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जिया खान केस: मीडिया से मदद मांगते हुए रो पड़े सूरज पंचोली

ऐक्ट्रेस जिया खान की मौत मौत के बाद सूरज पंचोली पर कई तरह के आरोप लगे थे। उनके ऊपर केस हुआ और गिरफ्तारी भी। केस कई सालों से स्पेशल विमन कोर्ट में है। सूरज पहली बार इस केस पर खुलकर बोले और मीडिया से मदद मांगते हुए वह रो पड़े।

संजय मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉम 18 Oct 2019, 7:02 pm
ऐक्ट्रेस जिया खान की मौत की खबर ने हर किसी को चौंकाकर रख दिया था। जिया की मौत के बाद आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली पर कई तरह के आरोप लगे थे। जिया की मां राबिया ने भी सूरज पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनके ऊपर केस हुआ और गिरफ्तारी भी। केस कई सालों से स्पेशल विमन कोर्ट में है और वह हर सुनवाई पर जाते हैं। अपनी रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म 'सैटलाइट शंकर' के ट्रेलर लॉन्च के दौरान जिया खान केस पर पहली बार खुलकर बात करते हुए सूरज पंचोली रो पड़े।
नवभारतटाइम्स.कॉम sooraj-pancholi


7 साल हो गए, आप लोग नहीं समझ पाएंगे कि मैं किस हालत से गुजर रहा हूं
सूरज ने कहा 'जो मेरा केस था, वह एकदम अलग था, भारत के इतिहास में देख लीजिए, कभी भी ऐसा कोई केस नहीं रहा है, जब किसी पर आरोप लगा हो और वह खुद अपने ही केस का ट्रायल चलाने के लिए कहा हो। मैंने खुद हाई कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि मेरा ट्रायल चलाया जाए। आज हमारे देश की कितनी जनसंख्या है, लगभग 100 अरब से ज्यादा, लेकिन कभी भी किसी दोषी ने अपने केस के ट्रायल चलने के लिए नहीं कहा है। आज इस बात को 7 साल हो गए, आप लोग ( मीडिया वाले ) नहीं समझ पाएंगे कि मैं किस हालत से गुजर रहा हूं।' सूरज अपनी यह बात कहते हुए हांफने लगे, इमोशनल हो गए, उनकी आंखों में नमी भी आ गई।,

मेरी 2 फिल्मों की शूटिंग बीच में बंद भी हो गई
इस केस की वजह से वह बीते 4 साल में अपना करियर भी आगे नहीं बढ़ा पाए। सूरज बताते हैं, '4 साल घर में बैठना सिर्फ एक ऐक्टर के लिए नहीं ही मुश्किल नहीं, कोई भी व्यक्ति जो काम नहीं कर रहा होता, वही व्यक्ति समझ सकता है कि उसके साथ क्या हो रहा है। मैंने अपनी पहली फिल्म हीरो के बाद और भी बहुत कोशिश की, लेकिन कुछ हुआ नहीं। मेरी 2 फिल्मों की शूटिंग शुरू हुई और फिल्में बीच में बंद भी हो गईं। यहां बैठे अधिकतर लोग जानते हैं कि मैं किस हालत में रहा हूं। यह मुश्किल सफर रहा है, लेकिन बोलते हैं न, अपना टाइम आएगा।'

जेल की सजा यह सजा मुझे उस काम के लिए मिली, जो मैंने किया ही नहीं
अपने संघर्ष पर बात करते हुए सूरज ने कहा, 'मेरा यह मुश्किल सफर सिर्फ 4 साल का नहीं, जो मैंने घर में अगली फिल्म के लिए इंतजार करके बिताया। मेरा यह संघर्ष 7 साल का है। मैं जब सिर्फ 21 साल का था तो जेल चला गया था। जेल की सजा यह सजा मुझे उस काम के लिए मिली थी, जो मैंने किया ही नहीं था। मैं कुछ भी छिपाना नहीं चाहता। यहां मौजूद हर कोई मेरी निजी लाइफ के बारे में जानना चाहता है।'

इंसाफ के लिए 20 साल का इंतजार नहीं कर सकता
सूरज ने खुलकर कहा, 'मैं चुप था क्योंकि मुझे देश की कानून व्यवस्था ने विश्वास था और आज भी है, लेकिन यहां बहुत समय लगता है और मैं इंसाफ पाने के लिए 20 साल का इंतजार नहीं कर सकता। मैं अपने केस में दोषी करार कर दिया गया था। शिकायत कोई भी कर सकता है, शिकायत करने वाले को बार-बार कोर्ट नहीं जाना पड़ता, लेकिन जिस पर दोष मढ़ा जाता है, उसे बार-बार, हर डेट में कोर्ट जाना पड़ता है। जब मैं 21 साल का था, तब से अब जब मैं 29 साल का हो गया हूं कोर्ट जा रहा हूं।'

मुझ पर आरोप लगे हैं, मैं कुछ नहीं कर सकता
'मैं जब भी अपनी फिल्म के निर्माता से मिलता या उनके स्टूडियो जाता, वे मुझसे पूछते कि तुम्हारे केस में क्या हो रहा है। यह सवाल उनका अधिकार था, अगर मैं उनकी जगह होता तो ऐसा मैं भी करता। मेरे पास उनके लिए कोई जवाब नहीं होता था। मुझ पर आरोप लगे हैं, मैं कुछ नहीं कर सकता, मुझे ट्रायल शुरू इंतजार करना होगा।'

यहां की अथॉरिटी इस बारे में कुछ नहीं कर रही
'कम्प्लेन करने वाला पक्ष यदि इंसाफ चाहता है तो उन्हें भी कोर्ट आना चाहिए और ट्रायल शुरू करवाना चाहिए। हर बार मेरा ट्रायल होता है और दूसरा पक्ष लंदन चला जाता है, क्योंकि उनके पास ब्रिटिश पासपोर्ट है। यहां की अथॉरिटी इस बारे में कुछ नहीं कर रही। यह ठीक नहीं है। मैं चाहता हूं कि यह ट्रायल जल्दी शुरू हो और जल्दी खत्म हो क्योंकि मुझे भी जवाब चाहिए।'

CBI और पुलिस को इस केस में कुछ नहीं मिला तो कोर्ट ट्रायल क्यों नहीं शुरू कर देती
'मैं गिल्टी हूं या नहीं, लेकिन शुरू तो करो यह ट्रायल। ट्रायल शुरू करने से पहले आप ( जिया खान की मां राबिया खान ) वापस चले जाते हैं। मेरी जगह रहकर आप लोग सोचिए, लोग यानी परिवार और दोस्त मुझसे सवाल करते हैं क्या हो रहा है केस का, मैं कहता हूं, पता नहीं यार, मैं तो कोर्ट जाता हूं। हर महीने में 2 से 3 बार तो कोर्ट जाता ही हूं। इस मामले में पुलिस ने 2 बार जांच कर ली है, 22 साल की उम्र में CBI की जांच हो चुकी है, दिन-रात उनके साथ बैठता था। अगर CBI और पुलिस को इस केस में कुछ नहीं मिला तो कोर्ट ट्रायल क्यों नहीं शुरू कर देती और शिकायत करने वाले इस ट्रायल में शामिल क्यों नहीं होते।'

मुझे आपसे मदद चाहिए, मेरी मदद करें
'अब उन्होंने मुझपर केस किया है तो उनकी ड्यूटी है मुझे आरोपी साबित करना। मेरी जिम्मेदारी नहीं की मैं वहां निर्दोष साबित करूं खुद को। मेरा आप लोगों से निवेदन है कि आप इस पर सवाल उठाएं, स्टैंड लें, क्योंकि मीडिया ही मुझसे पूछती है कि केस का क्या हुआ। मुझे आपसे मदद चाहिए, मेरी मदद करें आप लोग प्लीज। मैंने इस बारे में हमेशा चुप रहकर सोचा कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन अब मुझे बोलना पड़ेगा, बाकी सब भगवान पर छोड़ता हूं।'

गौरतलब है कि 3 जून 2013 को जिया खान का शव उनके कमरे में लटकता हुआ मिला था। इसके एक हफ्ते बाद उनके ब्वॉयफ्रेन्ड सूरज पंचोली को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके कई दिन बाद एक सूइसाइड लेटर बरामद हुआ था, जिसमें सूरज पंचोली द्वारा शोषण की बात लिखी हुई थी।
लेखक के बारे में
संजय मिश्रा
"संजय मिश्रा (Sanjay Mishra Katyani) पिछले 17 सालों से फिल्म जर्नलिस्ट हैं। साल 2006 में दूरदर्शन से एक रिपोर्टर के तौर पर अपनी शुरुआत करने के बाद, लाइव इंडिया, मी मराठी, नेटवर्क 18 हिंदी, इंडिया टीवी और न्यूज़ एक्सप्रेस जैसे न्यूज़ चैनल के साथ 10 साल सक्रिय फिल्म रिपोर्टिंग की। साल 2015 में बुक माय शो के साथ जुड़कर डिजिटल/ऑनलाइन न्यूज़ की दुनिया में कदम रखा और बीबीसी हिंदी और जागरण डॉट कॉम के साथ कार्य किया। साल 2016 से टाइम्स ऑफ इंडिया परिवार, नवभारत टाइम्स डॉट कॉम का हिस्सा बन गए। एनबीटी में 2016 से प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर के रूप में कार्यरत। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले संजय मिश्रा का जन्म और पढ़ाई-लिखाई मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हुई।... और पढ़ें

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