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सुशांत केस अब CBI को, SC के फैसले पर कई खुश कुछ आहत, पढ़ें दिनभर क्‍या-कुछ हुआ

sushant rajput case supreme court judgement live update: सुशांत सिंह राजपूत मामले में आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना दिया है और यह सुशांत के चाहने वालों के पक्ष में है। जी हां, इस केस की जांच अब सीबीआई ही करेगी।

नवभारतटाइम्स.कॉम 19 Aug 2020, 6:53 pm
देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत केस में अपना फैसला सुना दिया है, जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतजार था। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुशांत सिंह राजपूत के चाहनेवालों के पक्ष में दिया है और सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए यह माना कि मुंबई पुलिस ने इस केस में जांच नहीं की है बल्कि केवल इन्‍क्‍वायरी की है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस केस जुड़े हर मामले को अब सीबीआई ही देखेगी। इस बीच महाराष्‍ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई पुलिस कमिश्‍नर से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद अनिल देशमुख ने कहा कि महाराष्‍ट्र सरकार सीबीआई जांच में पूरा सहयोग करेगी।
नवभारतटाइम्स.कॉम sushant-rhea
sc verdict on sushant singh rajput case


कोर्ट ने माना- मुंबई पुलिस ने सुशांत केस में जांच नहीं की
बता दें कि कोर्ट ने इस सुनवाई में 35 पन्‍नों का जजमेंट दिया है और पटना में दर्ज एफआईआर को SC ने सही पाया है। कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार जांच की सिफारिश करने में सक्षम है। पटना कोर्ट की एफआईआर को कोर्ट ने सही पाया है। कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार जांच की सिफारिश करने में सक्षम है। कोर्ट ने माना है क‍ि मुंबई पुलिस ने जांच नहीं की। कोर्ट ने कहा है क‍ि मुंबई पुलिस ने सुशांत केस में जांच नहीं की है, बल्कि इस मामले में बस इन्‍क्‍वायरी की। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला पूरी तरह से सीबीआई को सौंप दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि आगे कोई भी एफआईआर इस मामले में दर्ज हुई तो सीबीआई देखेगी।


सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ये सुनिश्चित किया जाए कि सुशांत सिंह राजपूत के मौत के पीछे के रहस्य की छानबीन के लिए सीबीआई कंपिटेंट जांच एजेंसी है और कोई भी राज्य पुलिस उसकी जांच में दखल न दे। सुशांत के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने एनबीटी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि बिहार सरकार सीबीआई जांच के लिए केस रेफर करने के लिए सक्षम है। पटना में दर्ज केस वैध है।


कोर्ट ने अपने इस फैसले में लिखा है, 'सुशांत सिंह राजपूत एक टैलंटेड ऐक्टर थे और उनकी पूरी काबिलियत का पता चलने से पहले ही उनकी मौत हो गई। काफी लोग इस केस की जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, इसलिए कयासों को रोकना होगा। इसलिए इस मामले में निष्पक्ष, पर्याप्त और तटस्थ जांच समय की जरूरत है।'


सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से बिहार के लोग बेहद खुश हैं और अपने चहेते स्टार के लिए न्याय को लेकर उनका हौसला और भी बुलंद हो गया है। बिहार, सहरसा में सुशांत के फैन्स ने इस मौको को सेलिब्रेट किया और पटाखे भी जलाए।


इस बीच मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह गृह मंत्री अनिल देशमुख से म‍िलने पहुंचे। इससे पहले उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात की।


जांच में सहयोगी करेगी महाराष्‍ट्र सरकार: देशमुख


पुलिस कमिश्‍नर से मुलाकात के बाद अनिल देशमुख ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का स्‍वागत करते हैं। सीबीआई जांच में जिन चीजों की भी जरूरत होगी, महाराष्‍ट्र सरकार वह मुहैया करेगी। देशमुख ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच में कोई गलती नहीं पाई हैं और यह गर्व की बात है।

सिर्फ मैं, मेरी बेटी और हमारे वकील की बात सुनें: केके सिंह

सुशांत के पिता केके सिंह ने इधर एक बयान जारी कर कहा कि कई लोग खुद को सुशांत का वकील बता रहे हैं। जबकि ऐसा नहीं है। सुशांत के परिवार से सिर्फ मैं और मेरी बेटी ही इस मामले को देख रहे हैं। हमने वरुण सिंह को अपना वकील बनाया है और उनके द्वारा वरिष्‍ठ वकील विकास सिंह हमारा प्रतिनिध‍ित्‍व कर रहे हैं।

बिहार डीजीपी जिस नाचने लगे, वर्दी की गरिमा होती है: राउत
सुशांत केस में पिछले दिनों अपनी बयानबाजी को लेकर निशाने पर रहे शिवसेना सांसद संजय राउत एबीपी से बातचीत में एक बार फिर कुछ ऐसी ही बातें की हैं। उन्होंने कहा, 'बिहार चुनाव की वजह से केस पर राजनीति हो रही है। बिहार के डीजीपी किस बात से इतना खुश हैं जो नाच-नाच कर बता रहे थे। वर्दी की एक गरिमा होती है, उनके हाथ में बस बीजेपी एक झंडा होना बाकी रह गया था। बिहार में क्या कम अपराध हो रहे हैं, हमने वहां के भी बहुत सारे केस देखें हैं जो सीबीआई को ट्रांसफर किए गए। नीतीश कुमार संयमी नेता हैं, लेकिन राजनीति सबका संयम तोड़ देती है। मुंबई पुलिस जांच के लिए पूरी तरह सक्षम थी, इसमें सीबीआई जांच की जरूरत नहीं थी।'

जांच प्रक्रिया को टाला गया और खींचा गया: निरुपम
संजय निरुपम ने इस केस को लेकर बातें करते हुए कहा, 'सुशांत की मौत संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई है और जिस तरह से जांच की प्रक्रिया को टाला गया और खींचा गया, पूरे देश में सीबीआई जांच की मांग हुई और महाराष्ट्र में इसका विरोध हो रहा है...ये सब गलत है।' हालांकि, उन्होंने माना कि मुंबई पुलिस सक्षम पुलिस है और उन्हें उन पर फक्र है।


संबित पात्रा ने इस पूरे मामले पर यह मजेदार ट्वीट किया है।



केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी कोर्ट के इस फैसले का दिल से स्वागत किया है। उन्होंने सुशांत के बारे में बातें करते हुए कहा, 'मुझे यकीन है कि इस निष्पक्ष जांच की शुरुआत के बाद उनकी आत्मा को शांति मिली होगी। मैं न्याय की उम्मीद लिए उनके पिता की हिम्मत और धैर्य की भी दात देता हूं।'

हालांकि, फैसला आने के ठीक बाद जब अनिल देशमुख से सवाल किया गया तो महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, जब हमें इस ऑर्डर की कॉपी मिलेगी, इसके बाद ही इस बारे में हम आपको प्रतिक्रिया देंगे।'



महाराष्ट्र के पूर्व CM देवेन्द्र फडणवीस ने सुशांत केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा, 'राज्य में जिस तरह से सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस को हैंडल किया गया उसपर महाराष्ट्र सरकार को आत्मविश्लेषण करने की जरूरत है।'



सुशांत को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिया के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा है, 'रिया सीबीआई के पास जाएंगी और जांच में सहयोग करेंगी। रिया का मानना है क‍ि सत्य नहीं बदलेगा।'

अब कोर्ट के इस फैसले को महाराष्‍ट्र सरकार चुनौती देना चाहती है और रिव्‍यू प‍िट‍िशन दर्ज करने की बात कही जा रही है। अपनी बात को लेकर महाराष्‍ट्र सरकार अड़ी नजर आ रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में फजीहत के बाद महाराष्ट्र में भी सियासी हलचल नजर आने लगी है। कोर्ट फैसला बाहर आते ही बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख और मुंबई पुलिस कमिश्नर के इस्तीफे की मांग कर दी है।


मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने कहा, 'जब हमें आदेश की कॉपी मिलेगी, हम इसकी जांच करेंगे और तब फैसला करेंगे कि आगे क्या करना है। हमने सुप्रीम कोर्ट में हमारे वकील से ऑर्डर कॉपी भेजने को कहा है।'


सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने कहा- कोर्ट ने हमारी सभी मुद्दों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा- आज का दिन परिवार और फैन्स के लिए बेहद खास है।


आरा से बीजेपी के सांसद आरके सिंह ने कहा- यह मामला बिहार के लोगों की संतुष्टि का है, जो सुशांत के केस में निष्पक्ष जांच की उम्मीद चाहती थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुंबई पुलिस केस की सही तरह से जांच नहीं कर पाई।'

कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने ट्वीट कर कहा है, 'मुंबई पुलिस नाहक प्रतिष्ठा का प्रश्न ना बनाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करें।'

फैसला आने के तुरंत बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर किसी भी तरह के कॉमेंट से साफ इनकार कर दिया था।




सुशांत केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद BJP विधायक राम कदम ने कहा- महाराष्ट्र सरकार पता नहीं किस बड़े आदमी को बचाना चाहती है। अपने अहंकार की वजह से महाराष्ट्र सरकार ने अब तक यह केस सीबीआई को नहीं दिया था, आज उसका अहंकार टूटा है।'


वहीं कोर्ट का यह फैसला सुनते ही सुशांत के अपनों के दिलों में इस केस को लेकर न्याय की उम्मीदें जगने लगी हैं। अंकिता लोखंडे ने न्याय की मूर्ति की एक तस्वीर शेयर की है और लिखा है- सत्य की जीत।


सुशांत को लेकर कोर्ट के इस फैसले पर कंगना रनौत ने भी खुशी जाहिर की है। उन्होंने लिखा है कि कोर्ट के इस फैसले ने लोगों का न्याय में भरोसे को बढ़ा दिया है और देश को यह यकीन दिलाया है कि सुशांत केस में न्याय सामने आएगा।


सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर गुप्‍तेश्‍वर पांडे ने कहा, 'कोर्ट का फैसला बताता है क‍ि ब‍िहार पुलिस सही थी। यह अन्‍याय के ख‍िलाफ जीत है। मुझे आज जजों में साक्षात भगवान दिखाई दे रहे हैं। मैं न्यायमूर्ति को सलाम नहीं करता हूं, साष्टांग प्रणाम करता हूं। मैं बहुत खुश हूं, यह अन्याय के खिलाफ न्याय की जीत है, यह 130 करोड़ लोगों की भावनाओं की जीत है। माननीय न्यायालय ने ज फैसला आज दिया है उससे 130 करोड़ लोगों के मन में जो आस्था थी वह और बढ़ गई है।' रिया ने शीर्ष अदालत में हलफनामा दाखिल कर मीडिया व बिहार सरकार पर निशाना साधा था, जिसके बारे में बिहार डीजीपी ने कहा है, 'बिहार के मुख्यमंत्री पर कॉमेंट करने की औकात रिया चक्रवर्ती की नहीं है।'



इस फैसले के आते ही सुशांत की बहन श्वेता कार्ति सिंह ने ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की है और लिखा- फाइनली सुशांत केस की सीबीआई करेगी जांच।


सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और एमएलए नीरज सिंह बबलू ने कोर्ट के इस फैसले का धन्यवाद किया है और उन सभी का जो इस लड़ाई में परिवार के साथ थे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें सुशांत केस में न्याय मिलकर ही रहेगा।


राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर कहा है, 'मैं इस केस में सीबीआई जांच के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं। यह न्याय की जीत है। हमने 30 जून को सीबीआई जांच की डिमांड की थी, लेकिन बिहार सरकार को जागने में 42 दिन लग गए।'


महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि वह भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की राह देख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ जाने के बाद हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे। '


सुशांत केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा, 'महाराष्ट्र सरकार की वजह से महाराष्ट्र पुलिस की किरकिरी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने साबित किया कि इस देश में न्याय है।'


बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने एएनआई से बातचीत में कहा है, 'हम सभी को सुप्रीम कोर्ट से न्याय (केस को पटना से मुंबई ट्रांसफर करने को लेकर रिया चक्रवर्ती की याचिका) का इंतजार है। पूरा देश जानता है कि मुंबई पुलिस ने इस केस के पीछे कितनी मेहनत की है। बिहार पुलिस न्याय के साथ खड़ा है।'


जेडीयू नेता और मंत्री संजय झा ने भी सवाल उठाया है कि आखिर मुंबई पुलिस इस केस को बंद क्यों करना चाहती थी।


कोर्ट के फैसले से पहले सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भगवान से प्रार्थना की है। श्वेता ने महाभारत की एक तस्वीर पोस्ट कर लिखा है- भगवान हमारे साथ हैं। श्वेता ने महाभारत की उस तस्वीर को शेयर किया है जिसमें रथ भगवान श्रीकृष्ण चला रहे हैं और अर्जुन अपने धनुष की कमान संभाले हैं। श्वेता ने इस पोस्ट में लिखा है- हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलिए! शरणागति।'


लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान ने कहा कि अब न कवेल सच सामने आएगा बल्कि वे नाम भी सामने आएंगे जो इस जांच को नाकाम करने की कोशिश में थे।


कोर्ट के इस फैसले के साथ ही बॉलिवुड के भी स्टार्स सीबीआई जांच को लेकर फैसले पर खुशी जताते हुए ट्वीट करने लगे हैं। अक्षय कुमार ने भी लिखा, 'सच्चाई हमेशा बनी रहे।'


फैसले से पहले बिहार के डीजीपी ने कहा था- पूरे देश को फैसले का इंतजार
कोर्ट का फैसला आने से ठीक पहले बिहार के डीजीपी ने गुप्तेश्वर पांडे ने कहा था, 'पूरा देश आज इस फैसले का इंतजार कर रहा है। देश की सबसे ऊंची अदालत के इस फैसले का इंतजार पूरे देश की 130 करोड़ जनता को है।'


बता दें कि इस मामले में रिया चक्रवर्ती की सुप्रीम कोर्ट में दी गई उस याचिका पर आज बुधवार (19 अगस्‍त) फैसले का इंतजार था जिसमें उन्होंने केस पटना से मुंबई ट्रांसफर की बात कही थी। सुशांत के पिता के के सिंह की पटना में कराई गई एफआईआर के आधार पर सीबीआई ने पहले ही जांच शुरू कर दी थी। हालांकि, महाराष्‍ट्र सरकार ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि यह जांच मुंबई पुलिस को करनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था
इससे पहले कोर्ट की पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें दीं। पिछली सुनवाई में रिया चक्रवर्ती के वकील श्याम दीवान, बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह, महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी, सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह, केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपना-अपना पक्ष रखा था। सभी पक्षों की दलीलें सुनकर रिया चक्रवर्ती की केस ट्रांसफर करने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

रिया चक्रवर्ती ने लिखा- मामले को मुंबई ट्रांसफर किया जाए
मामले में रिया चक्रवर्ती की ओर से भी लिखित दलील पेश की गई थी। इसमें कहा गया कि सुशांत की मौत मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। पटना में दर्ज केस गलत है। यह बिहार पुलिस का जूरिडिक्शन नहीं है और इस तरह सीबीआई को केस ट्रांसफर करना भी सही नहीं है। अपनी लिखित दलील में रिया की ओर से यह भी कहा गया है कि बिहार पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया और केस सीबीआई को दे दिया गया, ये सब बिना जूरिडिक्शन के हुआ है। ऐसे में मामले को मुंबई ट्रांसफर किया जाए।

सीबीआई का है कहना- केस ट्रांसफर की याचिका गलत
सीबीआई की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब दिया गया था। जवाब में कहा गया कि कोर्ट को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपनी जांच जारी रखने देना चाहिए। सीबीआई का कहना था कि केस ट्रांसफर की याचिका गलत है और कई कारणों से खारिज होने के लायक है।

सुशांत के पिता ने कराई थी एफआईआर
गौरतलब है कि सुशांत के पिता ने अपनी एफआईआर में रिया के खिलाफ धोखाधड़ी करने, सुशांत को आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाते हुए एफआईआर कराई थी। इसके बाद रिया ने मांग की थी कि मामले को पटना से मुंबई ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी।

सुशांत की पिता ने कहा था- मुंबई पुलिस की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं
वहीं, सुशांत के पिता की ओर से दाखिल लिखित दलील में कहा गया था कि मुंबई पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जबकि पटना में केस दर्ज होने के बाद 10 लोगों से पूछताछ हुई है। शुरुआती जांच में जूरिडिक्शन का सवाल नहीं उठाया जाता है और मुंबई पुलिस की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है। शिकायती ने कहा था कि मुंबई पुलिस ने मामले की छानबीन सही तरह से नहीं की है। ऐसे में पटना पुलिस का इस मामले में पूरा जूरिडिक्शन बनता है। सुशांत जब जिंदा था, तब भी संदिग्ध आरोपियों ने उसे पिता से बात नहीं करने दी। ऐसे में क्राइम का जूरिडिक्शन पटना का बनता है।

महाराष्‍ट्र और बिहार सरकार आमने-सामने
पटना में दर्ज केस पर महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट में जवाब दिया था कि यह गलत मंशा से दर्ज किया गया केस है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से यह भी कहा गया था कि सीबीआई को केस ट्रांसफर किया जाना सही नहीं है। सरकार की ओर से आरोप लगाया गया कि बिहार में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है। चुनाव बीतते ही सब भूल जाएंगे। दूसरी तरफ, बिहार सरकार ने पटना में दर्ज केस को सही बताते हुए दलील दी कि मुंबई पुलिस राजनीतिक दबाव में है और इसी कारण अभी तक मुंबई में इस मामले में केस तक दर्ज नहीं हुआ है। बिहार सरकार की तरफ से कहा गया कि सीबीआई जांच जल्दी से जल्दी पूरी होनी चाहिए। सीबीआई की जांच में कोई बाधा डालने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।

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