apr 2016, 8:48 am
Prashant.Jain@timesgroup.com
नवभारतटाइम्स.कॉम interview with quantico actress priyanka chopra
इस तरह मैंने हॉलिवुड को भी बॉलिवुड बना दिया: प्रियंका चोपड़ा


क्वॉन्टिको की शूटिंग के बीच में इंडिया आने से कोई प्रॉब्लम हुई?

बेशक, क्वॉन्टिको के शूट को बीच में छोड़कर मेरे इंडिया आने की वजह से उसका शेड्यूल डिस्टर्ब हुआ। हम लोगों को उसकी शूटिंग दो दिन पोस्टपोन करनी पड़ी। मेरी वजह से अब मेरी यूनिट के सभी मेंबर्स को शनिवार को भी काम करना पड़ेगा, लेकिन मेरी खातिर सभी खुशी-खुशी ऐसा करने के लिए तैयार हो गए। जब मैंने उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड के बारे में बताया, तो पहले तो किसी को कुछ समझ ही नहीं आया, लेकिन जब मैंने उन्हें बताया कि यह नाइटहुड की तरह का सम्मान है, तो वे सब बेहद खुश हुए और मुझे बहुत बधाई दी।

फैन्स को सफलता हासिल करने के कुछ टिप्स दीजिए।

मेरा मानना है कि सफलता कोई भी हासिल कर सकता है। बस आपको यह देखना होगा कि आप अपनी बॉडी को कितना कष्ट देना चाहते हैं और आप किसी एक काम पर कितना फोकस कर पाते हैं। मैं अपने काम पर जाऊंगी और उसे अच्छे से करूंगी। आपका ऐटिट्यूड अगर इस तरह का है, तो निश्चित तौर पर आप सफलता हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा, मेरे मां-पापा ने भी मुझे बेहद जिम्मेदार लड़की के तौर पर पाला है।

आपका लुक एकदम ट्रडिशनल नजर आ रहा है आज।

मुझे बनारसी साड़ी पहनना बेहद पसंद है, इसलिए मैंने अपनी जिंदगी के इस बेहद खास मौके के लिए बनारसी साड़ी पहनने का फैसला किया। फिर मौका भी ट्रडिशनल ड्रेस का था आज। मेरी खुशी का ठिकाना नहीं है। हालांकि, मुझे जिंदगी में सम्मान बहुत मिले हैं, लेकिन यह सबसे खास है। अपने पापा के इस दुनिया से जाने से तीन महीने पहले ही मैंने उन्हें भी अपने साथ सम्मान लेने के लिए स्टेज पर बुलाया था।

हॉलिवुड में काम करते हुए बॉलिवुड से क्या अलग महसूस करती हैं आप?

हॉलिवुड में फिल्ममेकिंग का एक्सपीरियंस मेरे लिए काफी हद तक बॉलिवुड की तरह ही रहा है, हालांकि बात अगर टीवी शो यानी कि क्वॉन्टिको की करें, तो यह इंडियन टीवी शोज के मुकाबले काफी डिफरेंट है। वहां काम करने के बाद मेरी सोच काफी बदल गई है, जबकि फिल्मों के मामले में तो मैंने वहां भी बॉलिवुड को कॉपी कर दिया है। असिस्टेंट डायरेक्टर मेरी वैन के बाहर खड़ा रहता है। लास्ट मिनट पर डायलॉग चेंज होते हैं और मैं सेट पर 15 मिनट लेट भी पहुंचती हूं, जिसे सब लोगों ने अक्सेप्ट कर लिया है। इस तरह मैंने हॉलिवुड को भी बॉलिवुड बना दिया है। मैंने हमेशा जिंदगी को अपनी शर्तों पर जिया है।

हॉलिवुड में काम करने के साथ आप बॉलिवुड को कितना टाइम दे पाएंगी?

मैंने क्वॉन्टिको के साथ एक कमिटमेंट किया है। इसके तहत मैंने साल में से छह महीने उनके लिए शूटिंग की। अभी हमारा सेकंड सीज़न रिन्यू हुआ है, जिसके लिए मैं अगस्त में वहां पर जाऊंगी। इसका मतलब कि मैं छह महीने क्वॉन्टिको शूट करूंगी और छह महीने फिल्में। इस साल के लिए मैंने 'बेवॉच' साइन कर ली है। 'बेवॉच' के साथ मैं एक हिंदी फिल्म भी करूंगी, जिसे मैं इसी हफ्ते फाइनल करने वाली हूं। उसकी शूटिंग मुझे मई में करनी है। हिंदी फिल्में मेरा पहला प्यार है, जिसे मैं कभी नहीं भूल सकती।

अपनी अब तक की सफलता का क्रेडिट आप बॉलिवुड में किसे देना चाहेंगी?

मैं अपनी सफलता के लिए खुद को क्रेडिट देना चाहूंगी, क्योंकि मुझे बॉलिवुड से ज्यादा सपोर्ट नहीं मिला और मैंने यहां पर अपने दम पर सक्सेस हासिल की है। मुझे जो भी काम मिला, वह मेरी मेरिट पर मिला। इसके बाद मैं अपने पैरंट्स को क्रेडिट देना चाहूंगी, जिन्होंने मुझे इन चुनौतियों का सामना करने लायक बनाया। इसके अलावा वे हमेशा हर मुश्किल में मेरे पीछे खड़े रहे। साथ ही, मैं अपने डायरेक्टर्स और को-स्टार्स को भी अपनी इस सफलता के लिए शुक्रिया कहूंगी, जिनका इसमें योगदान रहा।

पद्मश्री अवॉर्ड मिलने के बाद कैसा फील कर रही हैं आप?

आज मेरी जिंदगी का बहुत अच्छा दिन है, जिसे इंजॉय करने के लिए मैं खासतौर पर एक दिन के लिए यूएस से दिल्ली आई हूं। ...और रही बात पद्मश्री की, तो यह मेरे काम का सम्मान है। मैं हमेशा के लिए अपने काम के लिए बेहद जिम्मेदार रही हूं। एक आर्मी ऑफिसर की बेटी के लिए अपने काम के लिए अपने देश की ओर से सम्मान मिलना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। मैं आज बहुत रोई थी, क्योंकि मैं इस मौके पर अपने पापा को मिस कर रही थी। मुझे लगा कि अगर पापा यहां होते, तो उन्हें कितना अच्छा लगता। हालांकि, इस मौके पर मेरे बड़े पापा, दादी, मम्मी और फैमिली के दूसरे लोग मेरे साथ थे। जब अपना वतन काम को सम्मान देता है, तो बेशक उसकी फीलिंग एकदम अलग ही होती है।

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