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मैं शाहरुख से डरी-सहमी रहती थी: कटरीना कैफ

कटरीना कैफ बताती हैं कि जब सोशल मीडिया नहीं था, तब किसी भी पार्टी में एक अलग रौनक हुआ करती थी। आज-कल तो फोन पर ही पार्टियां हो जाती हैं। अब किसी भी पार्टी में आजादी नहीं रहती, हर समय सतर्क रहना पड़ता, हर पार्टी में रिकॉर्डिंग होती रहती है, न जाने कब-क्या कोई पोस्ट कर दे।

संजय मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉम 11 Dec 2018, 2:35 pm
अभिनेत्री कटरीना कैफ इन दिनों अपनी रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म जीरो के प्रमोशन में बिजी हैं। इस दौरान हमसे बातचीत में कटरीना ने बताया कि आज से 6 साल पहले जब शाहरुख खान के साथ वह फिल्म जब तक है जान शूट कर रही थीं, तब शाहरुख से वह डरी-डरी सी रहती थी, लेकिन अब इन 6 सालों में वह डर खत्म हो गया है। कटरीना ने सोशल मीडिया के आने के बाद, बदले माहौल पर भी बात की।
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सवाल - शाहरुख के साथ 6 साल बाद वापस काम किया है, इन 6 सालों में क्या बदलाव महसूस किया?

कटरीना -ओह, 6 साल हो गए... मुझे लगा 2 या 3 साल हुए हैं, नहीं... नहीं... 6 साल नहीं हो सकता। वैसे यह अच्छी न्यूज़ नहीं है। बहुत लंबा समय बीत गया।

शाहरुख खान से पहली बार मैं कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर मिली थी

कटरीना - शाहरुख खान से पहली बार मैं कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर मिली थी, शाहरुख ने पहली बार उस शो से टीवी पर काम करना शुरू किया था। मैं सलमान के साथ उनके शो पर गई थी। उस शो के बाद मैं शाहरुख से बहुत ज्यादा नहीं मिली, उस समय सोशल मीडिया भी नहीं था। उस समय हम लोगों से मिलते नहीं थे, तभी उनके बारे में जान पाते थे, मुलाकात नहीं होती तो कुछ पता ही नहीं चलता था कि कौन कहां-क्या कर रहा है।

इन 6 सालों में बहुत कुछ सीखा है, मेरा अनुभव भी बढ़ गया है

कटरीना आगे बताती हैं, 'मुझे जब तक है जान के दौरान की बात याद आती है, उस समय मुझे शाहरुख से बहुत डर लगता था, मैं बहुत ही ज्यादा उनसे डरी-सहमी और भयभीत रहती थी। एक तो सेट पर यश चोपड़ा जी भी मौजूद रहते थे, उनकी फिल्म, उनका सेट, एक अलग माहौल था। यश चोपड़ा की फिल्म में काम करते समय सेट पर कोई ऐक्ट्रेस खुद को बड़ा स्टार जैसा नहीं समझती थी और न ही उनके (यशजी) सामने कोई स्टार होता था। जीरो में काम करते समय मैं और भी ज्यादा अनुभवी हो गई थी, इन 6 सालों में बहुत कुछ सीखा है, मेरा अनुभव भी बढ़ गया है। अब मैं शाहरुख को अच्छी तरह जानने-समझने लगी हूं, अब वह डर वाली बात नहीं रही। अब सेट पर हम किरदारों को और भी ज्यादा बेहतर बनाने की बात करते थे।'

सोशल मीडिया के आने से एक-दूसरे की पल-पल की खबर मिलती है

सोशल मीडिया के बारे में बात करते हुए कटरीना कहती हैं, 'सोशल मीडिया के आने से ऐसा लगता है कि हम किसी से सालों भी न मिले तब भी उन्हें हर दिन फील करते हैं। सोशल मीडिया में हर कोई सब कुछ शेयर करता है। सबकुछ मतलब सबकुछ, जैसे क्या कपड़े पहने हैं, कहां छुट्टी पर गए, कहां खाना खाया, क्या खाया? एक-दूसरे को हर दिन की और पल-पल की खबर मिलती रहती है, लेकिन उस समय ऐसा नहीं था।'

आज हर कोई पार्टी में सतर्क होता है, न जानें कौन क्या पोस्ट कर दे

एक उदाहरण देते हुए वह सोशल मीडिया से आए बदलाव को समझाते हुए कटरीना कहती हैं, 'हाल ही में मैं फरहा खान से मिली, हम उनकी शादी की बात कर रहे थे, उनकी शादी की रात हमने बहुत शानदार पार्टी की थी। अब हर पार्टी फोन में देखी जाती है। हर कोई पार्टी में सतर्क हो जाता है कि थोड़ी देर बाद न जानें कौन क्या सोशल मीडिया में पोस्ट कर दे। हमें अब बहुत ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है, उस समय की तरह आजादी से कुछ करने की फीलिंग अब नहीं रही। आज हर समय हर चीज रिकॉर्ड हो रही है।'

मेरे किरदार में तब से फिल्म बनने तक बहुत कुछ बदलाव हुआ है

अपने किरदार के बारे में कटरीना बताती हैं, 'जीरो में मेरा जो बबिता कुमारी का किरदार है, इस बारे में फिल्म की कहानी लिखे जाने से पहली ही आनंद राय के साथ बहुत बात होती थी। इस फिल्म से सबसे पहले मैं जुड़ी थी, मेरे किरदार में तब से फिल्म बनने तक बहुत कुछ बदलाव हुआ है। जब पहली बार मैंने फिल्म का आइडिया सुना तो बबिता एक अलग लड़की थी, लेकिन फिल्म बनने के बाद वह किरदार एकदम अलग है। आनंद हमेशा से मेरे इस किरदार को स्पेशल ट्रीटमेंट देना चाहते थे, शायद मेरा किरदार उनके सबसे ज्यादा करीब है।'


आनंद की फिल्मों में फीमेल हमेशा बहुत मजबूत होती है

कटरीना आगे कहती हैं, 'मैने आनंद की हर एक फिल्म शुरू से लास्ट तक देखी है और उनकी फिल्म देखकर मुझे पता चला कि उनकी फिल्म की फीमेल हमेशा बहुत ही ज्यादा मजबूत होती है। फिर भले वह रोमांटिक फिल्म ही क्यों न हो। रांझना जैसी प्यार की कहानी में भी फीमेल का किरदार मल्टीलेयर वाला मजबूत था। जब आनंद जीरो की कहानी लेकर मेरे पास आए थे, तब हमें यह पता था कि हमारी यह मुश्किल जर्नी होगी। प्रफेशनली मैंने आनंद से इस फिल्म के दौरान हर मामले में बहुत सीखा है... क्योंकि इस दौरान मेरे पर्सनल लाइफ में ऐसा कुछ नहीं था, जहां मैं खुद को बिजी रखूं, मेरा परिवार भी यहां नहीं रहता है, तो जाहिर है कि मैंने पूरी तरह खुद को काम में लगा दिया।'


आनंद एल राय के निर्देशन में तैयार हुई फिल्म 'जीरो' में शाहरुख खान, अनुष्का शर्मा और कटरीना की अहम भूमिका है। 'जीरो' 21 दिसंबर को देशभर के सिनेमाहॉल में रिलीज़ होगी। फिल्म में शाहरुख एक बौने व्यक्ति बउआ सिंह के किरदार में हैं। मेरठ के माध्यम वर्गीय परिवार का बउआ सिंह भले हाइट में छोटा है, लेकिन सपने बड़े-बड़े देखता है। इन्ही सपनो को देखते हुए वह मेरठ से न्यू यॉर्क तक पहुंच जाता है। इस बीच उसकी मुलाकात दो खूबसूसरत लड़कियों कटरीना और अनुष्का से होती है। फिल्म का निर्देशन आनंद एल राय ने किया है, इसे संगीत से सजाया है अजय-अतुल की जोड़ी ने।
लेखक के बारे में
संजय मिश्रा
"संजय मिश्रा (Sanjay Mishra Katyani) पिछले 17 सालों से फिल्म जर्नलिस्ट हैं। साल 2006 में दूरदर्शन से एक रिपोर्टर के तौर पर अपनी शुरुआत करने के बाद, लाइव इंडिया, मी मराठी, नेटवर्क 18 हिंदी, इंडिया टीवी और न्यूज़ एक्सप्रेस जैसे न्यूज़ चैनल के साथ 10 साल सक्रिय फिल्म रिपोर्टिंग की। साल 2015 में बुक माय शो के साथ जुड़कर डिजिटल/ऑनलाइन न्यूज़ की दुनिया में कदम रखा और बीबीसी हिंदी और जागरण डॉट कॉम के साथ कार्य किया। साल 2016 से टाइम्स ऑफ इंडिया परिवार, नवभारत टाइम्स डॉट कॉम का हिस्सा बन गए। एनबीटी में 2016 से प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर के रूप में कार्यरत। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले संजय मिश्रा का जन्म और पढ़ाई-लिखाई मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हुई।... और पढ़ें

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