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ऐक्टर्स फ्लॉप फिल्म का ब्लेम दूसरों पर मढ़ते हैं: अर्जुन कपूर

अभिनेता अर्जुन कपूर कहते हैं कि ऐक्टिंग दुनिया में आज तक कोई भी ऐसा अभिनेता नहीं हुआ है, जिसकी एक भी फिल्म फ्लॉप नहीं हुई है, फिल्मों की असफलता भी इस जर्नी का हिस्सा है, इमानदारी से अपनी गलती मानकर सुधार करना चाहिए, दर्शक कभी गलत नहीं होता है।

संजय मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉम 15 May 2019, 3:56 pm
अभिनेता अर्जुन कपूर कहते हैं कि अब वह फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए 7 बरस पूरे कर चुके हैं, इन 7 वर्षों में 13 फिल्में भी कर लीं हैं। अर्जुन की मानें तो वह फिल्में हिट हुईं या फ्लॉप इस बात को नहीं देखते, लेकिन जिस तरह से दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने उन्हें अपनाया है, वह बड़ी बात है। बार-बार खुद को सेल्फ मेड कहने वाले अर्जुन कहते हैं, 'आज मैं जो भी हूं अपनी वजह से हूं। मैंने खुद को बनाया हैं, मैं खुद को सेल्फ मेड कहता हूं।
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एक शुक्रवार लोग सर आंखों में बैठाते हैं, वहीं दूसरे शुक्रवार कोई आंख नहीं मिलता
अर्जुन अपनी फिल्मों असफलता को किस तरह डील करते हैं, यह बताते हुए उन्होंने कहा, 'यहां हर शुक्रवार लोगों की किस्मत बदलती है। एक शुक्रवार होता है जब लोग आपकी जमकर तारीफ करते हैं, सर आंखों में बैठाते हैं, वहीं एक दूसरे शुक्रवार कोई आपसे आंख नहीं मिलता है। आप जब ऐक्टिंग की दुनिया में कदम रखते हैं और ऐक्टर बनते हैं, तो आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि उतार-चढ़ाव काम का हिस्सा हैं।'

गलती मानें कि फिल्म अच्छी नहीं बनाई इसलिए फ्लॉप हुई है

अर्जुन आगे कहते हैं, 'ऐसा रिकॉर्ड किसी भी ऐक्टर का नहीं, जिसकी कोई फिल्म फ्लॉप नहीं हुई हो, जिसने कभी असफलता नहीं देखी है। हर बुरे समय के बाद अच्छा वक्त भी आता है और अच्छे समय के बाद बुरा समय भी आ सकता है। यह आपकी जर्नी है, इसे इस तरह डील किया जाना चाहिए कि आप इमानदारी और सच्चाई से अपनी गलती मानें कि आपने फिल्म अच्छी नहीं बनाई इसलिए फ्लॉप हुई है। दर्शक हमेशा सही होता है, आपको अपनी गलती को समझना होता है।'

कुछ ऐक्टर्स फिल्म फ्लॉप होने पर दूसरों पर ब्लेम करने का रीजन तलाशने लगते हैं

अपनी बात समाप्त करते हुए अर्जुन कहते हैं, 'जब फिल्म चलती है तो सबकी चलती है और नहीं चलती तो सबकी नहीं चलती है। मैं कुछ ऐक्टर्स को देखता हूं, जो फिल्म फ्लॉप होने के बाद, दूसरों पर ब्लेम करने का रीजन तलाशने लगते हैं और अपनी फ्लॉप फिल्म का दोष दूसरों पर मढ़ते हैं। मैं इस सफलता-असफलता को अलग ढंग से देखता हूं, क्योंकि मैं फिल्म बैकग्राउंड से आता हूं। एक प्रड्यूसर का बेटा हूं तो मुझे फिल्म का काम टीम वर्क लगता है। किसी भी फिल्म की सफलता में सबको श्रेय जाता है।'

फिल्म को राज कुमार गुप्ता ने डायरेक्ट किया है जो अजय देवगन स्टारर फिल्म 'रेड' जैसी सफल फिल्म दे चुके हैं। इस सफलता के बाद ही राज कुमार गुप्ता को 'इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड' का आइडिया आया था। इस मूवी के लिए अर्जुन कपूर उनकी पहली पसंद थे। साल 2018 के मई में इस प्रॉजेक्ट की घोषणा की गई थी। फिल्म की शूटिंग पटना के साथ ही नेपाल में भी की गई है। इस मूवी को 24 मई 2019 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।
लेखक के बारे में
संजय मिश्रा
"संजय मिश्रा (Sanjay Mishra Katyani) पिछले 17 सालों से फिल्म जर्नलिस्ट हैं। साल 2006 में दूरदर्शन से एक रिपोर्टर के तौर पर अपनी शुरुआत करने के बाद, लाइव इंडिया, मी मराठी, नेटवर्क 18 हिंदी, इंडिया टीवी और न्यूज़ एक्सप्रेस जैसे न्यूज़ चैनल के साथ 10 साल सक्रिय फिल्म रिपोर्टिंग की। साल 2015 में बुक माय शो के साथ जुड़कर डिजिटल/ऑनलाइन न्यूज़ की दुनिया में कदम रखा और बीबीसी हिंदी और जागरण डॉट कॉम के साथ कार्य किया। साल 2016 से टाइम्स ऑफ इंडिया परिवार, नवभारत टाइम्स डॉट कॉम का हिस्सा बन गए। एनबीटी में 2016 से प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर के रूप में कार्यरत। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले संजय मिश्रा का जन्म और पढ़ाई-लिखाई मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हुई।... और पढ़ें

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